भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ Questions in Hindi (Part - 1)
"अगर आप भी पिछली परीक्षा में कुछ नंबरों से चूके हैं या इस बार पहली बार में एग्जाम निकालना चाहते हैं, तो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के ये चुनिंदा प्रश्न आपके लिए रामबाण साबित होंगे।"
यदि आप SSC CGL, SSC CHSL, Railway ALP, NTPC, Group D, UPSC, BPSC, Bihar Daroga, Bihar Police, State PSC या अन्य किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ Questions in Hindi आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस पोस्ट में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ in Hindi (Part - 1) दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और 5–6 लाइन का आसान Explanation भी दिया गया है, जिससे विषय को समझना और याद रखना दोनों आसान हो जाता है।
यह MCQ सेट कांग्रेस के महत्वपूर्ण अधिवेशन, राष्ट्रीय नेताओं, प्रमुख संगठनों, स्वतंत्रता आंदोलन तथा आधुनिक भारत के इतिहास से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर करता है। ये प्रश्न SSC, Railway, UPSC, BPSC, CTET, UPTET, Bihar Police, Banking एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
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| Indian National Movement MCQ in Hindi |
प्रश्न 1.
1857 के विद्रोह की शुरुआत कब हुई थी?
(A) 29 मार्च 1857
(B) 10 मई 1857
(C) 11 मई 1857
(D) 15 अगस्त 1857
उत्तर: (B) 10 मई 1857
व्याख्या:
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ की छावनी से हुई थी। विद्रोही सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह कर दिल्ली की ओर कूच किया। यह विद्रोह शीघ्र ही उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में फैल गया। इसलिए 10 मई 1857 को इस क्रांति का प्रारंभ माना जाता है।
प्रश्न 2.
1857 के विद्रोह का तत्कालीन कारण क्या था?
(A) सहायक संधि
(B) लैप्स की नीति
(C) चर्बी लगे कारतूस
(D) भू-राजस्व नीति
उत्तर: (C) चर्बी लगे कारतूस
व्याख्या:
नई एनफील्ड रायफल के कारतूसों पर गाय एवं सूअर की चर्बी होने की बात सामने आई। इन्हें दाँत से काटकर खोलना पड़ता था, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। यही घटना विद्रोह का तत्काल कारण बनी और सैनिकों में अंग्रेजों के प्रति भारी असंतोष फैल गया।
प्रश्न 3.
मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारी पर गोली कब चलाई थी?
(A) 10 मई 1857
(B) 29 मार्च 1857
(C) 5 जून 1857
(D) 11 मई 1857
उत्तर: (B) 29 मार्च 1857
व्याख्या:
29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में सैनिक मंगल पांडे ने अंग्रेज अधिकारी पर गोली चलाई थी। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध खुलकर विद्रोह किया। इस घटना ने सैनिकों में क्रांति की भावना को और अधिक प्रबल कर दिया। इसलिए मंगल पांडे को 1857 की क्रांति का अग्रदूत माना जाता है।
प्रश्न 4.
1857 के विद्रोह में दिल्ली का नेतृत्व किसने किया?
(A) नाना साहेब
(B) बहादुर शाह ज़फ़र
(C) तात्या टोपे
(D) रानी लक्ष्मीबाई
उत्तर: (B) बहादुर शाह ज़फ़र
व्याख्या:
मेरठ से विद्रोही सैनिक दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह ज़फ़र को भारत का सम्राट घोषित किया। वे विद्रोह के प्रतीकात्मक नेता बने। यद्यपि उनके पास वास्तविक शक्ति नहीं थी, फिर भी पूरे विद्रोह को एकता प्रदान करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रश्न 5.
कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
(A) बेगम हजरत महल
(B) रानी लक्ष्मीबाई
(C) नाना साहेब
(D) खान बहादुर खाँ
उत्तर: (C) नाना साहेब
व्याख्या:
कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहेब ने किया। उनके साथ तात्या टोपे और अजीमुल्ला खाँ भी सक्रिय रहे। कानपुर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना। नाना साहेब अंग्रेजों की नीतियों से अत्यंत असंतुष्ट थे और उन्होंने विद्रोह का नेतृत्व किया।
प्रश्न 6.
झाँसी में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
(A) रानी लक्ष्मीबाई
(B) तात्या टोपे
(C) कुंवर सिंह
(D) बेगम हजरत महल
उत्तर: (A) रानी लक्ष्मीबाई
व्याख्या:
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 की क्रांति की सबसे वीर महिला नेता थीं। उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध साहसपूर्वक युद्ध किया। उनका प्रसिद्ध नारा "मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी" आज भी देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अंतिम समय तक संघर्ष जारी रखा।
प्रश्न 7.
लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
(A) तात्या टोपे
(B) बेगम हजरत महल
(C) कुंवर सिंह
(D) बहादुर शाह ज़फ़र
उत्तर: (B) बेगम हजरत महल
व्याख्या:
लखनऊ में बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्होंने अपने पुत्र बिरजिस क़द्र को शासक घोषित किया और अवध में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। वे 1857 की क्रांति की प्रमुख महिला नेताओं में से एक थीं।
प्रश्न 8.
जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
(A) नाना साहेब
(B) खान बहादुर खाँ
(C) कुंवर सिंह
(D) तात्या टोपे
उत्तर: (C) कुंवर सिंह
व्याख्या:
बिहार के जगदीशपुर में कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। लगभग 80 वर्ष की आयु में भी उन्होंने अद्भुत वीरता दिखाई। उन्हें 1857 के महान सेनानायकों में गिना जाता है। उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रश्न 9.
1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
(A) लॉर्ड डलहौजी
(B) लॉर्ड कैनिंग
(C) लॉर्ड रिपन
(D) लॉर्ड लिटन
उत्तर: (B) लॉर्ड कैनिंग
व्याख्या:
1857 के विद्रोह के समय लॉर्ड कैनिंग भारत के गवर्नर जनरल थे। विद्रोह के बाद उन्हें भारत का पहला वायसराय बनाया गया। उनके कार्यकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ और भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया।
प्रश्न 10.
1857 के विद्रोह के बाद भारत का शासन किसके हाथों में चला गया?
(A) ईस्ट इंडिया कंपनी
(B) ब्रिटिश संसद
(C) ब्रिटिश क्राउन
(D) गवर्नर परिषद
उत्तर: (C) ब्रिटिश क्राउन
व्याख्या:
1858 के भारत शासन अधिनियम के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया। भारत का प्रशासन सीधे ब्रिटिश सम्राट के अधीन कर दिया गया। इसी समय भारत में वायसराय की व्यवस्था भी लागू हुई और शासन प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए।
प्रश्न 11.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
(A) 1884
(B) 1885
(C) 1886
(D) 1887
उत्तर: (B) 1885
व्याख्या:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई (मुंबई) में हुई। इसका उद्देश्य भारतीयों को एक राजनीतिक मंच प्रदान करना था। आगे चलकर यही संस्था भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे बड़ा संगठन बनी।
प्रश्न 12.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे?
(A) दादाभाई नौरोजी
(B) ए. ओ. ह्यूम
(C) गोपाल कृष्ण गोखले
(D) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
उत्तर: (B) ए. ओ. ह्यूम
व्याख्या:
ए. ओ. ह्यूम एक सेवानिवृत्त अंग्रेज अधिकारी थे जिन्होंने भारतीय नेताओं के सहयोग से कांग्रेस की स्थापना की। उनका उद्देश्य भारतीयों को अपनी समस्याएँ शांतिपूर्ण ढंग से रखने का मंच देना था। कांग्रेस के गठन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रश्न 13.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कहाँ आयोजित हुआ?
(A) कलकत्ता
(B) मद्रास
(C) बंबई
(D) इलाहाबाद
उत्तर: (C) बंबई
व्याख्या:
कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 1885 में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यहीं से कांग्रेस के राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई।
प्रश्न 14.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
(A) ए. ओ. ह्यूम
(B) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
(C) दादाभाई नौरोजी
(D) फिरोजशाह मेहता
उत्तर: (B) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
व्याख्या:
व्योमेश चन्द्र बनर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्होंने 1885 के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता की। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने भारतीय जनता की राजनीतिक समस्याओं को संगठित रूप से उठाने का कार्य प्रारम्भ किया।
प्रश्न 15.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में लगभग कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
(A) 52
(B) 62
(C) 72
(D) 82
उत्तर: (C) 72
व्याख्या:
1885 में आयोजित कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में देश के विभिन्न भागों से कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह संख्या भले ही कम थी, लेकिन इसी अधिवेशन ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की मजबूत नींव रखी। बाद के वर्षों में कांग्रेस पूरे देश का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बन गई।
प्रश्न 16.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन (1886) कहाँ आयोजित किया गया था?
(A) बंबई
(B) कलकत्ता
(C) मद्रास
(D) इलाहाबाद
उत्तर: (B) कलकत्ता
व्याख्या:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन 1886 में कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में आयोजित किया गया था। इसकी अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की थी। इस अधिवेशन में प्रतिनिधियों की संख्या पहले अधिवेशन की तुलना में काफी बढ़ गई, जिससे कांग्रेस का प्रभाव तेजी से बढ़ने लगा।
प्रश्न 17.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी?
(A) व्योमेश चन्द्र बनर्जी
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) बदरुद्दीन तैयबजी
(D) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
उत्तर: (B) दादाभाई नौरोजी
व्याख्या:
दादाभाई नौरोजी ने 1886 में कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन की अध्यक्षता की। वे भारतीय राष्ट्रवाद के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन द्वारा भारत के आर्थिक शोषण को 'धन-निकासी सिद्धांत' (Drain Theory) के माध्यम से स्पष्ट किया।
प्रश्न 18.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीसरे अधिवेशन (1887) की अध्यक्षता किसने की?
(A) बदरुद्दीन तैयबजी
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) फिरोजशाह मेहता
(D) गोपाल कृष्ण गोखले
उत्तर: (A) बदरुद्दीन तैयबजी
व्याख्या:
1887 में मद्रास में आयोजित कांग्रेस के तीसरे अधिवेशन की अध्यक्षता बदरुद्दीन तैयबजी ने की थी। वे कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व ने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष और समावेशी नीति को मजबूत किया।
प्रश्न 19.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष कौन थे?
(A) मौलाना आज़ाद
(B) बदरुद्दीन तैयबजी
(C) मोहम्मद अली जिन्ना
(D) हकीम अजमल खाँ
उत्तर: (B) बदरुद्दीन तैयबजी
व्याख्या:
बदरुद्दीन तैयबजी 1887 में कांग्रेस के तीसरे अधिवेशन के अध्यक्ष बने। वे कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे। उनका मानना था कि सभी धर्मों के लोगों को मिलकर राष्ट्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहिए।
प्रश्न 20.
1888 में कांग्रेस का अधिवेशन कहाँ आयोजित किया गया था?
(A) बंबई
(B) इलाहाबाद
(C) प्रयाग
(D) मद्रास
उत्तर: (B) इलाहाबाद
व्याख्या:
1888 में कांग्रेस का चौथा अधिवेशन इलाहाबाद में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जॉर्ज यूल ने की थी। यह अधिवेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार किसी अंग्रेज ने कांग्रेस की अध्यक्षता की।
प्रश्न 21.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष कौन थे?
(A) विलियम वेडरबर्न
(B) ए.ओ. ह्यूम
(C) जॉर्ज यूल
(D) लॉर्ड डफरिन
उत्तर: (C) जॉर्ज यूल
व्याख्या:
जॉर्ज यूल 1888 के इलाहाबाद अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष बने। वे कांग्रेस के पहले अंग्रेज अध्यक्ष थे। उनके चयन से यह संदेश दिया गया कि कांग्रेस का उद्देश्य संवैधानिक सुधारों के माध्यम से भारतीयों के हितों की रक्षा करना था।
प्रश्न 22.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था?
(A) लॉर्ड रिपन
(B) लॉर्ड डफरिन
(C) लॉर्ड कर्ज़न
(D) लॉर्ड लिटन
उत्तर: (B) लॉर्ड डफरिन
व्याख्या:
1885 में कांग्रेस की स्थापना के समय भारत के वायसराय लॉर्ड डफरिन थे। प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने कांग्रेस को एक सीमित राजनीतिक संगठन के रूप में देखा, लेकिन बाद में ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस की गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना शुरू किया।
प्रश्न 23.
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रथम चरण (1885–1905) के नेताओं को क्या कहा जाता है?
(A) उग्रवादी
(B) नरमपंथी
(C) क्रांतिकारी
(D) समाजवादी
उत्तर: (B) नरमपंथी
व्याख्या:
1885 से 1905 तक कांग्रेस का नेतृत्व नरमपंथी नेताओं के हाथों में था। वे याचिकाओं, प्रार्थनाओं और संवैधानिक तरीकों से सुधार चाहते थे। उनका विश्वास था कि शांतिपूर्ण प्रयासों से ब्रिटिश सरकार भारतीयों की समस्याओं का समाधान करेगी।
प्रश्न 24.
निम्नलिखित में से कौन नरमपंथी नेता थे?
(A) बाल गंगाधर तिलक
(B) बिपिन चन्द्र पाल
(C) लाला लाजपत राय
(D) गोपाल कृष्ण गोखले
उत्तर: (D) गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या:
गोपाल कृष्ण गोखले कांग्रेस के प्रमुख नरमपंथी नेताओं में से थे। वे संवैधानिक सुधारों और शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थक थे। महात्मा गांधी ने भी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु माना था।
प्रश्न 25.
'भारत का वृद्ध पुरुष' (Grand Old Man of India) किसे कहा जाता है?
(A) गोपाल कृष्ण गोखले
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) फिरोजशाह मेहता
(D) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
उत्तर: (B) दादाभाई नौरोजी
व्याख्या:
दादाभाई नौरोजी को 'भारत का वृद्ध पुरुष' कहा जाता है। उन्होंने भारतीय आर्थिक शोषण पर 'धन-निकासी सिद्धांत' प्रस्तुत किया। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख संस्थापकों और राष्ट्रवादी नेताओं में गिने जाते हैं।
प्रश्न 26.
'धन-निकासी सिद्धांत' (Drain Theory) किसने दिया था?
(A) आर.सी. दत्त
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) गोपाल कृष्ण गोखले
(D) महादेव गोविंद रानाडे
उत्तर: (B) दादाभाई नौरोजी
व्याख्या:
दादाभाई नौरोजी ने ब्रिटिश शासन द्वारा भारत से धन के निरंतर बाहर जाने की प्रक्रिया को 'Drain Theory' कहा। उन्होंने बताया कि यह भारत की गरीबी का प्रमुख कारण था। यह सिद्धांत भारतीय राष्ट्रवाद को मजबूत करने में अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हुआ।
प्रश्न 27.
गोपाल कृष्ण गोखले ने 'सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी' की स्थापना कब की?
(A) 1895
(B) 1905
(C) 1907
(D) 1910
उत्तर: (B) 1905
व्याख्या:
गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में 'सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी' की स्थापना की। इसका उद्देश्य शिक्षित युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करना था। इस संस्था ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए।
प्रश्न 28.
महात्मा गांधी ने अपना राजनीतिक गुरु किसे माना था?
(A) दादाभाई नौरोजी
(B) गोपाल कृष्ण गोखले
(C) बाल गंगाधर तिलक
(D) लाला लाजपत राय
उत्तर: (B) गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या:
महात्मा गांधी ने गोपाल कृष्ण गोखले को अपना राजनीतिक गुरु माना था। गोखले के विचारों ने गांधीजी को संवैधानिक और नैतिक राजनीति की दिशा में प्रेरित किया। दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गांधीजी ने गोखले के मार्गदर्शन में भारतीय राजनीति को समझा।
प्रश्न 29.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं की मुख्य मांग क्या थी?
(A) पूर्ण स्वतंत्रता
(B) सशस्त्र क्रांति
(C) प्रशासनिक एवं संवैधानिक सुधार
(D) भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर: (C) प्रशासनिक एवं संवैधानिक सुधार
व्याख्या:
कांग्रेस के प्रारंभिक नरमपंथी नेता तत्काल पूर्ण स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रहे थे। उनका उद्देश्य प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी बढ़ाना, नागरिक अधिकारों की रक्षा करना और संवैधानिक सुधार प्राप्त करना था। बाद में आंदोलन का स्वरूप अधिक उग्र और व्यापक हुआ।
प्रश्न 30.
1885 से 1905 तक का काल भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में किस नाम से जाना जाता है?
(A) उग्रवादी युग
(B) नरमपंथी युग
(C) गांधी युग
(D) क्रांतिकारी युग
उत्तर: (B) नरमपंथी युग
व्याख्या:
1885 से 1905 तक का समय भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नरमपंथी चरण माना जाता है। इस दौरान कांग्रेस के नेता शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से सुधारों की मांग करते रहे। इसी अवधि में भारतीय राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी गई, जिसने आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
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