शाही फरमान, कर्नाटक युद्ध और भारत में ब्रिटिश सत्ता का उदय
Introduction
मुगल शासकों द्वारा दिए गए शाही फरमानों ने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी को व्यापारिक सुविधाएँ प्रदान कीं। इसके बाद अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच हुए तीन कर्नाटक युद्धों ने भारत की राजनीतिक स्थिति को बदल दिया। इन युद्धों के परिणामस्वरूप भारत में ब्रिटिश सत्ता मजबूत हुई और आगे चलकर अंग्रेजों ने पूरे भारत पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया।
Q51. डुप्ले ने मॉरीशस के किस फ्रांसीसी गवर्नर की नौसैनिक सहायता से 1746 ई. में अंग्रेजों से मद्रास को जीत लिया था?
(A) ला बूर्दौने (La Bourdonnais)
(B) काउंट लाली
(C) बुसी
(D) कोलबर्ट
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डुप्ले ने मॉरीशस के फ्रांसीसी गवर्नर 'ला बूर्दौने' को एक शक्तिशाली जहाजी बेड़े के साथ भारत बुलाया और दोनों ने मिलकर अंग्रेजों के मुख्य केंद्र मद्रास पर अधिकार कर लिया।
Q52. प्रथम कर्नाटक युद्ध के दौरान फ्रांसीसी सेना और कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन की सेना के बीच कौन सा प्रसिद्ध युद्ध लड़ा गया था?
(A) सेंट थोमे का युद्ध (Battle of St. Thome) / अड्यार का युद्ध
(B) अंबर का युद्ध
(C) वांडीवाश का युद्ध
(D) प्लासी का युद्ध
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: नवाब की एक विशाल सेना को फ्रांसीसी कैप्टन पैराडाइज ने 'सेंट थोमे' (अड्यार नदी के तट पर) के युद्ध में मात्र एक छोटी सी अनुशासित टुकड़ी से हरा दिया था।
Q53. प्रथम कर्नाटक युद्ध की समाप्ति वर्ष 1748 ई. में यूरोप में हुई किस प्रसिद्ध संधि के माध्यम से हुई थी?
(A) ए-ला-शापेल की संधि (Treaty of Aix-la-Chapelle)
(B) पेरिस की संधि
(C) पोंडिचेरी की संधि
(D) मद्रास की संधि
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: यूरोप में ऑस्ट्रिया का उत्तराधिकार युद्ध समाप्त होने पर 'ए-ला-शापेल की संधि' (1748 ई.) हुई, जिसके तहत भारत में भी शांति स्थापित हुई और अंग्रेजों को मद्रास वापस मिल गया।
भाग 12: द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749 - 1754 ई.)
Q54. द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749-1754 ई.) का मुख्य आंतरिक या भारतीय कारण क्या था?
(A) कर्नाटक और हैदराबाद के सिंहासन का उत्तराधिकार विवाद (Succession Disputes of Hyderabad & Carnatic)
(B) यूरोप का सप्तवर्षीय युद्ध
(C) जहाजों की लूटपाट
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: द्वितीय कर्नाटक युद्ध का कारण पूरी तरह भारतीय था, जिसमें हैदराबाद के निजाम और कर्नाटक के नवाब के पदों के लिए दो विरोधी गुटों को अंग्रेजों और फ्रांसीसियों ने समर्थन दिया था।
Q55. द्वितीय कर्नाटक युद्ध के दौरान हैदराबाद में फ्रांसीसियों ने किस दावेदार का समर्थन किया था?
(A) मुजफ्फरजंग (Muzaffar Jung)
(B) नासिरजंग
(C) सलाबतजंग
(D) चंदा साहब
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले ने हैदराबाद की गद्दी के लिए 'मुजफ्फरजंग' का साथ दिया, जबकि अंग्रेजों ने उसके प्रतिद्वंद्वी 'नासिरजंग' का खुलकर समर्थन किया था।
Q56. कर्नाटक के नवाब पद के लिए फ्रांसीसियों ने अनवरुद्दीन के खिलाफ किस व्यक्ति का पक्ष लिया था?
(A) चंदा साहब (Chanda Sahib)
(B) मुहम्मद अली
(C) नासिरजंग
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: कर्नाटक में डुप्ले ने 'चंदा साहब' को नवाब बनाने के लिए सैन्य सहायता दी, जबकि अंग्रेजों ने अनवरुद्दीन और बाद में उसके पुत्र 'मुहम्मद अली' का साथ दिया।
Q57. वर्ष 1749 ई. में डुप्ले, चंदा साहब और मुजफ्फरजंग की संयुक्त सेना ने किस युद्ध में कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन को मार गिराया था?
(A) अंबर का युद्ध (Battle of Ambur)
(B) सेंट थोमे का युद्ध
(C) वांडीवाश का युद्ध
(D) आर्कोट का युद्ध
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: अगस्त 1749 ई. में 'अंबर के युद्ध' में फ्रांसीसी गठबंधन ने नवाब अनवरुद्दीन को पराजित कर मार डाला, जिसके बाद चंदा साहब कर्नाटक के नवाब बने।
Q58. द्वितीय कर्नाटक युद्ध के दौरान किस युवा ब्रिटिश क्लर्क ने 'आर्कोट का घेरा' (Siege of Arcot, 1751) डालकर पासा पूरी तरह पलट दिया था?
(A) रॉबर्ट क्लाइव (Robert Clive)
(B) वारेन हेस्टिंग्स
(C) लॉर्ड कॉर्नवॉलिस
(D) सर आयर कूट
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: रॉबर्ट क्लाइव ने मात्र 210 सैनिकों के साथ चंदा साहब की राजधानी आर्कोट पर घेरा डाला और 53 दिनों तक उसे सुरक्षित रखा, जिससे चंदा साहब की स्थिति बेहद कमजोर हो गई।
Q59. द्वितीय कर्नाटक युद्ध में फ्रांसीसी कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण फ्रांस सरकार ने किस गवर्नर को 1754 ई. में वापस बुला लिया था?
(A) डुप्ले (Dupleix)
(B) गोडेहू
(C) लाली
(D) बुसी
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डुप्ले की लगातार युद्ध लड़ने की नीति से परेशान होकर फ्रांसीसी सरकार ने उसे वापस फ्रांस बुला लिया, जिसे फ्रांसीसी इतिहास की एक बहुत बड़ी भूल माना जाता है।
Q60. डुप्ले के स्थान पर भारत आने वाले अगले फ्रांसीसी गवर्नर 'गोडेहू' ने अंग्रेजों के साथ 1755 ई. में कौन सी संधि की थी?
(A) पोंडिचेरी की संधि (Treaty of Pondicherry)
(B) पेरिस की संधि
(C) मद्रास की संधि
(D) मंगलौर की संधि
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: जनवरी 1755 ई. में गवर्नर गोडेहू और अंग्रेजों के बीच 'पोंडिचेरी की संधि' हुई, जिसके तहत दोनों कंपनियों ने भारतीय राजाओं के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का वादा किया।
भाग 13: तृतीय कर्नाटक युद्ध (1758 - 1763 ई.) और वांडीवाश का युद्ध
Q61. तृतीय कर्नाटक युद्ध (1758-1763 ई.) का मुख्य वैश्विक पृष्ठभूमि कारण निम्नलिखित में से क्या था?
(A) यूरोप का सप्तवर्षीय युद्ध (Seven Years' War)
(B) ऑस्ट्रिया का उत्तराधिकार
(C) बक्सर का युद्ध
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: तृतीय कर्नाटक युद्ध यूरोप में 1756 ई. में शुरू हुए 'सप्तवर्षीय युद्ध' (Seven Years' War) का ही सीधा परिणाम था। जैसे ही यूरोप में दोनों देश लड़े, भारत में भी युद्ध शुरू हो गया।
Q62. तृतीय कर्नाटक युद्ध के दौरान फ्रांसीसी सरकार ने भारत में सर्वोच्च सैन्य कमांडर बनाकर किस गवर्नर को भेजा था?
(A) काउंट डी लाली (Count de Lally)
(B) डुप्ले
(C) बुसी
(D) गोडेहू
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: वर्ष 1758 ई. में फ्रांसीसी सेना को पूरी कमान देने के लिए 'काउंट डी लाली' को भारत भेजा गया था, लेकिन उसका अड़ियल स्वभाव उसकी विफलता का कारण बना।
Q63. वर्ष 1760 ई. में अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच कौन सा अंतिम व निर्णायक युद्ध लड़ा गया, जिसने फ्रांसीसी साम्राज्य की कमर तोड़ दी?
(A) वांडीवाश का युद्ध (Battle of Wandiwash)
(B) बेदरा का युद्ध
(C) प्लासी का युद्ध
(D) अंबर का युद्ध
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: 22 जनवरी 1760 ई. को तमिलनाडु के 'वांडीवाश' (Wandiwash) नामक स्थान पर भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया।
Q64. वांडीवाश के युद्ध (1760 ई.) में विजयी ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किस कुशल अंग्रेज जनरल ने किया था?
(A) सर आयर कूट (Sir Eyre Coote)
(B) रॉबर्ट क्लाइव
(C) मेजर स्ट्रिंगर लॉरेंस
(D) कैप्टन बेस्ट
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: वांडीवाश के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व 'सर आयर कूट' ने किया था, जिन्होंने फ्रांसीसी जनरल लाली और बुसी को करारी शिकस्त दी थी।
Q65. तृतीय कर्नाटक युद्ध और वांडीवाश की लड़ाई के बाद वर्ष 1763 ई. में किस वैश्विक संधि के द्वारा युद्ध पूर्णतः समाप्त हुआ?
(A) पेरिस की संधि (Treaty of Paris)
(B) पोंडिचेरी की संधि
(C) लंदन की संधि
(D) वर्साय की संधि
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: यूरोप में सप्तवर्षीय युद्ध के अंत के साथ 'पेरिस की संधि' (1763 ई.) हुई। इसके तहत अंग्रेजों ने पोंडिचेरी फ्रांसीसियों को लौटा तो दी, लेकिन वे अब वहाँ सेना नहीं रख सकते थे।
भाग 14: यूरोपीय कंपनियों की व्यापारिक नीतियां और फैक्ट्रियों का तुलनात्मक इतिहास
Q66. डचों ने बंगाल के 'चिनसुरा' में अपनी मजबूत व्यापारिक कोठी किस वर्ष स्थापित की थी, जो उनका मुख्य बंगाल केंद्र बनी?
(A) 1653 ई.
(B) 1605 ई.
(C) 1625 ई.
(D) 1680 ई.
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डचों ने बंगाल में प्रवेश के बाद वर्ष 1653 ई. में 'चिनसुरा' में अपनी कोठी बनाई और वहाँ 'गुस्तावस फोर्ट' नामक किले का निर्माण किया था।
Q67. डच ईस्ट इंडिया कंपनी मुख्य रूप से किस व्यापारिक व्यवस्था या साझेदारी मॉडल पर आधारित थी, जो दुनिया में पहली बार आई थी?
(A) संयुक्त स्टॉक कंपनी और सार्वजनिक कार्टेल (Joint Stock & Cartel)
(B) पूरी तरह सरकारी स्वामित्व
(C) व्यक्तिगत व्यापार
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डच कंपनी (VOC) दुनिया की पहली 'संयुक्त स्टॉक कंपनी' (Joint Stock Company) थी, जिसने आम जनता के लिए शेयर (स्टॉक) जारी किए थे और अपने कर्मचारियों को लाभांश देती थी।
Q68. अंग्रेजों ने भारत के पश्चिमी तट पर अपनी पहली 'अस्थायी' कोठी 1611 ई. में जहाँगीर के विरोध के बावजूद कहाँ खोलने की कोशिश की थी?
(A) सूरत (Surat)
(B) बम्बई
(C) गोवा
(D) कन्नानूर
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: अंग्रेजों ने 1611 ई. में सूरत में एक फैक्ट्री शुरू करने का प्रयास किया था, परंतु पुर्तगालियों और स्थानीय मुगलों के विरोध के कारण वह कार्य तब बीच में ही रुक गया था।
Q69. वर्ष 1690 ई. में जॉब चारनॉक ने किस नदी के किनारे सूतानाती गाँव में एक ब्रिटिश व्यापारिक चौकी की स्थापना की थी?
(A) हुगली नदी (Hooghly River)
(B) गंगा नदी
(C) भागीरथी नदी
(D) ब्रह्मपुत्र नदी
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: कोलकाता शहर का विकास 'हुगली नदी' के पूर्वी तट पर हुआ था, जहाँ जॉब चारनॉक ने सूतानाती को अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए चुना था।
Q70. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्य प्रशासनिक ढांचा भारत में किन तीन स्वतंत्र क्षेत्रों में बंटा हुआ था?
(A) बंगाल, बॉम्बे और मद्रास प्रेसिडेंसी (Bengal, Bombay & Madras Presidencies)
(B) दिल्ली, आगरा और लाहौर
(C) सूरत, कोचीन और हुगली
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: अंग्रेजों ने पूरे भारत के व्यापार को संभालने के लिए तीन बड़े प्रशासनिक केंद्र बनाए जिन्हें 'बंगाल प्रेसिडेंसी', 'बॉम्बे प्रेसिडेंसी' और 'मद्रास प्रेसिडेंसी' कहा जाता था।
भाग 15: वन-लाइनर आधारित गहरे विश्लेषणात्मक प्रश्न
Q71. डचों का भारत में मुख्य व्यापारिक उद्देश्य मसालों के बजाय किन भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना था?
(A) भारतीय सूती वस्त्र, नील और शोरा (Textiles, Indigo & Saltpetre)
(B) चाय और कॉफी
(C) सोना और चांदी
(D) लकड़ी और कोयला
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डचों ने भारतीय कपड़ों (सूती वस्त्रों) को वैश्विक बाजार में निर्यात की मुख्य वस्तु बनाया। इसके अलावा वे बिहार से शोरा और नील का भी बड़ा व्यापार करते थे।
Q72. पुर्तगालियों ने भारत में अपनी पहली प्रिंटिंग प्रेस (1556 ई.) किस मुख्य उद्देश्य से स्थापित की थी?
(A) ईसाई धर्म ग्रंथों और पुस्तकों के प्रकाशन हेतु (Printing Religious Books)
(B) अखबार छापने के लिए
(C) सरकारी गजट के लिए
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: पुर्तगालियों ने गोवा में ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार और स्थानीय भाषा में धार्मिक पुस्तकों को छापने के उद्देश्य से भारत की पहली प्रिंटिंग प्रेस लगाई थी।
Q73. किस संधि के तहत डचों ने अंग्रेजों के पक्ष में भारत के अपने सभी अधिकार छोड़ दिए और बदले में अंग्रेजों ने इंडोनेशिया पर डचों का दावा स्वीकार किया?
(A) आपसी समझौता / एंग्लो-डच समझौता (Anglo-Dutch Agreement)
(B) पेरिस की संधि
(C) बेदरा की संधि
(D) पोंडिचेरी की संधि
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: १८वीं शताब्दी में अंग्रेजों और डचों के बीच एक वैश्विक कूटनीतिक सहमति बनी, जिसके तहत डच पूरी तरह इंडोनेशिया चले गए और अंग्रेजों को भारत में निर्बाध रास्ता मिल गया।
Q74. ब्रिटिश कंपनी को ब्रिटेन के राजा से मिलने वाले 'शाही चार्टर' को प्रत्येक कितने वर्षों बाद नवीनीकृत (Renew) करना पड़ता था?
(A) समय-समय पर नए नियमों के अनुसार (As per New Acts)
(B) हर 5 साल में
(C) कभी नहीं
(D) हर 50 साल में
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: शुरुआत में यह 15 वर्ष का था, लेकिन बाद में ब्रिटिश संसद द्वारा विभिन्न चार्टर अधिनियमों (जैसे 1793, 1813, 1833) के माध्यम से इसे हर '20 वर्षों' के लिए बढ़ाया जाने लगा।
Q75. फ्रांसीसियों ने बंगाल में अपना मुख्य सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्र 1673 ई. में कहाँ स्थापित किया था?
(A) चंद्रनगर (Chandernagore)
(B) हुगली
(C) कलकत्ता
(D) मुर्शिदाबाद
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: फ्रांसीसियों ने बंगाल के सूबेदार शाइस्ता खाँ से एक क्षेत्र प्राप्त करके वहाँ 'चंद्रनगर' नामक एक अत्यंत समृद्ध व्यापारिक और सैन्य केंद्र की स्थापना की थी।
भाग 16: यूरोपीय कंपनियों के गवर्नर और उनकी नीतियां
Q76. निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिकारी को जहाँगीर ने 'खान' या 'अमीर' की उपाधि देकर दरबारी राजनीति का हिस्सा बनाया था?
(A) विलियम हॉकिन्स (William Hawkins)
(B) सर थॉमस रो
(C) फ्रांसिस डे
(D) जॉब चारनॉक
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: कैप्टन हॉकिन्स ही वह पहला अंग्रेज था जिसे जहाँगीर ने राजकीय मनसब प्रदान कर मुगलिया प्रशासनिक व्यवस्था (दरबार) का हिस्सा बनाया था।
Q77. चंद्रगिरि के राजा से मद्रास को पट्टे पर लेने के बाद अंग्रेजों ने वहाँ के किले का नाम सेंट जॉर्ज क्यों रखा?
(A) इंग्लैंड के संरक्षक संत 'सेंट जॉर्ज' के सम्मान में (In honor of Patron Saint George)
(B) राजा के नाम पर
(C) फ्रांसिस डे के पिता के नाम पर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: ब्रिटिश परंपरा के अनुसार, इंग्लैंड के राष्ट्रीय और धार्मिक संरक्षक संत 'सेंट जॉर्ज' के नाम पर ही मद्रास के इस ऐतिहासिक फोर्ट का नामकरण किया गया था।
Q78. 'फोर्ट विलियम' (कोलकाता) का नामकरण इंग्लैंड के किस तत्कालीन ब्रिटिश सम्राट के नाम पर रखा गया था?
(A) राजा विलियम तृतीय (King William III)
(B) राजा विलियम चतुर्थ
(C) राजा जॉर्ज प्रथम
(D) राजा चार्ल्स प्रथम
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: वर्ष 1700 ई. में जब यह किला पूरी तरह बनकर तैयार हुआ, तब इंग्लैंड के राजा 'विलियम तृतीय' सिंहासन पर थे, उन्हीं के सम्मान में इसका नाम फोर्ट विलियम हुआ।
Q79. फ्रांसीसी गवर्नर 'डुप्ले' की उस नीति को क्या कहा जाता है जिसके तहत वह भारतीय राजाओं के आपसी झगड़ों में अपनी सेना किराए पर देता था?
(A) सहायक संधि का प्रारंभिक रूप / कूटनीतिक हस्तक्षेप (Intervention Policy)
(B) सीधे विलय की नीति
(C) स्थायी बंदोबस्त
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डुप्ले ने ही भारत में सबसे पहले 'यूरोपीय सेना को भारतीय खर्च पर भारतीय राजाओं के दरबार में रखने' की नीति शुरू की, जिसे बाद में लॉर्ड वेलेजली ने 'सहायक संधि' के रूप में पूर्ण विकसित किया।
Q80. किस फ्रांसीसी सेनापति को द्वितीय और तृतीय कर्नाटक युद्ध के दौरान हैदराबाद के निजाम के दरबार में फ्रांसीसी हितों की रक्षा के लिए तैनात किया गया था?
(A) बुसी (Bussy)
(B) लाली
(C) डुप्ले
(D) गोडेहू
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: फ्रांसीसी कमांडर 'बुसी' कई वर्षों तक हैदराबाद के दरबार में रहा और उसने निजाम सलाबतजंग पर अपना गहरा राजनीतिक और सैन्य प्रभाव बनाए रखा था।
भाग 17: शाही फरमानों और व्यापारिक रियायतों का गहरा इतिहास
Q81. गोलकुंडा के सुल्तान द्वारा अंग्रेजों को दिए गए 'सुनहले फरमान' (1632 ई.) का मुख्य आर्थिक महत्व क्या था?
(A) अंग्रेजों को बिना किसी अतिरिक्त चुंगी के पूरे गोलकुंडा राज्य में व्यापार की स्वतंत्रता मिली (Duty-free trade in Golconda)
(B) अंग्रेजों को जमीन मिल गई
(C) अंग्रेजों को किलेबंदी का अधिकार मिला
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: इस फरमान ने अंग्रेजों को दक्कन के एक बहुत बड़े हिस्से (गोलकुंडा के बंदरगाहों) में बिना किसी स्थानीय टैक्स या उत्पीड़न के स्वतंत्र व्यापार का कानूनी अधिकार दे दिया था।
Q82. मुगल राजकुमार शाह शुजा द्वारा अंग्रेजों को 1651 ई. में दिया गया 'निशान' (फरमान) किस मुगल सम्राट के शासनकाल में जारी हुआ था?
(A) शाहजहाँ (Shah Jahan)
(B) औरंगजेब
(C) जहाँगीर
(D) अकबर
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: चूंकि 1651 ई. में दिल्ली के मुख्य सिंहासन पर सम्राट शाहजहाँ विराजमान थे, अतः उनके पुत्र शाह शुजा ने बंगाल के गवर्नर के रूप में यह आदेश जारी किया था।
Q83. फर्रुखसियर के 1717 ई. के शाही फरमान के तहत अंग्रेजों को बंगाल में मात्र 3000 रुपये के बदले किस कर से पूर्ण मुक्ति मिली थी?
(A) समस्त सीमा शुल्क और आंतरिक व्यापार कर (Customs Duty & Tolls)
(B) कृषि कर
(C) जजिया कर
(D) गृह कर
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: इस फरमान के बाद अंग्रेजों के व्यापारिक माल पर बंगाल में कोई चुंगी या टैक्स नहीं लगाया जाता था, जिससे भारतीय व्यापारियों की तुलना में अंग्रेजों को भारी मुनाफा होने लगा।
Q84. 1717 ई. के फरमान के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में व्यापार करने के लिए कितने रुपये वार्षिक का भुगतान निश्चित किया गया था?
(A) 10,000 रुपये (Rs. 10,000)
(B) 5,000 रुपये
(C) 3,000 रुपये
(D) मुफ्त
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: फर्रुखसियर के फरमान में यह भी प्रावधान था कि अंग्रेज मात्र '10,000 रुपये वार्षिक' देकर सूरत के बंदरगाह पर भी सभी प्रकार के करों से पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे।
भाग 18: कर्नाटक युद्धों के सैन्य परिणाम और रणनीतियाँ
Q85. सेंट थोमे (अड्यार) के युद्ध (1746 ई.) ने यूरोपीय सेना की किस विशेषता को भारतीय राजाओं के सामने साबित कर दिया था?
(A) छोटी लेकिन अनुशासित और आधुनिक हथियारों से लैस यूरोपीय सेना विशाल पारंपरिक भारतीय सेना पर भारी है (Discipline over Numbers)
(B) भारतीय सेना श्रेष्ठ है
(C) दोनों सेनाएँ बराबर हैं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: इस युद्ध में कैप्टन पैराडाइज के नेतृत्व में मात्र 1000 फ्रांसीसी और फ्रांसीसी-प्रशिक्षित सैनिकों ने नवाब महफूज खाँ की 10,000 की पारंपरिक सेना को बुरी तरह हरा दिया था।
Q86. प्रथम कर्नाटक युद्ध के बाद जब अंग्रेजों को मद्रास वापस मिला, तो बदले में फ्रांसीसियों को अमेरिका में कौन सा क्षेत्र मिला था?
(A) लुईबर्ग (Louisbourg)
(B) न्यूयॉर्क
(C) वाशिंगटन
(D) क्यूबेक
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: ए-ला-शापेल की संधि वैश्विक स्तर पर हुई थी, जिसके तहत अंग्रेजों ने उत्तरी अमेरिका का फ्रांसीसी क्षेत्र 'लुईबर्ग' फ्रांसीसियों को लौटाया और फ्रांसीसियों ने भारत का मद्रास अंग्रेजों को दिया।
Q87. द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1754 ई.) के अंत में डुप्ले को वापस बुलाना फ्रांसीसी कंपनी के लिए क्यों आत्मघाती साबित हुआ?
(A) क्योंकि डुप्ले भारत की राजनीतिक स्थिति को सबसे बेहतर समझता था और उसके जाने से फ्रांसीसी नेतृत्व कमजोर हो गया (Loss of Brilliant Leadership)
(B) क्योंकि वह बहुत अमीर था
(C) क्योंकि वह राजा का भाई था
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डुप्ले के जाने के बाद आए गवर्नरों में वह दूरदर्शिता और कूटनीतिक आक्रामकता नहीं थी, जिसके कारण अंग्रेज (विशेषकर रॉबर्ट क्लाइव) फ्रांसीसियों पर पूरी तरह हावी हो गए।
Q88. 'वांडीवाश का युद्ध' (1760 ई.) भारत के किस आधुनिक राज्य के भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत लड़ा गया था?
(A) तमिलनाडु (Tamil Nadu)
(B) कर्नाटक
(C) आंध्र प्रदेश
(D) केरल
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: वांडीवाश (Vandavasi) तमिलनाडु के उत्तरी अर्काट जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और रणनीतिक स्थान है।
Q89. 1763 ई. की 'पेरिस की संधि' के बाद भारत में फ्रांसीसी बस्तियों की स्थिति क्या रह गई थी?
(A) वे केवल गैर-किलेबंद व्यापारिक चौकियाँ बनकर रह गईं, जहाँ सेना रखने की अनुमति नहीं थी (Unfortified Trading Posts)
(B) वे पूरी तरह समाप्त हो गईं
(C) वे आजाद देश बन गईं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: पेरिस की संधि ने फ्रांसीसियों के भारत में राजनीतिक या सैन्य साम्राज्य बनाने के सपने को पूरी तरह दफन कर दिया। वे केवल अंग्रेजों की छत्रछाया में व्यापार कर सकते थे।
भाग 19: ऐतिहासिक तिथियां, कालक्रम और स्थापना वर्ष
Q90. ईस्ट इंडिया कंपनी के इतिहास में वर्ष 1700 ई. क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
(A) क्योंकि इस वर्ष फोर्ट विलियम (कोलकाता) को एक स्वतंत्र प्रेसिडेंसी घोषित किया गया था (Fort William Presidency)
(B) इस वर्ष प्लासी का युद्ध हुआ था
(C) इस वर्ष कंपनी बंद हो गई थी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: वर्ष 1700 ई. में कोलकाता के फोर्ट विलियम को मद्रास से अलग करके एक नई और स्वतंत्र प्रेसिडेंसी का दर्जा दिया गया, जिससे बंगाल में ब्रिटिश ताकत और सुदृढ़ हुई।
Q91. फ्रांस के अधिकारियों ने पोंडिचेरी (फोर्ट लुई) को किस वर्ष भारत में अपनी सभी फ्रांसीसी बस्तियों का आधिकारिक मुख्यालय बनाया था?
(A) 1701 ई. (1701 AD)
(B) 1673 ई.
(C) 1668 ई.
(D) 1746 ई.
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: पोंडिचेरी की स्थापना 1673 में हुई थी, लेकिन वर्ष 1701 ई. में इसे पूर्व में फ्रांस के सभी व्यापारिक केंद्रों का महानिदेशालय या मुख्य प्रशासनिक मुख्यालय घोषित किया गया।
Q92. डच ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत से पूर्ण निष्कासन किस युद्ध की तारीख से सीधे जुड़ा हुआ है?
(A) नवंबर 1759 ई. (बेदरा का युद्ध)
(B) जनवरी 1760 ई.
(C) जून 1757 ई.
(D) अक्टूबर 1764 ई.
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: नवंबर 1759 ई. में लड़े गए 'बेदरा के युद्ध' में क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने डचों को ऐसी करारी शिकस्त दी कि उन्होंने भारत में अपना राजनीतिक दखल हमेशा के लिए बंद कर दिया।
Q93. इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय ने पुर्तगाली राजकुमारी 'कैथरीन ब्रेगेंजा' से किस वर्ष विवाह किया था, जिसके बाद उन्हें बम्बई दहेज में मिला?
(A) 1661 ई. (1661 AD)
(B) 1668 ई.
(C) 1651 ई.
(D) 1687 ई.
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: चार्ल्स द्वितीय का विवाह 1661 ई. में हुआ था। इसके ७ वर्ष बाद, 1668 ई. में उन्होंने बम्बई को ईस्ट इंडिया कंपनी को व्यापारिक संचालन के लिए लीज पर ट्रांसफर किया था।
भाग 20: यूरोपीय आगमन का समग्र सारांश और विविध प्रश्न
Q94. भारत आने वाले सभी यूरोपीय व्यापारियों में से किस देश के व्यापारियों का मुख्य ध्यान व्यापार के बजाय ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार पर सबसे अधिक था?
(A) डेनिस (डेनमार्क)
(B) अंग्रेज
(C) डच
(D) फ्रांसीसी
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डेनिस (डेनमार्क) के व्यापारियों ने भारत में व्यापारिक विस्तार की तुलना में सेरामपुर मिशनरी के माध्यम से ईसाई धर्म और शिक्षा के प्रचार को अपनी प्राथमिक नीति बनाया था।
Q95. अंग्रेजों ने मद्रास में फोर्ट सेंट जॉर्ज और कोलकाता में फोर्ट विलियम का निर्माण क्यों करवाया था?
(A) अपनी फैक्ट्रियों और बस्तियों को स्थानीय राजाओं तथा अन्य यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों के हमलों से सुरक्षित (किलेबंद) करने के लिए (Security & Fortification)
(B) सुंदर दिखने के लिए
(C) राजा के रहने के लिए
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: भारत की राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए यूरोपीय शक्तियों ने अपने गोदामों (फैक्ट्रियों) की सुरक्षा के लिए उनकी चारों तरफ से किलेबंदी करना और सेना रखना आवश्यक समझा था।
Q96. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर जनरल बनने से पहले 'डुप्ले' भारत में किस फ्रांसीसी बस्ती का सफल गवर्नर रह चुका था?
(A) चंद्रनगर (Chandernagore)
(B) सूरत
(C) मसूलीपट्टनम
(D) कारीकल
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डुप्ले पोंडिचेरी का गवर्नर बनने से पहले बंगाल की फ्रांसीसी बस्ती 'चंद्रनगर' का प्रमुख था, जहाँ उसने अपने बेहतरीन व्यापारिक कौशल से फ्रांसीसी राजस्व को काफी बढ़ाया था।
Q97. जॉन सरमन के नेतृत्व वाले ब्रिटिश शिष्टमण्डल (1715 ई.) को मुगल दरबार तक पहुँचाने में किस दुभाषिए (खोजकर्ता/अनुवादक) ने मुख्य भूमिका निभाई थी?
(A) ख्वाजा सेहूर्द (ख्वाजा इस्फ़हान)
(B) विलियम हॉकिन्स
(C) डॉक्टर हैमिल्टन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: सरमन मिशन में 'ख्वाजा सेहूर्द' नामक एक अर्मेनियाई दुभाषिया (टॉकर) शामिल था, जिसने अंग्रेजों की बात को मुगल दरबार और फर्रुखसियर के सामने फारसी भाषा में सही ढंग से प्रस्तुत किया था।
Q98. 'एस्तादो द इंडिया' (पुर्तगाली), 'वेरींगदे ओस्ट इण्डिशे' (डच) और 'कम्पने देस इण्डेस ओरियंटलेस' (फ्रांसीसी) में से कौन सी कंपनी पूरी तरह प्राइवेट (शेयरधारकों की) थी?
(A) डच कंपनी (VOC)
(B) फ्रांसीसी कंपनी
(C) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: डच कंपनी पूरी तरह से एक व्यावसायिक और निजी शेयरधारकों की संस्था थी, जबकि फ्रांसीसी कंपनी पूरी तरह राजा और राज्य के नियंत्रण में काम करती थी।
Q99. कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन की राजधानी निम्नलिखित में से कौन सी थी, जिस पर रॉबर्ट क्लाइव ने ऐतिहासिक घेरा डाला था?
(A) आर्कोट (Arcot)
(B) पोंडिचेरी
(C) मद्रास
(D) तंजौर
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: कर्नाटक रियासत की तत्कालीन आधिकारिक राजधानी 'आर्कोट' थी। इस पर कब्जा करके क्लाइव ने चंदा साहब की सेना को त्रिचिनापल्ली से हटने पर मजबूर कर दिया था।
भारत में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों के आगमन से भारतीय इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हुआ। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा धीरे-धीरे राजनीतिक संघर्ष में बदल गई और अंततः अंग्रेज भारत की सबसे शक्तिशाली विदेशी शक्ति बनकर उभरे। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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