विज्ञान के धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) अध्याय के महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न इस पोस्ट में दिए गए हैं। इसमें कुल 45 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उनके सही उत्तर और आसान भाषा में विस्तृत व्याख्या के साथ शामिल किए गए हैं।
इस प्रश्नावली में धातुओं के गुण, अधातुओं के गुण, खनिज एवं अयस्क, धातुकर्म, सक्रियता श्रेणी, मिश्रधातु, संक्षारण, विद्युतलेपन, सोडियम क्लोराइड, बेकिंग सोडा, धावन सोडा, विरंजक चूर्ण, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा सिलिकॉन जैसे महत्वपूर्ण Topics को कवर किया गया है।
धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) — 45 महत्वपूर्ण MCQ
प्रश्न 1. धातुएँ आवर्त सारणी के किस समूह में पायी जाती हैं?
(A) s और p ब्लॉक
(B) d और f ब्लॉक भी सहित अधिकांश समूह
(C) केवल s ब्लॉक
(D) केवल हैलोजन समूह
सही उत्तर: (B) d और f ब्लॉक भी सहित अधिकांश समूह
व्याख्या: धातुएँ आवर्त सारणी के अधिकांश भाग में पाई जाती हैं। विशेष रूप से आवर्त सारणी के बाईं और मध्य भाग में धातुओं की संख्या अधिक होती है। इनमें s-ब्लॉक, d-ब्लॉक तथा f-ब्लॉक के अधिकांश तत्व शामिल होते हैं। धातुओं की प्रमुख विशेषता यह है कि वे सामान्यतः इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनात्मक आयन बनाती हैं। यही कारण है कि आवर्त सारणी में धातुओं का क्षेत्र काफी बड़ा है।
प्रश्न 2. धातुओं के बाह्यतम कोश में सामान्यतः कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
(A) 5, 6 या 7
(B) 1, 2 या 3
(C) 8
(D) 0
सही उत्तर: (B) 1, 2 या 3
व्याख्या: धातुओं के बाह्यतम कोश में सामान्यतः 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। धातुएँ इन इलेक्ट्रॉनों को आसानी से त्यागकर धनात्मक आयन अर्थात धनायन बनाती हैं। उदाहरण के लिए, सोडियम एक इलेक्ट्रॉन त्यागकर Na⁺ बनाता है, जबकि मैग्नीशियम दो इलेक्ट्रॉन त्यागकर Mg²⁺ बनाता है। इसलिए धातुओं की इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति उनके रासायनिक गुणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु नहीं है?
(A) लोहा
(B) एल्युमीनियम
(C) कार्बन
(D) सोडियम
सही उत्तर: (C) कार्बन
व्याख्या: कार्बन एक अधातु है, जबकि लोहा, एल्युमीनियम और सोडियम धातुएँ हैं। धातुएँ सामान्यतः चमकीली, तन्य, आघातवर्ध्य तथा ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं। इसके विपरीत कार्बन अधातु है और इसके गुण धातुओं से अलग होते हैं। कार्बन प्रकृति में अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है और इसके विभिन्न अपरूप पाए जाते हैं।
प्रश्न 4. पृथ्वी की भू-पर्पटी में धातुएँ किस रूप में पायी जाती हैं?
(A) सदैव शुद्ध अवस्था में
(B) खनिजों (Minerals) के रूप में
(C) केवल गैस के रूप में
(D) केवल द्रव के रूप में
सही उत्तर: (B) खनिजों (Minerals) के रूप में
व्याख्या: पृथ्वी की भू-पर्पटी में धातुएँ सामान्यतः विभिन्न खनिजों के रूप में पाई जाती हैं। इन खनिजों में धातु अन्य तत्वों के साथ यौगिक के रूप में उपस्थित हो सकती है। सभी खनिजों से धातु का निष्कर्षण आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं होता। जिन खनिजों से धातु आसानी से और आर्थिक रूप से निकाली जा सकती है, उन्हें अयस्क कहा जाता है।
प्रश्न 5. वे खनिज जिनसे धातु आसानी से तथा सस्ते में प्राप्त की जा सकती है, क्या कहलाते हैं?
(A) अयस्क (Ores)
(B) गैंग
(C) मिश्रधातु
(D) संक्षारण
सही उत्तर: (A) अयस्क (Ores)
व्याख्या: ऐसे खनिज जिनसे धातु को आर्थिक रूप से लाभदायक तरीके से निकाला जा सकता है, अयस्क कहलाते हैं। अयस्क में धातु के साथ कुछ अवांछित पदार्थ भी उपस्थित हो सकते हैं। इन अशुद्धियों को अलग करके धातु का निष्कर्षण किया जाता है। याद रखने योग्य बात है कि सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।
प्रश्न 6. बॉक्साइट (Al2O3.2H2O) किस धातु का प्रमुख अयस्क है?
(A) लोहा
(B) ताँबा
(C) एल्युमीनियम
(D) जिंक
सही उत्तर: (C) एल्युमीनियम
व्याख्या: बॉक्साइट एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क है। इसका रासायनिक सूत्र Al2O3.2H2O दिया गया है। बॉक्साइट से एल्युमीनियम प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा अशुद्धियों को अलग किया जाता है और फिर एल्युमीनियम का निष्कर्षण किया जाता है। इसलिए परीक्षा में Bauxite → Aluminium का संबंध विशेष रूप से याद रखना चाहिए।
प्रश्न 7. हेमेटाइट (Fe2O3) किस धातु का ऑक्साइड अयस्क है?
(A) ताँबा
(B) लोहा
(C) सोडियम
(D) जिंक
सही उत्तर: (B) लोहा
व्याख्या: हेमेटाइट Fe2O3 लोहे का एक महत्वपूर्ण ऑक्साइड अयस्क है। इससे लोहे का निष्कर्षण किया जाता है। लोहे के अन्य अयस्कों में सिडेराइट FeCO3 भी शामिल है। इसलिए परीक्षा में Hematite → Fe2O3 → Iron का संबंध याद रखना उपयोगी है।
प्रश्न 8. जिंक ब्लेंड (ZnS) किस प्रकार का अयस्क है?
(A) ऑक्साइड अयस्क
(B) कार्बोनेट अयस्क
(C) सल्फाइड अयस्क
(D) क्लोराइड अयस्क
सही उत्तर: (C) सल्फाइड अयस्क
व्याख्या: जिंक ब्लेंड का रासायनिक सूत्र ZnS है। इसमें जिंक और सल्फर उपस्थित होते हैं, इसलिए यह सल्फाइड अयस्क का उदाहरण है। इसी प्रकार कॉपर पाइराइट्स CuFeS2 भी सल्फाइड अयस्क का उदाहरण है। अयस्कों के प्रकार पहचानने के लिए उनके रासायनिक सूत्र को समझना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 9. मैलाकाइट [CuCO3.Cu(OH)2] किस धातु का अयस्क है?
(A) लोहा
(B) ताँबा (कॉपर)
(C) एल्युमीनियम
(D) सोडियम
सही उत्तर: (B) ताँबा (कॉपर)
व्याख्या: मैलाकाइट ताँबे का एक महत्वपूर्ण कार्बोनेट अयस्क है। इसका सूत्र CuCO3.Cu(OH)2 दिया गया है। ताँबे के अन्य अयस्कों में कॉपर पाइराइट्स CuFeS2 और क्युप्राइट Cu2O शामिल हैं। इसलिए ताँबे के अयस्कों को उनके नाम और रासायनिक सूत्र के साथ याद करना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 10. अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) धातुकर्म (Metallurgy)
(B) संक्षारण
(C) विरंजन
(D) आसवन
सही उत्तर: (A) धातुकर्म (Metallurgy)
व्याख्या: अयस्क से धातु के निष्कर्षण, शोधन और शुद्धिकरण से संबंधित प्रक्रियाओं को धातुकर्म या Metallurgy कहा जाता है। इसमें अयस्क की अशुद्धियों को हटाना, धातु के यौगिक को उपयुक्त रूप में बदलना, धातु का अपचयन तथा अंत में शोधन जैसी प्रक्रियाएँ शामिल हो सकती हैं।
प्रश्न 11. अयस्क के शुद्ध करने की प्रारंभिक प्रक्रिया में सबसे पहले कौन-सा चरण होता है?
(A) वैद्युत अपघटन
(B) अयस्क का हस्त चयन (Hand Picking)
(C) भर्जन (Roasting)
(D) अपचयन (Reduction)
सही उत्तर: (B) अयस्क का हस्त चयन (Hand Picking)
व्याख्या: अयस्क के पूर्व उपचार में अशुद्धियों को अलग करने के लिए प्रारंभिक रूप से हस्त चयन की विधि का उपयोग किया जा सकता है। इसमें अयस्क से दिखाई देने वाली अवांछित अशुद्धियों को अलग किया जाता है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार गुरुत्व पृथक्करण, चुम्बकीय पृथक्करण और फेन प्लवन जैसी विधियों का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 12. अपद्रव्य धातु के शोधन (Purification) की कौन-सी विधि अन्तिम व सबसे शुद्ध परिणाम देती है?
(A) भर्जन
(B) निस्तापन
(C) वैद्युत अपघटनी शोधन (Electrolytic Refining)
(D) गुरुत्व पृथक्करण
सही उत्तर: (C) वैद्युत अपघटनी शोधन (Electrolytic Refining)
व्याख्या: वैद्युत अपघटनी शोधन का उपयोग अशुद्ध धातु को अधिक शुद्ध रूप में प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में अशुद्ध धातु और शुद्ध धातु के लिए उपयुक्त इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं तथा विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। इस विधि से ताँबे जैसे धातुओं का शोधन किया जाता है।
प्रश्न 13. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में सबसे अधिक क्रियाशील धातु कौन-सी है?
(A) सोना (Au)
(B) पोटैशियम (K)
(C) ताँबा (Cu)
(D) सिल्वर (Ag)
सही उत्तर: (B) पोटैशियम (K)
व्याख्या: सक्रियता श्रेणी में पोटैशियम सबसे ऊपर स्थित धातु है और इसे सबसे अधिक क्रियाशील माना जाता है। अधिक क्रियाशील धातुएँ इलेक्ट्रॉन आसानी से त्यागती हैं और विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं में अधिक तेजी से भाग लेती हैं। इसके विपरीत सोना बहुत कम क्रियाशील धातु है।
प्रश्न 14. सक्रियता श्रेणी में सबसे कम क्रियाशील धातु कौन-सी है?
(A) सोडियम
(B) सोना (Au)
(C) जिंक
(D) मैग्नीशियम
सही उत्तर: (B) सोना (Au)
व्याख्या: सक्रियता श्रेणी में सोना सबसे नीचे स्थित है, इसलिए इसे सबसे कम क्रियाशील धातुओं में रखा जाता है। सक्रियता श्रेणी का क्रम है: K, Ba, Ca, Na, Mg, Al, Zn, Fe, Ni, Sn, Pb, H, Cu, Hg, Ag, Au। इस क्रम को याद करने से विस्थापन अभिक्रिया और धातुओं की क्रियाशीलता से जुड़े प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।
प्रश्न 15. सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन [H] का स्थान किन धातुओं के मध्य है?
(A) K और Ba के मध्य
(B) Sn और Cu के मध्य
(C) Ag और Au के मध्य
(D) Na और Mg के मध्य
सही उत्तर: (B) Sn और Cu के मध्य
व्याख्या: सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन का स्थान सीसा (Pb) और ताँबा (Cu) के बीच आता है। दिए गए क्रम के अनुसार Sn, Pb, H, Cu का क्रम है। सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन का स्थान विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कौन-सी धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस विस्थापित कर सकती हैं।
प्रश्न 16. ताँबे (Cu) का शुद्ध अयस्क से उपयोगी विधि द्वारा शुद्धिकरण कहलाता है?
(A) ताँबे का शोधन
(B) बॉक्साइट अपघटन
(C) जिंक भर्जन
(D) सोडियम विद्युत अपघटन
सही उत्तर: (A) ताँबे का शोधन
व्याख्या: अशुद्ध ताँबे को अधिक शुद्ध रूप में प्राप्त करने के लिए वैद्युत अपघटनी विधि का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया को ताँबे का शोधन कहा जाता है। विद्युत अपघटनी शोधन के दौरान ताँबे को शुद्ध करके उच्च शुद्धता वाला ताँबा प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 17. पीतल (Brass) किन दो धातुओं की मिश्रधातु है?
(A) ताँबा + टिन
(B) ताँबा + जिंक
(C) ताँबा + निकल
(D) ताँबा + सीसा
सही उत्तर: (B) ताँबा + जिंक
व्याख्या: पीतल या Brass, ताँबा और जिंक की मिश्रधातु है। इसमें ताँबा मुख्य घटक होता है और जिंक मिलाया जाता है। मिश्रधातु बनाने का उद्देश्य धातु के कुछ भौतिक या यांत्रिक गुणों में सुधार करना होता है। परीक्षा में Brass = Copper + Zinc और Bronze = Copper + Tin का अंतर विशेष रूप से पूछा जाता है।
प्रश्न 18. काँसा (Bronze) किन धातुओं की मिश्रधातु है?
(A) ताँबा + जिंक
(B) ताँबा + टिन (Sn)
(C) लोहा + कार्बन
(D) ताँबा + चाँदी
सही उत्तर: (B) ताँबा + टिन (Sn)
व्याख्या: काँसा या Bronze मुख्यतः ताँबे और टिन की मिश्रधातु है। इसमें ताँबा प्रमुख घटक होता है तथा टिन मिलाया जाता है। पीतल और काँसा दोनों ताँबे की महत्वपूर्ण मिश्रधातुएँ हैं, लेकिन दोनों में दूसरा घटक अलग होता है। इसलिए याद रखें — पीतल = Cu + Zn, जबकि काँसा = Cu + Sn।
प्रश्न 19. जर्मन सिल्वर (German Silver) मिश्रधातु में चाँदी की कितनी मात्रा होती है?
(A) इसमें चाँदी बिल्कुल नहीं होती
(B) 50% चाँदी होती है
(C) इसमें केवल चाँदी होती है
(D) 25% चाँदी होती है
सही उत्तर: (A) इसमें चाँदी बिल्कुल नहीं होती
व्याख्या: जर्मन सिल्वर के नाम में Silver शब्द होने के बावजूद इसमें वास्तविक चाँदी नहीं होती। यह मुख्यतः ताँबा, जिंक और निकल की मिश्रधातु है। इसका नाम अक्सर विद्यार्थियों को भ्रमित करता है, इसलिए परीक्षा में इस तथ्य को विशेष रूप से याद रखना चाहिए कि German Silver में Silver नहीं होता।
प्रश्न 20. गन मेटल (Gun Metal) किन धातुओं से बनती है?
(A) Cu, Zn, Sn
(B) केवल लोहा
(C) Al व Mg
(D) Ni व Cr
सही उत्तर: (A) Cu, Zn, Sn
व्याख्या: गन मेटल ताँबा (Cu), जिंक (Zn) और टिन (Sn) की मिश्रधातु है। इसका उपयोग मशीनरी तथा कुछ विशेष धातु के पुर्जे बनाने में किया जाता है। मिश्रधातुओं के घटकों को याद रखने के लिए उनके नाम और संरचना को साथ-साथ पढ़ना अधिक उपयोगी होता है।
प्रश्न 21. इस्पात (Steel) मुख्यतः किसका मिश्रण है?
(A) लोहा व कार्बन
(B) लोहा व एल्युमीनियम
(C) लोहा व जिंक
(D) ताँबा व लोहा
सही उत्तर: (A) लोहा व कार्बन
व्याख्या: इस्पात मुख्यतः लोहे और कार्बन का मिश्रण है। इसमें कार्बन की मात्रा और अन्य गुणों के आधार पर इस्पात के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं। कार्बन की मात्रा में परिवर्तन करने से इस्पात की कठोरता, तन्यता और अन्य यांत्रिक गुणों में परिवर्तन होता है। इसलिए Steel के संदर्भ में Iron और Carbon का संबंध महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 22. कठोर इस्पात (Hard Steel) में कार्बन की मात्रा कितनी होती है?
(A) 0.1% से कम
(B) 1.5% से अधिक
(C) 0.12–0.25%
(D) 50%
सही उत्तर: (B) 1.5% से अधिक
व्याख्या: कठोर इस्पात में कार्बन की मात्रा 1.5% से अधिक बताई गई है। कार्बन की अधिक मात्रा के कारण इस्पात की कठोरता बढ़ती है। इसके कारण यह अधिक कठोर लेकिन अपेक्षाकृत कम तन्य हो सकता है। इस प्रश्न में कार्बन प्रतिशत को सीधे याद रखना परीक्षा के लिए उपयोगी है।
प्रश्न 23. मृदु इस्पात (Mild Steel) में कार्बन की मात्रा लगभग कितनी होती है?
(A) 0.12–0.25%
(B) 5%
(C) 10%
(D) 0%
सही उत्तर: (A) 0.12–0.25%
व्याख्या: मृदु इस्पात में कार्बन की मात्रा लगभग 0.12% से 0.25% के बीच रहती है। इसमें कार्बन की मात्रा कठोर इस्पात की तुलना में कम होती है। इसी कारण मृदु इस्पात अपेक्षाकृत अधिक तन्य और मुलायम होता है। परीक्षा में Mild Steel और Hard Steel के बीच कार्बन की मात्रा की तुलना पूछी जा सकती है।
प्रश्न 24. ढलवाँ लोहा (Cast Iron) में कार्बन की मात्रा लगभग कितनी होती है?
(A) 2–5%
(B) 0.1%
(C) 50%
(D) 80%
सही उत्तर: (A) 2–5%
व्याख्या: ढलवाँ लोहे में कार्बन की मात्रा लगभग 2–5% बताई गई है। कार्बन की अपेक्षाकृत अधिक मात्रा के कारण यह कठोर होता है, लेकिन साथ ही भंगुर भी हो सकता है। इसका उपयोग विभिन्न ढलाई योग्य वस्तुओं तथा मशीनरी के भागों में किया जाता है।
प्रश्न 25. एल्युमीनियम प्राप्त करने के लिए बॉक्साइट को किसके साथ गलाया जाता है?
(A) क्रायोलाइट (Cryolite)
(B) साधारण नमक
(C) चूना पत्थर
(D) जिप्सम
सही उत्तर: (A) क्रायोलाइट (Cryolite)
व्याख्या: एल्युमीनियम के निष्कर्षण की प्रक्रिया में क्रायोलाइट का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। इसका रासायनिक सूत्र Na3AlF6 दिया गया है। क्रायोलाइट का उपयोग बॉक्साइट से प्राप्त एल्युमीनियम यौगिक के गलनांक को कम करने में सहायता के लिए किया जाता है, जिससे वैद्युत अपघटन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो जाती है।
प्रश्न 26. सोडियम क्लोराइड (NaCl) साधारण नमक किस प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है?
(A) समुद्री जल के वाष्पीकरण से
(B) कोयले के दहन से
(C) पेट्रोलियम के आसवन से
(D) पौधों से
सही उत्तर: (A) समुद्री जल के वाष्पीकरण से
व्याख्या: सोडियम क्लोराइड अर्थात साधारण नमक समुद्री जल में घुला हुआ पाया जाता है। समुद्री जल को उपयुक्त स्थानों पर एकत्र करके सूर्य की गर्मी से जल का वाष्पीकरण कराया जाता है। पानी के वाष्पित होने के बाद नमक क्रिस्टल के रूप में बच जाता है। इस प्रकार समुद्री जल साधारण नमक का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्रश्न 27. साधारण नमक का रासायनिक सूत्र क्या है?
(A) Na2CO3
(B) NaCl
(C) NaHCO3
(D) NaOH
सही उत्तर: (B) NaCl
व्याख्या: साधारण नमक को Sodium Chloride कहा जाता है और इसका रासायनिक सूत्र NaCl है। इसमें सोडियम और क्लोरीन तत्व उपस्थित होते हैं। NaCl दैनिक जीवन में भोजन में उपयोग होने वाला सामान्य नमक है और यह विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण कच्चा पदार्थ भी है।
प्रश्न 28. धावन सोडा (Washing Soda) का रासायनिक सूत्र क्या है?
(A) Na2CO3.10H2O
(B) NaHCO3
(C) CaOCl2
(D) CaSO4.½H2O
सही उत्तर: (A) Na2CO3.10H2O
व्याख्या: धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट का जलयोजित रूप है। इसका रासायनिक सूत्र Na2CO3.10H2O है। इसमें क्रिस्टलीकरण का जल उपस्थित होता है। धावन सोडा का उपयोग विभिन्न घरेलू और औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। परीक्षा में इसे बेकिंग सोडा से अलग पहचानना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 29. बेकिंग सोडा किसे कहते हैं?
(A) सोडियम कार्बोनेट
(B) सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3)
(C) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
(D) सोडियम क्लोराइड
सही उत्तर: (B) सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3)
व्याख्या: सोडियम बाइकार्बोनेट का रासायनिक सूत्र NaHCO3 है और इसे बेकिंग सोडा या खाने का सोडा कहा जाता है। इसका उपयोग खाद्य पदार्थों को फुलाने तथा अन्य घरेलू कार्यों में किया जाता है। इसे NaCl, H2O, CO2 और NH3 से संबंधित प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 30. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) का रासायनिक सूत्र क्या है?
(A) Ca(OCl)Cl
(B) CaSO4.2H2O
(C) CaCO3
(D) Na2CO3
सही उत्तर: (A) Ca(OCl)Cl
व्याख्या: विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र Ca(OCl)Cl दिया गया है। यह एक सफेद ठोस पदार्थ होता है और इसमें क्लोरीन जैसी गंध महसूस हो सकती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पदार्थों के विरंजन और कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। इसलिए इसका सूत्र और उपयोग दोनों परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 31. विरंजक चूर्ण का उपयोग मुख्यतः किस रूप में किया जाता है?
(A) कीटाणुनाशक व कागज-कपड़ों के विरंजन में
(B) भोजन बनाने में
(C) धातु शोधन में
(D) ईंधन के रूप में
सही उत्तर: (A) कीटाणुनाशक व कागज-कपड़ों के विरंजन में
व्याख्या: विरंजक चूर्ण का उपयोग कागज और कपड़ों को सफेद करने अर्थात विरंजन के लिए किया जाता है। इसका उपयोग कीटाणुनाशक के रूप में भी किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग क्लोरोफॉर्म के निर्माण में भी किया जाता है। इसलिए Bleaching Powder को उसके सूत्र के साथ-साथ उसके उपयोगों के आधार पर भी याद रखना चाहिए।
प्रश्न 32. प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris) का आण्विक सूत्र क्या है?
(A) CaSO4.2H2O
(B) (CaSO4)2.H2O
(C) CaCO3
(D) Ca(OH)2
सही उत्तर: (B) (CaSO4)2.H2O
व्याख्या: प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र (CaSO4)2.H2O है। यह जल के साथ अभिक्रिया करके जिप्सम अर्थात CaSO4.2H2O में परिवर्तित होकर कठोर हो जाता है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों के प्लास्टर तथा विभिन्न आकृतियाँ और मूर्तियाँ बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 33. प्लास्टर ऑफ पेरिस का मुख्य उपयोग किसमें होता है?
(A) शल्य क्रिया में हड्डियों का प्लास्टर करने में
(B) जल शुद्धिकरण में
(C) बैटरी बनाने में
(D) साबुन बनाने में
सही उत्तर: (A) शल्य क्रिया में हड्डियों का प्लास्टर करने में
व्याख्या: प्लास्टर ऑफ पेरिस का एक महत्वपूर्ण उपयोग शल्य चिकित्सा में टूटी हुई हड्डियों को स्थिर रखने के लिए प्लास्टर बनाने में होता है। जल मिलाने पर यह धीरे-धीरे कठोर होकर जिप्सम में बदलता है। इसके अलावा इसका उपयोग मूर्तियाँ बनाने तथा विभिन्न वस्तुओं के साँचे और सजावटी आकृतियाँ बनाने में भी किया जाता है।
प्रश्न 34. धातुओं के संक्षारण (Corrosion) का क्या अर्थ है?
(A) धातु की सतह का वायु में गैसों से अभिक्रिया कर धीरे-धीरे क्षय होना
(B) धातु का पिघलना
(C) धातु का चुम्बकीय होना
(D) धातु का रंग बदलना बिना अभिक्रिया के
सही उत्तर: (A) धातु की सतह का वायु में गैसों से अभिक्रिया कर धीरे-धीरे क्षय होना
व्याख्या: धातु की सतह पर वायु में उपस्थित विभिन्न पदार्थों के साथ रासायनिक अभिक्रिया होने के कारण धीरे-धीरे धातु का क्षय होने की प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। ऑक्सीजन, जलवाष्प तथा अन्य गैसें इस प्रक्रिया में भूमिका निभा सकती हैं। लोहे पर जंग लगना संक्षारण का सबसे सामान्य उदाहरण है।
प्रश्न 35. लोहे पर जंग (Rust) किसके निर्माण से लगता है?
(A) फेरिक ऑक्साइड व फेरिक हाइड्रॉक्साइड
(B) सोडियम क्लोराइड
(C) कैल्शियम कार्बोनेट
(D) एल्युमीनियम ऑक्साइड
सही उत्तर: (A) फेरिक ऑक्साइड व फेरिक हाइड्रॉक्साइड
व्याख्या: लोहे पर जंग लगना संक्षारण की प्रक्रिया का उदाहरण है। जंग मुख्यतः फेरिक ऑक्साइड Fe2O3 तथा फेरिक हाइड्रॉक्साइड Fe(OH)3 से संबंधित होती है। नम वायु में लोहे की सतह पर ऑक्सीकरण की प्रक्रिया के कारण यह परत धीरे-धीरे बनती है। नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति जंग लगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रश्न 36. चाँदी की वस्तुओं पर काली परत (Ag2S) बनने का कारण क्या है?
(A) वायु में उपस्थित सल्फर डाइऑक्साइड व हाइड्रोजन सल्फाइड से अभिक्रिया
(B) अधिक ठंड लगना
(C) अत्यधिक धूप में रखना
(D) पानी में डुबाना
सही उत्तर: (A) वायु में उपस्थित सल्फर डाइऑक्साइड व हाइड्रोजन सल्फाइड से अभिक्रिया
व्याख्या: चाँदी की वस्तुएँ कुछ समय बाद काली दिखाई देने लगती हैं। इसका कारण वायु में उपस्थित सल्फर यौगिकों के साथ चाँदी की अभिक्रिया है। इस अभिक्रिया से सिल्वर सल्फाइड Ag2S की काली परत बनती है। यह भी संक्षारण से संबंधित एक उदाहरण है।
प्रश्न 37. संक्षारण रोकने के उपायों में से एक क्या है?
(A) धातु की सतह पर लेप चढ़ाना
(B) धातु को नम स्थान पर रखना
(C) धातु को अधिक ऑक्सीजन में रखना
(D) धातु को अम्ल में डुबाना
सही उत्तर: (A) धातु की सतह पर लेप चढ़ाना
व्याख्या: धातु को वायु और नमी के सीधे संपर्क से बचाकर संक्षारण को कम किया जा सकता है। इसके लिए धातु की सतह पर पेंट, तेल या ग्रीस का लेप लगाया जा सकता है। कुछ धातुएँ अपनी सतह पर सुरक्षात्मक ऑक्साइड की परत भी बना लेती हैं। इस प्रकार धातु और वातावरण के बीच संपर्क कम करना संक्षारण रोकने का प्रभावी तरीका है।
प्रश्न 38. विद्युतलेपन (Electroplating) किसे कहते हैं?
(A) वैद्युत अपघटन द्वारा एक धातु पर दूसरी धातु का लेप चढ़ाना
(B) धातु को गर्म करना
(C) धातु को पिघलाना
(D) धातु को तोड़ना
सही उत्तर: (A) वैद्युत अपघटन द्वारा एक धातु पर दूसरी धातु का लेप चढ़ाना
व्याख्या: विद्युत अपघटन की सहायता से किसी वस्तु या धातु की सतह पर दूसरी धातु की पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया को विद्युतलेपन कहते हैं। इसका उद्देश्य वस्तु को संक्षारण से बचाना, उसकी सतह के गुणों में सुधार करना या उसे बेहतर रूप देना हो सकता है। लोहे पर जिंक की परत चढ़ाना इसका एक उदाहरण है।
प्रश्न 39. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अधातु (Non-metal) है?
(A) सोडियम
(B) एल्युमीनियम
(C) कार्बन
(D) जिंक
सही उत्तर: (C) कार्बन
व्याख्या: कार्बन एक अधातु है। अधातु सामान्यतः धातुओं के विपरीत गुण प्रदर्शित करते हैं। कार्बन के अलावा ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और गंधक जैसे तत्व भी अधातुओं के उदाहरण हैं। सिलिकॉन को वैज्ञानिक रूप से उपधातु (Metalloid) माना जाता है, क्योंकि उसमें धातु और अधातु दोनों के कुछ गुण पाए जाते हैं।
प्रश्न 40. अधातुओं के परमाणुओं की बाह्यतम कक्षा में सामान्यतः कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
(A) 1 या 2
(B) 5, 6 या 7
(C) 0
(D) 10 से अधिक
सही उत्तर: (B) 5, 6 या 7
व्याख्या: अधातुओं के बाह्यतम कोश में सामान्यतः 5, 6 या 7 इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। ये तत्व स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने या साझा करने की प्रवृत्ति रखते हैं। इसी कारण अधातुओं की रासायनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने और सहसंयोजक बंध बनाने की प्रवृत्ति देखी जाती है।
प्रश्न 41. फॉस्फोरस (Phosphorus) के दो प्रमुख अपरूप कौन-से हैं?
(A) श्वेत/पीला फॉस्फोरस व लाल फॉस्फोरस
(B) सफेद व काला कार्बन
(C) लाल व हरा सल्फर
(D) पीला व नीला सिलिकॉन
सही उत्तर: (A) श्वेत/पीला फॉस्फोरस व लाल फॉस्फोरस
व्याख्या: फॉस्फोरस के कई अपरूप पाए जाते हैं। इसके दो प्रमुख अपरूप श्वेत या पीला फॉस्फोरस तथा लाल फॉस्फोरस बताए गए हैं। इनके गुणों में अंतर पाया जाता है। इसके अतिरिक्त सिंदूरी और काला फॉस्फोरस भी फॉस्फोरस के अपरूपों के रूप में बताए गए हैं।
प्रश्न 42. लाल फॉस्फोरस का उपयोग मुख्यतः किसमें होता है?
(A) माचिस बनाने में
(B) साबुन बनाने में
(C) सीमेंट बनाने में
(D) काँच बनाने में
सही उत्तर: (A) माचिस बनाने में
व्याख्या: लाल फॉस्फोरस का प्रमुख उपयोग माचिस की तीली से संबंधित कार्यों में किया जाता है। यह फॉस्फोरस का एक महत्वपूर्ण अपरूप है और इसके गुण श्वेत फॉस्फोरस से अलग होते हैं। इसका उपयोग माचिस बनाने के साथ-साथ कुछ अन्य रासायनिक पदार्थों की तैयारी में भी किया जाता है।
प्रश्न 43. सल्फर (गंधक) का प्रमुख अयस्क कौन-सा है?
(A) सिनेबार (HgS)
(B) जिंक ब्लेंड (ZnS)
(C) कॉपर पाइराइट्स (CuFeS2)
(D) हेमेटाइट
सही उत्तर: (C) कॉपर पाइराइट्स (CuFeS2)
व्याख्या: कॉपर पाइराइट्स CuFeS2 और आयरन पाइराइट्स FeS2 को गंधक के प्रमुख अयस्कों में बताया गया है। वहीं सिनेबार HgS पारे का तथा जिंक ब्लेंड ZnS जिंक का अयस्क है। इस प्रकार अलग-अलग अयस्कों और उनसे संबंधित तत्वों को उनके रासायनिक सूत्र के साथ याद करना परीक्षा में बहुत उपयोगी है।
प्रश्न 44. सिलिकॉन (Silicon) साधारण ताप पर किस अवस्था में पाया जाता है?
(A) गैस
(B) द्रव
(C) ठोस
(D) प्लाज्मा
सही उत्तर: (C) ठोस
व्याख्या: सिलिकॉन साधारण ताप पर ठोस अवस्था में पाया जाता है। इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अर्धचालक युक्तियों में किया जाता है। सिलिकॉन में धातु और अधातु दोनों के कुछ गुण पाए जाते हैं, इसलिए वैज्ञानिक रूप से इसे उपधातु (Metalloid) की श्रेणी में रखा जाता है।
प्रश्न 45. सिलिकॉन का उपयोग इस्पात व लोहे में क्यों मिलाया जाता है?
(A) इस्पात की अम्ल प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए
(B) इस्पात को नरम बनाने के लिए
(C) इस्पात का रंग बदलने के लिए
(D) इस्पात का वजन घटाने के लिए
सही उत्तर: (A) इस्पात की अम्ल प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए
व्याख्या: सिलिकॉन को लोहे या इस्पात में फेरोसिलिकॉन के रूप में मिलाया जा सकता है। इसका एक उद्देश्य इस्पात की अम्ल प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाना है। इस प्रकार सिलिकॉन केवल अर्धचालक के रूप में ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि धातुओं और मिश्रधातुओं के गुणों को प्रभावित करने में भी उपयोगी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. धातु और अधातु में क्या अंतर है?
उत्तर: धातुएँ सामान्यतः इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनात्मक आयन बनाती हैं। वे प्रायः चमकीली, तन्य, आघातवर्ध्य तथा ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं। इसके विपरीत अधातुओं में सामान्यतः इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने या साझा करने की प्रवृत्ति होती है। अधिकतर अधातु भंगुर होते हैं और ऊष्मा तथा विद्युत के कुचालक होते हैं।
2. सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर कौन-सी धातु है?
उत्तर: सक्रियता श्रेणी में पोटैशियम (K) सबसे ऊपर अर्थात सबसे अधिक क्रियाशील धातु के रूप में दिया गया है। दूसरी ओर सोना (Au) सबसे नीचे अर्थात सबसे कम क्रियाशील धातुओं में है। सक्रियता श्रेणी का उपयोग धातुओं की क्रियाशीलता और विस्थापन अभिक्रियाओं को समझने में किया जाता है।
3. धातुओं का संक्षारण रोकने के उपाय क्या हैं?
उत्तर: संक्षारण को रोकने के लिए धातु की सतह को वायु और नमी के संपर्क से बचाना आवश्यक होता है। इसके लिए पेंट, तेल या ग्रीस का लेप किया जा सकता है। विद्युतलेपन द्वारा किसी दूसरी धातु की सुरक्षात्मक परत भी चढ़ाई जा सकती है। मिश्रधातु बनाने और कुछ धातुओं द्वारा सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत बनाने से भी संक्षारण को कम किया जा सकता है।
4. सिलिकॉन धातु है या अधातु?
उत्तर: सिलिकॉन को वैज्ञानिक रूप से उपधातु (Metalloid) माना जाता है। इसका कारण यह है कि इसमें धातु और अधातु दोनों के कुछ गुण पाए जाते हैं। हालांकि कई पाठ्यपुस्तकों में सिलिकॉन को अधातु वाले अध्याय के अंतर्गत पढ़ाया जाता है।
निष्कर्ष
धातु एवं अधातु MCQ प्रश्नोत्तरी रसायन विज्ञान की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें खनिज और अयस्क, धातुकर्म, सक्रियता श्रेणी, मिश्रधातु, सोडियम यौगिक, विरंजक चूर्ण, प्लास्टर ऑफ पेरिस, संक्षारण तथा अधातुओं जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल किया गया है। 45 प्रश्नों का नियमित अभ्यास करने से विद्यार्थियों को तथ्यों के साथ-साथ संबंधित रासायनिक अवधारणाओं को समझने में भी सहायता मिलेगी।
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