भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ Questions and Answers Part 2 | Indian Constitutional Development MCQ in Hindi

 

भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ Questions and Answers Part 2  | Indian Constitutional Development MCQ in Hindi

भारत का संवैधानिक विकास एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से लेकर 1858 के भारत शासन अधिनियम तक कई महत्वपूर्ण कानूनों और अधिनियमों ने भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को आकार दिया। इस पोस्ट में संवैधानिक विकास के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं, जो UPSC, SSC, Railway, Banking, State PCS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

                                                  

Q51. भारत में विभागीय प्रणाली या मंत्रिमंडलीय व्यवस्था की शुरुआत किस वाइसराय द्वारा की गई थी?

(A) लॉर्ड डलहौजी

(B) लॉर्ड कैनिंग

(C) लॉर्ड मिन्टो

(D) लॉर्ड कर्जन

उत्तर: (B)

व्याख्या: वाइसराय लॉर्ड कैनिंग ने भारत में प्रशासनिक सुगमता के लिए पहली बार विभागीय प्रणाली (पोर्टफोलियो सिस्टम) की नींव रखी थी। उनके इस प्रशासनिक प्रयोग को 1861 के भारतीय परिषद् अधिनियम द्वारा वैधानिक मान्यता और सुरक्षा प्रदान की गई।

Q52. किस अधिनियम द्वारा वाइसराय को आपातकाल में विधान परिषद् की अनुमति के बिना 'अध्यादेश' (Ordinance) जारी करने की शक्ति दी गई?

(A) 1858 का अधिनियम

(B) 1861 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(C) 1892 का अधिनियम

(D) 1919 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1861 के अधिनियम के तहत वाइसराय को यह असाधारण अधिकार दिया गया कि वह संकटकाल या आपातकाल में विधान परिषद् की सलाह या मंजूरी के बिना भी सीधे 'अध्यादेश' जारी कर सकता था। वाइसराय द्वारा जारी इस अध्यादेश की अवधि अधिकतम 6 माह की होती थी।

Q53. वाइसराय द्वारा जारी अध्यादेश की वैधता अधिकतम कितने समय के लिए निर्धारित की गई थी?

(A) 3 महीने

(B) 6 महीने

(C) 1 वर्ष

(D) 2 वर्ष

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1861 के परिषद् अधिनियम के अनुसार, वाइसराय द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में जारी किए गए किसी भी अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) की प्रभावशीलता या कानूनी अवधि अधिकतम '6 महीने' की होती थी। इसके बाद उसे नियमित कानून बनाने के लिए परिषद् की स्वीकृति आवश्यक होती थी।

Q54. किस अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश भारत में 'विकेंद्रीकरण' (Decentralization) की प्रक्रिया की शुरुआत हुई?

(A) 1833 का चार्टर एक्ट

(B) 1853 का चार्टर एक्ट

(C) 1861 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(D) 1909 का अधिनियम

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1833 के एक्ट से शुरू हुई केंद्रीयकरण की नीति को पलटते हुए 1861 के अधिनियम द्वारा 'विकेंद्रीकरण' की शुरुआत की गई। इसके तहत बम्बई और मद्रास की प्रांतीय सरकारों को पुनः अपने प्रांतों के लिए कानून बनाने और उनमें संशोधन करने का वैधानिक अधिकार वापस लौटा दिया गया था।

Q55. 1861 के अधिनियम के तहत वाइसराय लॉर्ड कैनिंग ने वर्ष 1862 में किन तीन भारतीयों को विधान परिषद् में मनोनीत किया था?

(A) बनारस के राजा, पटियाला के महाराजा और सर दिनकर राव

(B) बाल गंगाधर तिलक, दादाभाई नौरोजी और गोखले

(C) सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा, सैयद हुसैन और आगा खां

(D) राजा राममोहन राय, द्वारकानाथ और प्रसेनजित

उत्तर: (A)

व्याख्या: लॉर्ड कैनिंग ने कानून बनाने की प्रक्रिया में भारतीयों को शामिल करने की नीति के तहत 1862 में तीन भारतीयों—बनारस के राजा, पटियाला के महाराजा और सर दिनकर राव को नवगठित केंद्रीय विधान परिषद् में गैर-सरकारी सदस्यों के रूप में मनोनीत किया था।

Q56. 1861 के अधिनियम के अनुसार वाइसराय की विधान परिषद् में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या न्यूनतम और अधिकतम कितनी तय की गई थी?

(A) न्यूनतम 4, अधिकतम 8

(B) न्यूनतम 6, अधिकतम 12

(C) न्यूनतम 10, अधिकतम 16

(D) न्यूनतम 16, अधिकतम 60

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम के तहत वाइसराय की कार्यकारी परिषद् का विस्तार करते हुए कानून निर्माण के लिए अतिरिक्त सदस्यों की संख्या कम-से-कम 6 और अधिक-से-अधिक 12 निश्चित की गई थी। इनमें से आधे सदस्यों का गैर-सरकारी (भारतीय या यूरोपीय) होना अनिवार्य था।

Q57. 1861 के अधिनियम के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?

(A) प्रांतीय और केंद्रीय विषयों में कोई भेद नहीं किया गया था

(B) बजट पर बहस करने का पूर्ण अधिकार मिला

(C) भारतीयों को चुनाव का अधिकार मिला

(D) वाइसराय के अधिकार पूरी तरह समाप्त कर दिए गए

उत्तर: (A)

व्याख्या: 1861 के अधिनियम की एक मुख्य सीमा यह थी कि इसमें प्रांतीय विषयों और केंद्रीय विषयों के बीच स्पष्ट रूप से कोई विभाजन या कानूनी भेदभाव नहीं किया गया था। वाइसराय की अनुमति के बिना प्रांतीय परिषदें भी कोई बड़ा वित्तीय कानून पारित नहीं कर सकती थीं।


Q58. 1865 के अधिनियम द्वारा गवर्नर-जनरल को किन क्षेत्रों की विधायी सीमाओं को निश्चित करने और बदलने का अधिकार मिला?

(A) केवल ब्रिटेन के क्षेत्रों का

(B) प्रेसीडेंसियों तथा प्रांतों की सीमाओं को

(C) केवल रियासतों के आंतरिक मामलों का

(D) समुद्री व्यापारिक सीमाओं का

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1865 के अधिनियम के द्वारा गवर्नर-जनरल की विधायी शक्तियों में और वृद्धि की गई। उसे ब्रिटिश भारत की विभिन्न प्रेसीडेंसियों तथा प्रांतों की भौगोलिक सीमाओं को निश्चित करने, उन्हें बदलने तथा नए प्रशासनिक क्षेत्रों का गठन करने का पूर्ण अधिकार सौंपा गया था।

Q59. किस एक्ट के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि ईस्ट इंडिया कंपनी (E.I.C.) को किसी भी समय भंग किया जा सकता है?

(A) 1861 का अधिनियम

(B) 1865 का अधिनियम

(C) 1873 का चार्टर एक्ट

(D) 1892 का अधिनियम

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1873 के एक विशेष अधिनियम के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने यह औपचारिक घोषणा की कि ईस्ट इंडिया कंपनी को किसी भी समय पूरी तरह भंग या समाप्त किया जा सकता है। चूंकि कंपनी के व्यापारिक और राजनीतिक कार्य पहले ही समाप्त हो चुके थे, इसलिए यह केवल एक औपचारिक कानूनी कदम था।

Q60. ईस्ट इंडिया कंपनी (E.I.C.) को आधिकारिक रूप से किस तिथि को पूर्णतः भंग कर दिया गया था?

(A) 1 नवंबर 1858

(B) 1 जनवरी 1874

(C) 28 अप्रैल 1876

(D) 1 जनवरी 1892

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1873 के अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही 1 जनवरी 1874 को ईस्ट इंडिया कंपनी को पूरी तरह और आधिकारिक रूप से हमेशा के लिए भंग कर दिया गया। इसके बाद भारत में कंपनी का नामोनिशान कानूनी रूप से समाप्त हो गया।

Q61. 1869 के अधिनियम द्वारा गवर्नर-जनरल को किन नागरिकों के संबंध में कानून बनाने का विशेष अधिकार दिया गया था?

(A) केवल ब्रिटिश सैनिकों के लिए

(B) विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के संबंध में

(C) केवल रियासतों के राजाओं के लिए

(D) पुर्तगाली व्यापारियों के लिए

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1869 के एक लघु अधिनियम के द्वारा भारत के गवर्नर-जनरल को यह अतिरिक्त विधायी शक्ति दी गई कि वह ब्रिटिश भारत की सीमाओं से बाहर या विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भी आवश्यक कानून और नियम बना सकता था।

Q62. 'शाही उपाधि अधिनियम' (Royal Titles Act) किस वर्ष पारित किया गया था?

(A) 1861 ई.

(B) 1873 ई.

(C) 1876 ई.

(D) 1892 ई.

उत्तर: (C)

व्याख्या: ब्रिटिश राजघराने और भारत के संबंधों को और अधिक स्पष्ट तथा औपचारिक बनाने के लिए वर्ष 1876 में ब्रिटिश संसद द्वारा 'शाही उपाधि अधिनियम' पारित किया गया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित करना था।

Q63. शाही उपाधि अधिनियम के तहत महारानी विक्टोरिया को किस तिथि को आधिकारिक रूप से भारत की सम्राज्ञी घोषित किया गया?

(A) 1 जनवरी 1874

(B) 28 अप्रैल 1876

(C) 1 मई 1876

(D) 1 जनवरी 1877

उत्तर: (B)

व्याख्या: 28 अप्रैल 1876 को एक शाही घोषणा के माध्यम से ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को 'भारत की सम्राज्ञी' (Empress of India) घोषित किया गया था। इसके सम्मान में बाद में जनवरी 1877 में दिल्ली दरबार का आयोजन भी वाइसराय लॉर्ड लिटन द्वारा किया गया था।

Q64. 1876 के अधिनियम द्वारा वाइसराय की कार्यकारिणी परिषद् में छठे सदस्य की नियुक्ति कर उसे कौन सा विभाग सौंपा गया था?

(A) सैन्य विभाग

(B) वित्त विभाग

(C) लोक निर्माण (P.W.D.) विभाग

(D) विधि विभाग

उत्तर: (C)

व्याख्या: शाही उपाधि अधिनियम 1876 के तहत वाइसराय की केंद्रीय कार्यकारिणी परिषद् में एक छठे सदस्य की स्थायी नियुक्ति की गई। इस नए सदस्य को 'लोक निर्माण' (Public Works Department - PWD) का कार्य और उत्तरदायित्व आधिकारिक रूप से सौंपा गया था।


Q65. किस अधिनियम को भारत में 'अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली' (Indirect Election System) की शुरुआत का माध्यम माना जाता है?

(A) 1861 का अधिनियम

(B) 1892 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(C) 1909 का अधिनियम

(D) 1919 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1892 के भारतीय परिषद् अधिनियम के द्वारा भारत में सीमित और अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव प्रणाली की शुरुआत हुई। यद्यपि 'चुनाव' शब्द का प्रयोग इस कानून में सीधे नहीं किया गया था, परंतु गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

Q66. 1892 के भारतीय परिषद् अधिनियम द्वारा भारत में किस प्रकार की शासन व्यवस्था की प्रारंभिक शुरुआत हुई?

(A) अध्यक्षीय शासन

(B) आंशिक रूप से संसदीय शासन

(C) पूर्ण तानाशाही शासन

(D) कबीलाई शासन

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम के माध्यम से भारत में आंशिक रूप से संसदीय शासन व्यवस्था और बजटीय समीक्षा की शुरुआत हुई। परिषदों में सदस्यों को प्रश्न पूछने और सरकार की आर्थिक नीतियों पर विचार व्यक्त करने का मौका मिला, जो संसदीय लोकतंत्र का आधार है।

Q67. किस अधिनियम द्वारा भारतीय सदस्यों को वार्षिक बजट (Budget) पर बहस करने और प्रश्न पूछने का अधिकार मिला?

(A) 1861 का अधिनियम

(B) 1892 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(C) 1909 का अधिनियम

(D) 1858 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1892 के अधिनियम ने भारतीय परिषद के सदस्यों की शक्तियों में वृद्धि करते हुए उन्हें वार्षिक बजट पर विचार-विमर्श करने, बहस करने तथा जनहित के मुद्दों पर कार्यपालिका से सीमित प्रश्न पूछने का कानूनी अधिकार प्रदान किया।

Q68. 1892 के अधिनियम के तहत बजट पर प्रश्न पूछने का अधिकार तो मिला, परंतु कौन सा मुख्य अधिकार नहीं दिया गया था?

(A) प्रश्न पूछने का

(B) पूरक प्रश्न (Supplementary Questions) पूछने और मतदान का अधिकार

(C) बैठक में बैठने का

(D) भाषण देने का

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम की एक बड़ी कमी यह थी कि भारतीय सदस्यों को बजट या किसी नीति पर 'पूरक प्रश्न' (क्रॉस क्वेश्चन) पूछने की अनुमति नहीं थी और न ही उन्हें बजट पर मतदान (Vote) करने का अधिकार दिया गया था।

Q69. 1892 के अधिनियम द्वारा केंद्रीय विधान परिषद् में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम और अधिकतम कितनी की गई?

(A) न्यूनतम 6, अधिकतम 12

(B) न्यूनतम 10, अधिकतम 16

(C) न्यूनतम 16, अधिकतम 60

(D) न्यूनतम 20, अधिकतम 100

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1892 के अधिनियम के माध्यम से केंद्रीय विधान परिषद् में अतिरिक्त सदस्यों (गैर-सरकारी) की संख्या को बढ़ाया गया। अब इस संख्या को न्यूनतम 10 और अधिकतम 16 निर्धारित किया गया था, जिससे परिषद का ढांचा पहले से बड़ा हुआ।


Q70. 'मॉर्ले-मिन्टो सुधार अधिनियम' किस वर्ष के भारत परिषद् अधिनियम को कहा जाता है?

(A) 1892 का अधिनियम

(B) 1909 का अधिनियम

(C) 1919 का अधिनियम

(D) 1935 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: वर्ष 1909 में पारित किए गए भारतीय परिषद् अधिनियम को इतिहास में 'मॉर्ले-मिन्टो सुधार' के नाम से जाना जाता है। यह अधिनियम भारत में संवैधानिक सुधारों के नाम पर लाया गया था, परंतु इसका मुख्य छिपा हुआ उद्देश्य राष्ट्रीय आंदोलन को कमजोर करना था।

Q71. 1909 के अधिनियम के समय 'लॉर्ड मॉर्ले' और 'लॉर्ड मिन्टो' क्रमशः किन पदों पर आसीन थे?

(A) वाइसराय और भारत सचिव

(B) भारत सचिव और भारत के वाइसराय

(C) बंगाल के गवर्नर और प्रधानमंत्री

(D) सेना प्रमुख और गृह मंत्री

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम के निर्माण के समय लॉर्ड मॉर्ले इंग्लैंड में 'भारत सचिव' (राज्य सचिव) के पद पर थे, जबकि लॉर्ड मिन्टो भारत में तत्कालीन 'वाइसराय' के पद पर कार्यरत थे। इन्हीं दोनों के नामों को मिलाकर इसे मॉर्ले-मिन्टो सुधार कहा गया।

Q72. 1909 का अधिनियम किस ब्रिटिश समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था?

(A) मैकाले समिति

(B) सर अरुंडेल समिति (Arundale Committee)

(C) हंटर समिति

(D) साइमन कमीशन

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1909 का भारतीय परिषद् अधिनियम मुख्य रूप से 'सर अरुंडेल समिति' की विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया था। यह समिति भारत में राजनीतिक असंतोष को शांत करने और शासन व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने के लिए गठित हुई थी।

Q73. किस अधिनियम की अंतर्निहित नीति को ब्रिटिश सरकार की 'फूट डालो और राज करो' (Divide and Rule) की नीति का आधार माना जाता है?

(A) 1861 का अधिनियम

(B) 1892 का अधिनियम

(C) 1909 का मॉर्ले-मिन्टो सुधार अधिनियम

(D) 1919 का अधिनियम

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1909 का अधिनियम पूरी तरह 'फूट डालो और राज करो' की कुटिल ब्रिटिश नीति पर आधारित था। इसके माध्यम से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच राजनीतिक खाई पैदा करने का वैधानिक प्रयास किया गया, जिसने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी।

Q74. भारत में 'साम्प्रदायिकता का जनक' (Father of Communal Electorate) किसे माना जाता है?

(A) लॉर्ड मॉर्ले

(B) लॉर्ड मिन्टो ( तत्कालीन वाइसराय)

(C) लॉर्ड कर्जन

(D) लॉर्ड डलहौजी

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1909 के अधिनियम में साम्प्रदायिक निर्वाचन प्रणाली लागू करने के कारण तत्कालीन भारतीय वाइसराय लॉर्ड मिन्टो को भारत में 'साम्प्रदायिकता का जनक' कहा जाता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग को वैधानिक स्वीकृति दी थी।

Q75. किस अधिनियम के द्वारा भारत में पहली बार 'मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र' (Separate Electorate) की व्यवस्था की गई?

(A) 1892 का अधिनियम

(B) 1909 का भारत परिषद् अधिनियम

(C) 1919 का अधिनियम

(D) 1935 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1909 के अधिनियम की सबसे घातक विशेषता यह थी कि इसके तहत 'मुसलमानों के लिए पृथक मताधिकार और पृथक निर्वाचन क्षेत्रों' की कानूनी व्यवस्था की गई। इसके तहत मुस्लिम उम्मीदवारों का चुनाव केवल मुस्लिम मतदाता ही कर सकते थे।

Q76. किस अधिनियम द्वारा केंद्रीय और प्रांतीय विधानमंडलों के सदस्यों को 'पूरक प्रश्न' पूछने और बजट पर संकल्प रखने का अधिकार मिला?

(A) 1892 का अधिनियम

(B) 1909 का अधिनियम

(C) 1919 का अधिनियम

(D) 1861 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1892 की कमियों को दूर करते हुए 1909 के अधिनियम द्वारा भारतीय सदस्यों को विधानमंडलों में बजट पर सामान्य चर्चा के साथ-साथ 'पूरक प्रश्न' (Supplementary Questions) पूछने और बजट पर स्थानीय संकल्प (Resolutions) प्रस्तुत करने का अधिकार दिया गया।

Q77. वाइसराय की कार्यकारिणी परिषद् (Executive Council) में शामिल होने वाले प्रथम भारतीय सदस्य कौन थे?

(A) सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा

(B) सैयद हुसैन बिलग्रामी

(C) के.जी. गुप्ता

(D) दादाभाई नौरोजी

उत्तर: (A)

व्याख्या: 1909 के अधिनियम के तहत पहली बार किसी भारतीय को वाइसराय की कार्यकारिणी परिषद् में स्थान दिया गया। इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले भारतीय 'सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा' (S.P. Sinha) थे, जिन्हें परिषद् में 'विधि सदस्य' के रूप में शामिल किया गया था।

Q78. 1909 के सुधारों के तहत इंग्लैंड स्थित 'भारत परिषद्' (India Council) में नियुक्त होने वाले दो भारतीय कौन थे?

(A) एस.पी. सिन्हा और आगा खां

(B) के.जी. गुप्ता और सैयद हुसैन बिलग्रामी

(C) गोपाल कृष्ण गोखले और मदन मोहन मालवीय

(D) महात्मा गांधी और नेहरू

उत्तर: (B)

व्याख्या: वाइसराय की कार्यकारिणी के साथ-साथ इंग्लैंड में स्थित 'भारत परिषद्' (इंडिया काउंसिल) में भी पहली बार दो भारतीयों की नियुक्ति की गई, जिनके नाम क्रमशः 1. के.जी. गुप्ता (K.G. Gupta) और 2. सैयद हुसैन बिलग्रामी थे।

Q79. 1909 के अधिनियम द्वारा केंद्रीय विधान परिषद् में सदस्यों की संख्या 16 से बढ़ाकर अधिकतम कितनी कर दी गई थी?

(A) 30

(B) 50

(C) 60

(D) 100

उत्तर: (C)

व्याख्या: इस अधिनियम के द्वारा केंद्रीय विधान परिषद् का व्यापक विस्तार किया गया और अतिरिक्त सदस्यों की संख्या को सीधे 16 से बढ़ाकर अधिकतम '60' कर दिया गया था। हालांकि, इसमें सरकारी अधिकारियों का बहुमत अभी भी बनाए रखा गया था।

Q80. ब्रिटिश भारत के इतिहास में सबसे कम समय तक चलने वाला अधिनियम कौन सा था?

(A) 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट

(B) 1861 का अधिनियम

(C) 1909 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(D) 1919 का अधिनियम

उत्तर: (C)

व्याख्या: ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में किए गए सभी संवैधानिक प्रयोगों और अधिनियमों में से सबसे कम समय तक चलने वाला कानून '1909 का भारतीय परिषद् अधिनियम' था। इसके साम्प्रदायिक स्वरूप के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और देश की जनता ने इसका तीव्र विरोध किया था।

Q81. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस वर्ष ब्रिटिश सरकार से मांग की थी कि परिषदों में निर्वाचित सदस्य होने चाहिए और उन्हें बजट पर बहस का हक मिले?

(A) 1885 ई.

(B) 1892 ई.

(C) 1906 ई.

(D) 1909 ई.

उत्तर: (A)

व्याख्या: अपनी स्थापना के वर्ष अर्थात 1885 में ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह प्रमुख प्रस्ताव पारित किया था कि देश की विधान परिषदों में भारतीयों के निर्वाचित सदस्य होने चाहिए और उन्हें वार्षिक बजट पर व्यापक चर्चा करने तथा प्रश्न पूछने का अधिकार मिलना चाहिए।

Q82. गवर्नर-जनरल और उनकी काउंसिल ने कांग्रेस की मांगों को स्वीकार करते हुए किस वर्ष निर्वाचित प्रतिनिधित्व की व्यवस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी?

(A) 1885 ई.

(B) 1892 ई.

(C) 1909 ई.

(D) 1919 ई.

उत्तर: (C)

व्याख्या: कांग्रेस और राष्ट्रवादी नेताओं के निरंतर दबाव के कारण अंततः वर्ष 1909 में तत्कालीन गवर्नर-जनरल और उनकी काउंसिल ने कुछ हद तक 'निर्वाचित प्रतिनिधित्व' की व्यवस्था लागू करने को अपनी अंतिम और वैधानिक मंजूरी प्रदान कर दी थी।


Q83. 'मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार अधिनियम' किस वर्ष के भारत शासन अधिनियम को कहा जाता है?

(A) 1909 का अधिनियम

(B) 1919 का अधिनियम

(C) 1935 का अधिनियम

(D) 1947 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: वर्ष 1919 में पारित किए गए भारत शासन अधिनियम को 'मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार' के नाम से जाना जाता है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में क्रमिक रूप से उत्तरदायी सरकार की स्थापना करना था, जो ब्रिटिश सरकार की घोषणाओं के अनुरूप था।

Q84. किस अधिनियम में पहली बार 'उत्तरदायी शासन' (Responsible Government) शब्द का स्पष्ट प्रयोग किया गया था?

(A) 1892 का अधिनियम

(B) 1909 का अधिनियम

(C) 1919 का भारत शासन अधिनियम

(D) 1935 का अधिनियम

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1919 के अधिनियम की प्रस्तावना में ब्रिटिश सरकार द्वारा पहली बार आधिकारिक और वैधानिक रूप से 'उत्तरदायी शासन' शब्द का स्पष्ट प्रयोग किया गया था। इसमें यह वादा किया गया था कि भारत को ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर धीरे-धीरे स्वशासन के अधिकार दिए जाएंगे।

Q85. किस अधिनियम के द्वारा केंद्र में पहली बार 'द्विसदनीय विधायिका' (Bicameral Legislature) की स्थापना की गई थी?

(A) 1909 का अधिनियम

(B) 1919 का भारत शासन अधिनियम

(C) 1935 का अधिनियम

(D) 1947 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1919 के अधिनियम के द्वारा केंद्रीय स्तर पर पहली बार एक 'द्विसदनीय विधानमंडल' का गठन किया गया। इसके तहत केंद्रीय विधान परिषद् का स्थान दो सदनों—1. राज्य परिषद् (Council of State) और 2. केंद्रीय विधानसभा (Legislative Assembly) ने ले लिया था।

Q86. 1919 के अधिनियम के तहत गठित 'राज्य परिषद्' (उच्च सदन) का कार्यकाल कितने वर्ष का निर्धारित था?

(A) 3 वर्ष

(B) 5 वर्ष

(C) 6 वर्ष

(D) 2 वर्ष

उत्तर: (B)

व्याख्या: द्विसदनीय व्यवस्था के अंतर्गत जो उच्च सदन बनाया गया था, उसे 'राज्य परिषद्' (Council of State) कहा जाता था। इस राज्य परिषद् का कार्यकाल '5 वर्ष' का निश्चित किया गया था और इसमें देश के विशिष्ट तथा प्रबुद्ध नागरिकों को प्रतिनिधित्व दिया जाता था।

Q87. 1919 के अधिनियम के तहत 'राज्य परिषद्' में कुल कितने सदस्य निर्धारित किए गए थे?

(A) 50 सदस्य

(B) 60 सदस्य

(C) 100 सदस्य

(D) 145 सदस्य

उत्तर: (B)

व्याख्या: उच्च सदन यानी राज्य परिषद् में कुल सदस्यों की संख्या '60' तय की गई थी। इन 60 सदस्यों में से 34 सदस्यों का विभिन्न क्षेत्रों से निर्वाचित होकर आना अनिवार्य था, जबकि शेष 26 सदस्यों को वाइसराय द्वारा मनोनीत किया जाता था।

Q88. 1919 के सुधारों के अनुसार राज्य परिषद् के 60 सदस्यों में से कितने निर्वाचित और कितने मनोनीत सदस्य होते थे?

(A) 30 निर्वाचित व 30 मनोनीत

(B) 34 निर्वाचित व 26 मनोनीत

(C) 40 निर्वाचित व 20 मनोनीत

(D) 45 निर्वाचित व 15 मनोनीत

उत्तर: (B)

व्याख्या: राज्य परिषद् के कुल 60 सदस्यों की आंतरिक संरचना के अनुसार, इनमें से '34 सदस्य निर्वाचित' (जनता या विशेष वर्गों द्वारा चुने गए) होते थे, जबकि शेष '26 सदस्य मनोनीत' (सरकारी अधिकारी या गैर-सरकारी विशिष्ट व्यक्ति) रखे जाते थे।

Q89. 1919 के अधिनियम के तहत गठित 'केंद्रीय विधानसभा' (निम्न सदन) का कार्यकाल कितने वर्ष का था?

(A) 3 वर्ष

(B) 5 वर्ष

(C) 4 वर्ष

(D) 6 वर्ष

उत्तर: (A)

व्याख्या: द्विसदनीय केंद्रीय विधायिका के निम्न सदन को 'केंद्रीय विधानसभा' (Legislative Assembly) कहा जाता था। इस सदन का सामान्य कार्यकाल '3 वर्ष' का निर्धारित किया गया था, हालांकि वाइसराय को इसे समय से पहले भंग करने या बढ़ाने का अधिकार था।

Q90. 1919 के भारत शासन अधिनियम के तहत 'केंद्रीय विधानसभा' में कुल सदस्यों की संख्या कितनी निश्चित की गई थी?

(A) 60 सदस्य

(B) 100 सदस्य

(C) 145 सदस्य

(D) 250 सदस्य

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1919 के अधिनियम के द्वारा केंद्रीय विधानसभा को अधिक व्यापक और प्रतिनिधिमूलक बनाने के लिए इसके कुल सदस्यों की संख्या '145' निश्चित की गई थी, जो पूर्व की संख्या से काफी अधिक थी।

Q91. केंद्रीय विधानसभा के कुल 145 सदस्यों में से कितने सदस्य निर्वाचित और कितने सदस्य मनोनीत होते थे?

(A) 104 निर्वाचित व 41 मनोनीत

(B) 100 निर्वाचित व 45 मनोनीत

(C) 110 निर्वाचित व 35 मनोनीत

(D) 120 निर्वाचित व 25 मनोनीत

उत्तर: (A)

व्याख्या: केंद्रीय विधानसभा के कुल 145 सदस्यों के विभाजन के अनुसार, इनमें से '104 सदस्य निर्वाचित' होते थे (जो विभिन्न साम्प्रदायिक और विशेष निर्वाचन मंडलों से आते थे)। जबकि शेष '41 सदस्य मनोनीत' श्रेणी के अंतर्गत रखे गए थे।

Q92. किस अधिनियम द्वारा प्रांतीय स्तर पर शासन व्यवस्था को दो भागों में विभाजित कर 'द्वैध शासन' (Dyarchy) लागू किया गया?

(A) 1909 का अधिनियम

(B) 1919 का भारत शासन अधिनियम

(C) 1935 का अधिनियम

(D) 1861 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1919 के अधिनियम की सबसे मुख्य विशेषता प्रांतों में 'द्वैध शासन' (डायरकी) की स्थापना करना था। इसके तहत प्रांतीय विषयों को दो वर्गों—'आरक्षित विषय' (Reserved) और 'हस्तांतरित विषय' (Transferred) में विभाजित कर दिया गया था।

Q93. किस अधिनियम के द्वारा भारत में पहली बार महिलाओं को भी 'मताधिकार' (Right to Vote) प्रदान किया गया?

(A) 1909 का अधिनियम

(B) 1919 का भारत शासन अधिनियम

(C) 1935 का अधिनियम

(D) 1947 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1919 के अधिनियम द्वारा भारत के संवैधानिक इतिहास में पहली बार महिलाओं को भी सीमित रूप से मतदान करने का वैधानिक अधिकार (मताधिकार) दिया गया था। हालांकि, यह मताधिकार संपत्ति, कर और शिक्षा की कड़ी शर्तों पर आधारित था।


Q94. 1774 में कोलकाता में स्थापित उच्चतम न्यायालय का मुख्य कार्यक्षेत्र क्या निर्धारित था?

(A) केवल बम्बई

(B) कलकत्ता के भीतर रहने वाले सभी नागरिक और कंपनी के अधीन कर्मचारी

(C) संपूर्ण एशिया

(D) केवल मद्रास प्रांत

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत 1774 में बने सुप्रीम कोर्ट का प्राथमिक अधिकार क्षेत्र कलकत्ता (कोलकाता) के नागरिक और ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी थे। अन्य क्षेत्रों के मामले केवल दोनों पक्षों की सहमति पर ही सुने जा सकते थे।

Q95. 1784 के पिट्स इण्डिया एक्ट के तहत गठित 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' में कुल कितने सदस्य ब्रिटिश सम्राट द्वारा नियुक्त होते थे?

(A) 4 सदस्य

(B) 6 सदस्य

(C) 8 सदस्य

(D) 12 सदस्य

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1784 के अधिनियम के अनुसार राजनीतिक नियंत्रण के लिए इंग्लैंड में जो बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया गया था, वह मूल रूप से 6 सदस्यीय मण्डल था। इसकी नियुक्ति और बर्खास्तगी का पूर्ण अधिकार सीधे ब्रिटिश सम्राट के पास होता था।

Q96. किस अधिनियम ने भारतीय राजस्व का उपयोग ब्रिटिश गृह सरकार (Home Government) के खर्चों के लिए वैधानिक कर दिया था?

(A) 1773 का अधिनियम

(B) 1793 का चार्टर अधिनियम

(C) 1813 का अधिनियम

(D) 1853 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1793 के चार्टर अधिनियम ने यह कठोर व्यवस्था दी कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल के ब्रिटिश अधिकारियों का पूरा वेतन भारतीय राजस्व से ही काटा जाएगा। इसने भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक बड़ा अतिरिक्त बोझ डाला था।

Q97. 1813 के चार्टर एक्ट के तहत चीन के साथ व्यापारिक एकाधिकार रखने के पीछे ब्रिटिश सरकार का मुख्य तर्क क्या था?

(A) कंपनी के भारी कर्ज और वित्तीय हितों की रक्षा करना

(B) चीन से युद्ध रोकना

(C) भारतीय व्यापार बढ़ाना

(D) मिशनरियों को रोकना

उत्तर: (A)

व्याख्या: 1813 में यद्यपि ब्रिटिश व्यापारियों के दबाव में भारतीय व्यापार को खोला गया था, लेकिन कंपनी के वित्तीय नुकसान की भरपाई और उसके व्यावसायिक अस्तित्व को बचाने के लिए 'चाय और चीन के व्यापार' पर उसका एकाधिकार जारी रखा गया था।

Q98. 1833 के अधिनियम द्वारा संपूर्ण ब्रिटिश भारत के लिए कानून बनाने की एकमात्र शक्ति किसे सौंप दी गई थी?

(A) केवल ब्रिटिश संसद को

(B) गवर्नर-जनरल इन काउंसिल (भारत के गवर्नर-जनरल) को

(C) प्रांतीय गवर्नरों को

(D) कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर अधिनियम द्वारा प्रांतीय सरकारों (बम्बई और मद्रास) की कानून बनाने की स्वतंत्र शक्ति को पूरी तरह छीन लिया गया। अब पूरे देश के लिए केवल 'भारत के गवर्नर-जनरल' की परिषद को ही विधि निर्माण का एकमात्र और सर्वोच्च अधिकार प्राप्त था।

Q99. 1853 के चार्टर एक्ट के तहत गठित केंद्रीय विधान परिषद् में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व (Local Representation) के सिद्धांत को किस प्रकार लागू किया गया?

(A) प्रांतीय सरकारों के 4 सदस्यों को शामिल करके

(B) राजाओं को शामिल करके

(C) चुनावों द्वारा

(D) जमींदारों द्वारा

उत्तर: (A)

व्याख्या: 1853 के अधिनियम में विधायी कार्यों के लिए जो 6 नए सदस्य जोड़े गए थे, उनमें बम्बई, मद्रास, बंगाल और आगरा की स्थानीय (प्रांतीय) सरकारों द्वारा मनोनीत 4 अधिकारी शामिल थे, जो क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की पहली वैधानिक शुरुआत थी।

Q100. निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने भारत में एक 'धर्मनिरपेक्ष' सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली की वास्तविक वैधानिक नींव रखी थी?

(A) 1813 का एक्ट

(B) 1833 का चार्टर एक्ट (धारा 87) और 1853 का एक्ट (खुली प्रतियोगिता)

(C) 1861 का अधिनियम

(D) 1909 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर एक्ट की योग्यता संबंधी घोषणा और 1853 के एक्ट द्वारा शुरू की गई खुली प्रतियोगिता परीक्षा ने मिलकर भारत में जाति, धर्म या जन्मस्थान के भेदभाव के बिना मेरिट के आधार पर सिविल सेवकों के चयन की आधुनिक और स्थायी नींव रखी थी।

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