भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ Questions and Answers Part 1 | Indian Constitutional Development MCQ in Hindi

 भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ Questions and Answers Part 1  | Indian Constitutional Development MCQ in Hindi

भारत का संवैधानिक विकास एक लंबी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से लेकर 1858 के भारत शासन अधिनियम तक कई महत्वपूर्ण कानूनों और अधिनियमों ने भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को आकार दिया। इस पोस्ट में संवैधानिक विकास के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं, जो UPSC, SSC, Railway, Banking, State PCS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।



Q1. 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के गवर्नर को क्या नाम दिया गया?

(A) बंगाल का वाइसराय

(B) बंगाल का गवर्नर-जनरल

(C) भारत का गवर्नर-जनरल

(D) कंपनी का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के गवर्नर को अब 'गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया। इसके तहत मद्रास एवं बम्बई के गवर्नरों को बंगाल के गवर्नर-जनरल के अधीन कर दिया गया था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कंपनी के वाणिज्यिक और प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित करना था।

Q2. रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत बंगाल का प्रथम गवर्नर-जनरल किसे बनाया गया था?

(A) लॉर्ड क्लाइव

(B) लॉर्ड कॉर्नवालिस

(C) लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स

(D) लॉर्ड विलियम बेंटिक

उत्तर: (C)

व्याख्या: इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत लॉर्ड वारेन हेस्टिंग्स को बंगाल का पहला गवर्नर-जनरल नियुक्त किया गया था। इनके अधीन बम्बई और मद्रास के गवर्नरों को लाकर भारत में केंद्रीय प्रशासन की नींव रखी गई। यह ब्रिटिश क्राउन द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियमित करने का पहला लिखित प्रयास था।

Also read -- जैन धर्म MCQ Questions in Hindi Part-1 

Q3. कोलकाता में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?

(A) 1773 ई.

(B) 1774 ई.

(C) 1781 ई.

(D) 1784 ई.

उत्तर: (B)

व्याख्या: रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के प्रावधानों के अंतर्गत कोलकाता में वर्ष 1774 में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई थी। यह न्यायालय भारत में न्यायिक प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए स्थापित किया गया पहला शीर्ष कोर्ट था। इसमें एक मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे।

Q4. 1774 में स्थापित कोलकाता उच्चतम न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?

(A) लेमैस्टर

(B) हाइड

(C) एलिजा इम्पे

(D) चैम्बर्स

उत्तर: (C)

व्याख्या: कोलकाता में स्थापित किए गए उच्चतम न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे (एलिजा इम्पै) थे। उनके सहयोग के लिए तीन अन्य न्यायाधीश भी नियुक्त किए गए थे, जिनके नाम चैम्बर्स, लिमैस्टर और हाइड थे। यह न्यायालय कंपनी के कर्मचारियों और भारतीय नागरिकों के मामलों की सुनवाई करता था।

Q5. कोलकाता न्यायालय के गठन के समय मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त अन्य तीन न्यायाधीश कौन थे?

(A) चैम्बर्स, लिमैस्टर व हाइड

(B) बेंटिक, मैकाले व हेस्टिंग्स

(C) एलिस, कैनिंग व स्मिथ

(D) वॉट्सन, क्लाइव व मिन्टो

उत्तर: (A)

व्याख्या: 1774 में गठित न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश एलिजा इम्पे के अतिरिक्त तीन अन्य न्यायाधीश चैम्बर्स, लिमैस्टर और हाइड शामिल थे। इन सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति ब्रिटिश सम्राट द्वारा की जाती थी। इनका मुख्य कार्य कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनैतिक कृत्यों पर नियंत्रण रखना था।

Q6. रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत कंपनी के अधिकारियों पर कौन सा कड़ा प्रतिबंध लगाया गया था?

(A) भारत छोड़ने पर प्रतिबंध

(B) निजी व्यापार करने और रिश्वत/उपहार लेने पर प्रतिबंध

(C) सेना में शामिल होने पर प्रतिबंध

(D) ब्रिटेन वापस जाने पर प्रतिबंध

उत्तर: (B)

व्याख्या: कंपनी के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए इस एक्ट के द्वारा कंपनी के अधिकारियों को निजी व्यापार करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। साथ ही, उन्हें भारतीय लोगों से किसी भी प्रकार की रिश्वत, उपहार या दान लेने से कड़ाई से प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने का एक प्रारंभिक प्रयास था।

Q7. 'एक्ट ऑफ सेटलमेंट' (संशोधनात्मक अधिनियम) किस वर्ष पारित किया गया था?

(A) 1773 ई.

(B) 1781 ई.

(C) 1784 ई.

(D) 1793 ई.

उत्तर: (B)

व्याख्या: रेगुलेटिंग एक्ट 1773 की कमियों को दूर करने और गवर्नर-जनरल तथा उच्चतम न्यायालय के बीच विवादों को सुलझाने के लिए वर्ष 1781 में 'एक्ट ऑफ सेटलमेंट' पारित किया गया। इसे ब्रिटिश संसद में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम माना जाता है। इसके माध्यम से दोनों संस्थाओं के अधिकार क्षेत्रों को अधिक स्पष्ट करने का प्रयास किया गया था।

Q8. 1781 के अधिनियम को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

(A) पिट्स इण्डिया एक्ट

(B) बंगाल जुडीकेचर एक्ट या संशोधनात्मक अधिनियम

(C) चार्टर एक्ट

(D) भारतीय परिषद् अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1781 के एक्ट ऑफ सेटलमेंट को 'बंगाल जुडीकेचर एक्ट' या 'संशोधनात्मक अधिनियम' भी कहा जाता है। यह अधिनियम मुख्य रूप से न्यायपालिका और कार्यपालिका के क्षेत्राधिकार को अलग करने के उद्देश्य से लाया गया था। इसके माध्यम से गवर्नर-जनरल इन काउंसिल को न्यायालय के क्षेत्राधिकार से कुछ छूट दी गई थी।

Q9. किस एक्ट के तहत कलकत्ता सरकार को बंगाल, बिहार और उड़ीसा के लिए भी विधि बनाने का अधिकार दिया गया?

(A) रेगुलेटिंग एक्ट 1773

(B) संशोधनात्मक अधिनियम 1781

(C) पिट्स इण्डिया एक्ट 1784

(D) चार्टर एक्ट 1793

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1781 के संशोधनात्मक अधिनियम के द्वारा कलकत्ता की सरकार (गवर्नर-जनरल इन काउंसिल) को बंगाल के साथ-साथ बिहार और उड़ीसा (ओडिशा) के लिए भी कानून और नियम बनाने का विशेष अधिकार प्रदान किया गया। इससे कलकत्ता काउंसिल की वैधानिक शक्तियों का अत्यधिक विस्तार हुआ।

Q10. किस अधिनियम के द्वारा सर्वप्रथम 'राजस्व मण्डल' (Board of Revenue) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ?

(A) 1773 का एक्ट

(B) 1781 का संशोधनात्मक अधिनियम

(C) 1793 का चार्टर एक्ट

(D) 1813 का चार्टर एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1781 के संशोधनात्मक अधिनियम के तहत ही राजस्व प्रशासन को सुव्यवस्थित करने के लिए एक 'राजस्व मण्डल' (Board of Revenue) की स्थापना का प्रावधान किया गया था। इसका उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी के कर संग्रह और दीवानी मामलों के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाना था।


Q11. 'पिट्स इण्डिया एक्ट' किस वर्ष अस्तित्व में आया था?

(A) 1781 ई.

(B) 1784 ई.

(C) 1793 ई.

(D) 1813 ई.

उत्तर: (B)

व्याख्या: ईस्ट इंडिया कंपनी के भारतीय क्षेत्रों पर ब्रिटिश क्राउन के नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए वर्ष 1784 में ब्रिटिश संसद द्वारा पिट्स इण्डिया एक्ट पारित किया गया था। इस एक्ट का नाम तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर रखा गया था। इसने भारत में कंपनी के मामलों में ब्रिटिश सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका तय की।

Q12. पिट्स इण्डिया एक्ट 1784 का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) कंपनी को भारत से पूर्णतः हटाना

(B) भारतीय राज व्यवस्था को ब्रिटिश क्राउन के अधीन लाना और द्वैध शासन लागू करना

(C) ईसाइयों को धर्म प्रचार की अनुमति देना

(D) सिविल सेवकों की खुली प्रतियोगिता शुरू करना

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य कंपनी द्वारा अधिग्रहित भारतीय राज्य क्षेत्रों को ब्रिटिश क्राउन के अधीन प्रदर्शित करना था। इसके माध्यम से व्यापारिक और राजनीतिक कार्यों को पृथक कर 'द्वैध शासन' की शुरुआत की गई। राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए एक बोर्ड ऑफ कंट्रोल का गठन किया गया।

Q13. पिट्स इण्डिया एक्ट द्वारा गवर्नर-जनरल की परिषद् के सदस्यों की संख्या 4 से घटाकर कितनी कर दी गई थी?

(A) 2

(B) 3

(C) 1

(D) 5

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम के माध्यम से गवर्नर-जनरल की कार्यकारी परिषद् के सदस्यों की संख्या को 4 से घटाकर 3 कर दिया गया। प्रांतीय परिषदों के सदस्यों की संख्या भी 4 से घटाकर 3 कर दी गई थी। इस कमी का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को सुगम बनाना और गवर्नर-जनरल को अधिक निर्णायक शक्ति देना था।

Q14. 1784 के एक्ट द्वारा राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए किस नई संस्था का गठन किया गया था?

(A) कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स

(B) बोर्ड ऑफ कंट्रोल (नियंत्रण मण्डल)

(C) राजस्व बोर्ड

(D) विधान परिषद्

उत्तर: (B)

व्याख्या: कंपनी के राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों को नियंत्रित करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (नियंत्रण मण्डल) का गठन किया गया था। यह संस्था सीधे ब्रिटिश संसद के प्रति जवाबदेह थी। इसके गठन से कंपनी के व्यापारिक और राजनीतिक कार्यों का पूरी तरह से बंटवारा हो गया।

Q15. पिट्स इण्डिया एक्ट के तहत कंपनी के व्यापारिक मामलों का नियंत्रण किसके हाथों में छोड़ दिया गया था?

(A) बोर्ड ऑफ कंट्रोल

(B) कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स (निदेशक मण्डल)

(C) ब्रिटिश क्राउन

(D) भारतीय गवर्नर-जनरल

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1784 के अधिनियम के तहत व्यापारिक मामलों की देखरेख का अधिकार पूर्ववत 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (निदेशक मण्डल) के पास ही रहने दिया गया। जबकि राजनीतिक मामलों की जिम्मेदारी बोर्ड ऑफ कंट्रोल को सौंपी गई थी। इसी दोहरी व्यवस्था को भारत में कंपनी के शासन के दौरान 'द्वैध शासन' कहा गया।

Q16. किस एक्ट के तहत गवर्नर-जनरल को प्रांतीय सरकारों को बर्खास्त करने की अप्रत्यक्ष शक्ति प्राप्त हुई?

(A) 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट

(B) 1784 का पिट्स इण्डिया एक्ट

(C) 1793 का चार्टर एक्ट

(D) 1833 का चार्टर एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1784 के पिट्स इण्डिया एक्ट के द्वारा गवर्नर-जनरल की परिषद को प्रांतीय सरकारों (जैसे मद्रास और बम्बई) पर नियंत्रण रखने, और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें युद्ध, संधि या राजस्व के मामलों में निर्देश देने या बर्खास्त करने की व्यापक शक्तियाँ प्रदान की गईं।

Q17. किस अधिनियम के अनुसार प्रांतीय परिषदों के सदस्यों को केवल गवर्नर-जनरल और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' की अनुमति से ही पद से हटाया जा सकता था?

(A) 1781 का संशोधनात्मक अधिनियम

(B) 1784 का पिट्स इण्डिया एक्ट

(C) 1793 का चार्टर एक्ट

(D) 1853 का चार्टर एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1784 के एक्ट में यह सुनिश्चित किया गया कि प्रांतीय परिषदों के सदस्यों को गवर्नर-जनरल और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' की पूर्व अनुमति और अनुशंसा के बिना स्वैच्छिक रूप से नहीं हटाया जा सकता था। इसने प्रांतीय शासन पर केंद्र के नियंत्रण को और अधिक कठोर बना दिया।

Q18. 1793 के चार्टर एक्ट के माध्यम से ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को कितने वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया था?

(A) 10 वर्ष

(B) 15 वर्ष

(C) 20 वर्ष

(D) 25 वर्ष

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1793 के चार्टर एक्ट के माध्यम से ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत में व्यापार करने के विशेष एकाधिकार को अगले 20 वर्षों की अवधि के लिए और बढ़ा दिया था। इसके साथ ही इस अधिनियम ने कंपनी के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं स्पष्ट करने का कार्य किया।

Q19. 1793 के चार्टर एक्ट के अनुसार 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' के सदस्यों और कर्मचारियों का वेतन कहाँ से दिया जाना तय हुआ?

(A) ब्रिटिश राजकोष से

(B) भारतीय राजस्व से

(C) कंपनी के मुनाफे से

(D) इंग्लैंड के करों से

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1793 के चार्टर एक्ट की एक प्रमुख और विवादित विशेषता यह थी कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सदस्यों और उनके कर्मचारियों का वेतन ब्रिटिश राजकोष के बजाय 'भारतीय राजस्व' से दिया जाना अनिवार्य कर दिया गया। यह नीति भारतीय धन के निष्कासन की शुरुआत का एक वैधानिक माध्यम बनी।


Q20. किस चार्टर एक्ट के द्वारा स्थानीय स्वाशासी संस्थाओं (Local Bodies) को कर (Tax) लगाने का अधिकार दिया गया?

(A) 1793 का चार्टर एक्ट

(B) 1813 का चार्टर एक्ट

(C) 1833 का चार्टर एक्ट

(D) 1853 का चार्टर एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1813 के चार्टर अधिनियम के माध्यम से भारत में स्थानीय स्वाशासी संस्थाओं को कर (टैक्स) लगाने का कानूनी अधिकार प्रदान किया गया। इसके साथ ही, कर न चुकाने पर संबंधित नागरिकों को दंडित करने का अधिकार भी इन संस्थाओं को सौंपा गया था, जो एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव था।

Also Read बौद्ध धर्म Top 100 MCQ Questions in Hindi

Q21. 1813 के चार्टर एक्ट के तहत कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को अगले कितने वर्षों के लिए बढ़ाया गया था?

(A) 10 वर्ष

(B) 15 वर्ष

(C) 20 वर्ष

(D) 30 वर्ष

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1813 के चार्टर अधिनियम द्वारा कंपनी के व्यापारिक विशेषाधिकार और भारतीय क्षेत्रों पर नियंत्रण को अगले 20 वर्षों के लिए पुनः बढ़ा दिया गया था। हालांकि, इस अधिनियम ने कंपनी के पूर्ण व्यापारिक एकाधिकार को काफी हद तक शिथिल भी कर दिया था।

Q22. किस अधिनियम के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी का भारतीय व्यापार से एकाधिकार आंशिक रूप से समाप्त कर दिया गया?

(A) 1793 का चार्टर एक्ट

(B) 1813 का चार्टर एक्ट

(C) 1833 का चार्टर एक्ट

(D) 1853 का चार्टर एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा भारत के साथ व्यापार करने के कंपनी के एकाधिकार को समाप्त कर दिया गया और सभी ब्रिटिश नागरिकों के लिए भारतीय व्यापार खोल दिया गया। हालांकि, कंपनी का 'चाय के व्यापार' और 'चीन के साथ व्यापार' पर एकाधिकार अगले 20 वर्षों के लिए सुरक्षित रखा गया था।

Q23. 1813 के चार्टर एक्ट के तहत कंपनी का किन दो मामलों में व्यापारिक एकाधिकार अक्षुण्ण (सुरक्षित) रखा गया था?

(A) सूती वस्त्र और अफीम का व्यापार

(B) चाय का व्यापार तथा चीन के साथ व्यापार

(C) नमक और मसालों का व्यापार

(D) हथियारों का व्यापार और बर्मा के साथ व्यापार

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम के माध्यम से यद्यपि सामान्य व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया गया था, लेकिन कंपनी का 'चाय के व्यापार' पर और 'चीन देश के साथ व्यापार' पर एकाधिकार बना रहा। इन दोनों क्षेत्रों में अन्य ब्रिटिश व्यापारियों को सीधे व्यापार करने की अनुमति अभी नहीं दी गई थी।

Q24. किस अधिनियम के द्वारा ईसाई मिशनरियों को भारत में धर्म प्रचार करने और बसने की वैधानिक अनुमति मिली?

(A) 1784 का एक्ट

(B) 1813 का चार्टर एक्ट

(C) 1833 का चार्टर एक्ट

(D) 1858 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा ईसाई मिशनरियों को ब्रिटिश बोर्ड ऑफ कंट्रोल या कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स से अनुमति लेकर भारत आने, यहाँ बसने तथा ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने की आधिकारिक और वैधानिक स्वीकृति मिल गई थी। इसने भारत के सामाजिक-धार्मिक परिदृश्य को व्यापक रूप से प्रभावित किया।

Q25. 1813 के चार्टर एक्ट में भारतीय शिक्षा और साहित्य के प्रोत्साहन के लिए प्रतिवर्ष कितनी राशि खर्च करने का उपबंध था?

(A) 50,000 रुपये

(B) 1 लाख रुपये

(C) 5 लाख रुपये

(D) 10 लाख रुपये

उत्तर: (B)

व्याख्या: इस अधिनियम में पहली बार भारतीय नागरिकों की शिक्षा, स्थानीय विद्वानों के प्रोत्साहन और विज्ञान की शिक्षा की शुरुआत के लिए प्रतिवर्ष 'एक लाख रुपये' खर्च करने का बजट प्रावधान किया गया था। यह भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास की दिशा में ब्रिटिश सरकार का पहला वैधानिक कदम था।

Q26. भारत में अंग्रेजी शिक्षा की नींव किस चार्टर एक्ट के तहत पड़ी थी?

(A) 1793 का एक्ट

(B) 1813 का चार्टर एक्ट

(C) 1833 का एक्ट

(D) 1853 का एक्ट

उत्तर: (B)

व्याख्या: भारत में अंग्रेजी शिक्षा की आधिकारिक नींव 1813 के चार्टर एक्ट के माध्यम से ही पड़ी थी। इसमें आवंटित 1 लाख रुपये के बजट के कारण ही भारत में शिक्षा के माध्यम और पाठ्यक्रम को लेकर लंबे समय तक विवाद चला।

Q27. 1813 के चार्टर एक्ट के बाद भारतीय शिक्षा को लेकर किन दो विचारधाराओं के बीच लंबा विवाद चला?

(A) हिंदी एवं संस्कृत विवाद

(B) प्राच्यविद् (Orientalists) एवं आंग्लविद् (Anglicists) विवाद

(C) हिंदू एवं मुस्लिम विवाद

(D) कबीलाई एवं शहरी शिक्षा विवाद

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1813 के शिक्षा बजट के उपयोग को लेकर 'प्राच्यविद्' (जो पारंपरिक भारतीय भाषाओं और साहित्यों के समर्थक थे) और 'आंग्लविद्' (जो अंग्रेजी माध्यम से पश्चिमी विज्ञान की शिक्षा देने के पक्षधर थे) के बीच गहरा विवाद पैदा हो गया। इसे इतिहास में 'प्राच्य-आंग्ल विवाद' के नाम से जाना जाता है।

Q28. शिक्षा संबंधी विवाद को सुलझाने के लिए किस प्रसिद्ध ब्रिटिश अधिकारी या विद्वान का नाम जुड़ा है?

(A) लॉर्ड कैनिंग

(B) जनरल मेकाले (लॉर्ड मैकाले)

(C) लॉर्ड डलहौजी

(D) सर जॉन शोर

उत्तर: (B)

व्याख्या: शिक्षा संबंधी प्राच्य और आंग्ल विवाद को सुलझाने और भारत में अंग्रेजी को शिक्षा का मुख्य माध्यम बनाने में 'जनरल मेकाले' (लॉर्ड मैकाले) की मुख्य भूमिका थी। उन्होंने अपना प्रसिद्ध 'मैकाले मिनट' (स्मरण पत्र) प्रस्तुत कर अंग्रेजी माध्यम से पाश्चात्य शिक्षा का पुरजोर समर्थन किया था।


Q24. किस अधिनियम द्वारा 'बंगाल के गवर्नर-जनरल' को अब 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया?

(A) 1813 का चार्टर एक्ट

(B) 1833 का चार्टर एक्ट

(C) 1853 का चार्टर एक्ट

(D) 1858 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर अधिनियम द्वारा भारत के शासन के पूर्ण केंद्रीयकरण का प्रयास किया गया। इसके तहत 'बंगाल के गवर्नर-जनरल' को पूरे ब्रिटिश भारत का 'भारत का गवर्नर-जनरल' घोषित कर दिया गया। इससे देश के पूरे नागरिक और सैन्य अधिकार एक ही केंद्र के अधीन आ गए।

Q30. भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल निम्नलिखित में से कौन बने थे?

(A) वारेन हेस्टिंग्स

(B) लॉर्ड कॉर्नवालिस

(C) लॉर्ड विलियम बेंटिक

(D) लॉर्ड कैनिंग

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1833 के चार्टर अधिनियम के लागू होने के बाद लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। वे न केवल बंगाल के बल्कि संपूर्ण ब्रिटिश भारत के प्रशासनिक और विधायी प्रमुख थे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी सुधार भी किए गए।

Q31. किस एक्ट के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के सभी व्यापारिक अधिकार पूर्णतः समाप्त कर दिए गए?

(A) 1813 का चार्टर एक्ट

(B) 1833 का चार्टर एक्ट

(C) 1853 का चार्टर एक्ट

(D) 1858 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर एक्ट के द्वारा कंपनी के व्यापारिक कार्यों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। अब कंपनी का काम विशुद्ध रूप से ब्रिटिश सम्राट की ओर से भारत का केवल राजनीतिक और प्रशासनिक प्रबंधन करना रह गया था। इसका चाय और चीन के व्यापार का एकाधिकार भी समाप्त हो गया।

Q32. किस अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश भारत में दास प्रथा (Slavery) को गैर-कानूनी घोषित किया गया?

(A) 1813 का चार्टर अधिनियम

(B) 1833 का चार्टर अधिनियम

(C) 1853 का अधिनियम

(D) 1861 का परिषद् अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर एक्ट के माध्यम से भारत में प्रचलित दास प्रथा को पूरी तरह अमानवीय और कानून के विरुद्ध घोषित किया गया। हालांकि, इस कानून के व्यावहारिक कार्यान्वयन और दास प्रथा के पूर्ण उन्मूलन में कुछ समय लगा, जो अंततः वर्ष 1843 में संभव हो सका।

Q33. भारत में दास प्रथा का पूर्ण उन्मूलन (उन्मूलन) किस वर्ष किया गया था?

(A) 1833 ई.

(B) 1843 ई.

(C) 1853 ई.

(D) 1858 ई.

उत्तर: (B)

व्याख्या: यद्यपि 1833 के अधिनियम में दास प्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था, लेकिन इसके नियमों के तहत भारत में दास प्रथा का पूर्ण और वास्तविक उन्मूलन वर्ष 1843 में लॉर्ड एलेनबरो के कार्यकाल के दौरान किया गया था।

Q34. भारतीय कानून के इतिहास में नियामक कानूनों के स्थान पर किस शब्द का प्रयोग 1833 के एक्ट से शुरू हुआ?

(A) आर्डिनेंस (अध्यादेश)

(B) अधिनियम (एक्ट)

(C) डिक्री (आदेश)

(D) चार्टर

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर अधिनियम से पूर्व बनाए गए कानूनों को नियामक कानून या 'रेगुलेशन' कहा जाता था। परंतु इस एक्ट के बाद से बनाए गए सभी कानूनों को 'अधिनियम' या 'एक्ट' शब्द से संबोधित किया जाने लगा, जो कानून निर्माण की एक अधिक परिपक्व प्रणाली का सूचक था।

Q35. 1833 के एक्ट के तहत गवर्नर-जनरल की परिषद् में किस चौथे सदस्य को शामिल किया गया था?

(A) सैन्य सदस्य

(B) वित्त सदस्य

(C) कानून सदस्य (विधि सदस्य)

(D) गृह सदस्य

उत्तर: (C)

व्याख्या: कानूनों के संहिताकरण और परामर्श के लिए गवर्नर-जनरल की कार्यकारी परिषद् में एक चौथे सदस्य के रूप में 'कानून या विधि सदस्य' को शामिल किया गया। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को केवल विधायी कार्यों के समय ही परिषद् की बैठकों में भाग लेने का अधिकार था, प्रशासनिक निर्णयों में नहीं।

Q36. गवर्नर-जनरल की परिषद् में शामिल होने वाले प्रथम विधि सदस्य निम्नलिखित में से कौन थे?

(A) लॉर्ड कैनिंग

(B) लॉर्ड मैकाले (मेकाले)

(C) लॉर्ड कॉर्नवालिस

(D) सर एलिजा इम्पे

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर एक्ट के तहत नियुक्त होने वाले भारत के पहले कानून या विधि सदस्य लॉर्ड मैकाले (मेकाले) थे। उन्होंने भारत में कानूनों को श्रेणीबद्ध करने और भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

Q37. किस अधिनियम में यह व्यवस्था की गई थी कि भारतीयों को धर्म, जन्मस्थान, वंश या रंग के आधार पर कंपनी के पदों से वंचित नहीं किया जाएगा?

(A) 1813 का चार्टर एक्ट

(B) 1833 का चार्टर एक्ट

(C) 1853 का चार्टर एक्ट

(D) 1858 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1833 के चार्टर एक्ट की धारा 87 में यह अत्यधिक प्रगतिशील प्रावधान था कि किसी भी भारतीय नागरिक को केवल धर्म, जन्मस्थान, वंश, या रंग के आधार पर कंपनी के अधीन किसी पद या सेवा के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। इसके तहत भारतीयों को देश के प्रशासन में कुछ हिस्सा मिलना संभव हो सका।


Q38. किस अधिनियम द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद् के विधायी कार्यों और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया?

(A) 1833 का चार्टर एक्ट

(B) 1853 का चार्टर एक्ट

(C) 1861 का परिषद् अधिनियम

(D) 1892 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1853 के चार्टर अधिनियम द्वारा पहली बार कार्यपालिका और विधायिका के कार्यों को पृथक करने की व्यवस्था की गई। इसके तहत कानून बनाने के लिए एक पृथक 'विधान परिषद्' का गठन किया गया, जिसमें कुल 6 नए सदस्य जोड़े गए थे। यह भारत में संसदीय व्यवस्था की एक अत्यंत प्रारंभिक शुरुआत थी।

Q39. 1853 के चार्टर एक्ट के तहत विधायी कार्यों के लिए कितने सदस्यीय विधान परिषद् की स्थापना की गई थी?

(A) 4 सदस्य

(B) 6 सदस्य

(C) 10 सदस्य

(D) 12 सदस्य

उत्तर: (B)

व्याख्या: विधान परिषद् के विस्तार और विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए गवर्नर-जनरल की परिषद् में 6 नए विधान सदस्यों (लेजिस्लेटिव काउंसिलर्स) को जोड़ा गया था। इन्हें मिलाकर विधायी कार्यों के लिए एक छोटी संसद जैसी व्यवस्था का निर्माण हुआ।

Q40. किस अधिनियम के द्वारा सिविल सेवकों (Civil Servants) की भर्ती के लिए खुली प्रतियोगिता परीक्षा (Open Competition) की शुरुआत हुई?

(A) 1833 का अधिनियम

(B) 1853 का चार्टर अधिनियम

(C) 1858 का अधिनियम

(D) 1919 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1853 के चार्टर अधिनियम ने सिविल सेवाओं में कंपनी के निदेशकों के संरक्षण या नामजदगी के अधिकार को समाप्त कर दिया। इसके स्थान पर सिविल सेवकों के चयन और भर्ती के लिए एक निष्पक्ष 'खुली प्रतियोगिता परीक्षा' की वैधानिक शुरुआत की गई। इसके बाद भारतीय नागरिकों के लिए भी इसमें शामिल होने के द्वार खुले।

Q41. सिविल सेवा सुधारों और खुली प्रतियोगिता की रूपरेखा तैयार करने के लिए किस वर्ष 'मैकाले समिति' का गठन किया गया था?

(A) 1833 ई.

(B) 1853 ई.

(C) 1854 ई.

(D) 1858 ई.

उत्तर: (C)

व्याख्या: खुली प्रतियोगिता परीक्षा के नियमों और पाठ्यक्रम को निर्धारित करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1854 में 'मैकाले समिति' (Lord Macaulay Committee on Civil Services) की नियुक्ति की गई थी। इसी समिति की सिफारिशों के आधार पर भारतीय सिविल सेवा (ICS) की परीक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था।

भाग 6: भारत सरकार अधिनियम 1858 एवं ब्रिटिश क्राउन का शासन

Q42. किस ऐतिहासिक अधिनियम के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को भारत से पूर्णतः समाप्त कर दिया गया?

(A) 1853 का चार्टर एक्ट

(B) 1858 का भारत सरकार अधिनियम

(C) 1861 का अधिनियम

(D) 1892 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1857 की महान क्रांति के बाद ब्रिटिश संसद ने वर्ष 1858 में 'भारत सरकार अधिनियम' पारित किया। इसके तहत ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया और भारत की सत्ता सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के हाथों में सौंप दी गई।

Q43. 1858 के अधिनियम द्वारा पिट्स इण्डिया एक्ट (1784) से चली आ रही किस प्रशासनिक व्यवस्था को समाप्त किया गया?

(A) जमींदारी व्यवस्था

(B) द्वैध शासन व्यवस्था (बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स)

(C) सिविल सेवा नामजदगी

(D) सैन्य परिषद्

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1858 के अधिनियम द्वारा 1784 के पिट्स इण्डिया एक्ट से स्थापित 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही भारत में लंबे समय से चली आ रही दोहरी या द्वैध शासन प्रणाली का अंत हो गया और प्रशासनिक नियंत्रण को एकीकृत किया गया।

Q44. 1858 के अधिनियम के तहत भारत के प्रशासनिक संचालन के लिए ब्रिटेन में किस नए पद का सृजन किया गया था?

(A) भारत का वाइसराय

(B) भारत सचिव (Secretary of State for India)

(C) भारत का मुख्य आयुक्त

(D) क्राउन का विशेष प्रतिनिधि

उत्तर: (B)

व्याख्या: कंपनी शासन की समाप्ति के बाद ब्रिटिश कैबिनेट के एक सदस्य को 'भारत सचिव' (भारत का राज्य सचिव) के रूप में नियुक्त किया गया। यह पद पूरी तरह ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी था। भारत सचिव के पास भारतीय प्रशासन पर पूर्ण नियंत्रण और निरीक्षण की सर्वोच्च वैधानिक शक्ति थी।

Q45. भारत सचिव की सहायता और परामर्श के लिए कुल कितने सदस्यीय 'भारत परिषद्' (India Council) का गठन किया गया था?

(A) 8 सदस्य

(B) 12 सदस्य

(C) 15 सदस्य

(D) 20 सदस्य

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1858 के अधिनियम के तहत भारत सचिव की सहायता के लिए एक 15 सदस्यीय परामर्शदात्री निकाय का गठन किया गया, जिसे 'भारत परिषद्' कहा गया। इस परिषद् का मुख्य कार्य भारत सचिव को प्रशासनिक मामलों में सलाह देना था, हालांकि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार भारत सचिव के पास ही सुरक्षित था।

Q46. 15 सदस्यीय भारत परिषद् में कितने सदस्य ब्रिटिश सरकार द्वारा और कितने कंपनी के निदेशकों द्वारा चुने जाने थे?

(A) 8 सदस्य सरकार द्वारा, 7 सदस्य कंपनी के निदेशकों द्वारा

(B) 10 सदस्य सरकार द्वारा, 5 सदस्य कंपनी द्वारा

(C) 7 सदस्य सरकार द्वारा, 8 सदस्य कंपनी द्वारा

(D) सभी 15 सदस्य केवल ब्रिटिश संसद द्वारा

उत्तर: (A)

व्याख्या: इस अधिनियम के अनुसार, 15 सदस्यीय भारत परिषद् में से 8 सदस्यों की नियुक्ति सीधे ब्रिटिश सरकार (क्राउन) द्वारा की जानी थी। जबकि शेष 7 सदस्यों का चयन ईस्ट इंडिया कंपनी के पूर्व निदेशक मण्डल (निदेशक कंपनी) के माध्यम से किया जाना तय हुआ था।

Q47. 1858 के अधिनियम के बाद 'भारत के गवर्नर-जनरल' को अब किस नए नाम या उपाधि से संबोधित किया जाने लगा?

(A) भारत के प्रधानमंत्री

(B) भारत का वाइसराय (Viceroy of India)

(C) महामहिम राज्यपाल

(D) क्राउन चांसलर

उत्तर: (B)

व्याख्या: सत्ता परिवर्तन के बाद भारत के गवर्नर-जनरल को अब 'वाइसराय' की उपाधि भी दी गई। वाइसराय सीधे तौर पर ब्रिटिश क्राउन (सम्राट) के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता था। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य भारतीय राजाओं और जनता को यह जताना था कि वे अब सीधे ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन हैं।

Q48. भारत के प्रथम वाइसराय निम्नलिखित में से कौन बने थे?

(A) लॉर्ड डलहौजी

(B) लॉर्ड विलियम बेंटिक

(C) लॉर्ड कैनिंग

(D) लॉर्ड रिपन

उत्तर: (C)

व्याख्या: 1858 के अधिनियम के तहत लॉर्ड कैनिंग को भारत का पहला वाइसराय बनाया गया था। वे भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल और पहले वाइसराय दोनों पदों पर रहे। उनके ही समय 1857 का विद्रोह हुआ था और उनके ही कार्यकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ।

Q49. किस वर्ष पहली बार लोक विधान के द्वारा भारतीय बजट को तत्कालीन भारत सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया गया?

(A) 1858 ई.

(B) 1860 ई.

(C) 1861 ई.

(D) 1892 ई.

उत्तर: (B)

व्याख्या: भारत के वित्तीय प्रशासन को पारदर्शी और नियंत्रित करने के लिए वर्ष 1860 में पहली बार लोक विधान के द्वारा भारतीय बजट प्रस्तुत किया गया था। इस बजट को इंग्लैंड में बैठे 'भारत सचिव' के समक्ष उनकी अंतिम स्वीकृति और समीक्षा के लिए रखा गया था। यह भारत में औपचारिक बजट प्रणाली की वैधानिक शुरुआत थी।


Q50. किस अधिनियम को भारत में 'विभागीय प्रणाली' (Portfolio System) और मंत्रिमंडलीय व्यवस्था की नींव माना जाता है?

(A) 1858 का अधिनियम

(B) 1861 का भारतीय परिषद् अधिनियम

(C) 1892 का अधिनियम

(D) 1909 का अधिनियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: 1861 के भारतीय परिषद् अधिनियम के द्वारा भारत में 'विभागीय प्रणाली' (पोर्टफोलियो सिस्टम) की आधिकारिक शुरुआत हुई। इसके तहत वाइसराय की परिषद् के अलग-अलग सदस्यों को अलग-अलग प्रशासनिक विभाग (जैसे गृह, वित्त, सैन्य आदि) सौंपे गए, जिसने आधुनिक कैबिनेट प्रणाली का मार्ग प्रशस्त किया।

Related Searches

  • भारत का संवैधानिक विकास MCQ PDF
  • Indian Polity MCQ Hindi
  • Constitutional Development Questions and Answers
  • UPSC Polity Notes Hindi
  • SSC Polity Important Questions
  • Railway GK Constitution Questions

Next Post: भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ Part 2 (1861–1950) | महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर हिंदी में।

  • भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास
  • Indian Constitutional Development MCQ
  • Regulating Act 1773 Questions
  • Pitt's India Act 1784 MCQ
  • Charter Act MCQ in Hindi
  • Government of India Act 1858 Questions
  • भारत का संवैधानिक विकास का इतिहास MCQ हिंदी में
  • Regulating Act 1773 important questions in Hindi
  • Pitt's India Act 1784 MCQ for UPSC and SSC
  • Charter Act 1813 1833 1853 Questions Answers
  • Government of India Act 1858 MCQ Hindi
  • Indian Constitution historical development notes and mcq
  • भारतीय संविधान के विकास का इतिहास प्रश्नोत्तरी
  • UPSC polity constitutional development MCQ Hindi
  • Railway GK constitutional development questions
  • SSC CGL Indian polity objective questions
  • إرسال تعليق

    0 تعليقات