भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ in Hindi यही प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं (Part - 4)| Railway, SSC, UP Police 2026 Special GKGS ARENA

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ Questions in Hindi (Part - 4)

"अगर आप भी पिछली परीक्षा में कुछ नंबरों से चूके हैं या इस बार पहली बार में एग्जाम निकालना चाहते हैं, तो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के ये चुनिंदा प्रश्न आपके लिए रामबाण साबित होंगे।"

यदि आप SSC CGL, SSC CHSL, Railway ALP, NTPC, Group D, UPSC, BPSC, Bihar Daroga, Bihar Police, State PSC या अन्य किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ Questions in Hindi आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस पोस्ट में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ in Hindi (Part - 4) दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और 5–6 लाइन का आसान Explanation भी दिया गया है, जिससे विषय को समझना और याद रखना दोनों आसान हो जाता है।

यह MCQ सेट कांग्रेस के महत्वपूर्ण अधिवेशन, राष्ट्रीय नेताओं, प्रमुख संगठनों, स्वतंत्रता आंदोलन तथा आधुनिक भारत के इतिहास से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर करता है। ये प्रश्न SSC, Railway, UPSC, BPSC, CTET, UPTET, Bihar Police, Banking एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। 





भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ (Part 4) | प्रश्न 91–105

(स्वराज पार्टी, साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट, लाहौर अधिवेशन एवं पूर्ण स्वराज)


प्रश्न 91.

स्वराज पार्टी की स्थापना कब हुई थी?

(A) 1921
(B) 1922
(C) 1923
(D) 1925

उत्तर: (C) 1923

व्याख्या:
स्वराज पार्टी की स्थापना 1 जनवरी 1923 को चित्तरंजन दास और पंडित मोतीलाल नेहरू ने की थी। इसका उद्देश्य विधान परिषदों में प्रवेश करके ब्रिटिश सरकार की नीतियों का विरोध करना था। असहयोग आंदोलन की समाप्ति के बाद इस पार्टी ने राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है।


प्रश्न 92.

स्वराज पार्टी के प्रमुख संस्थापक कौन थे?

(A) महात्मा गांधी एवं सरदार पटेल

(B) चित्तरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरू

(C) जवाहरलाल नेहरू एवं सुभाष चन्द्र बोस

(D) बाल गंगाधर तिलक एवं एनी बेसेंट

उत्तर: (B) चित्तरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरू

व्याख्या:
स्वराज पार्टी की स्थापना चित्तरंजन दास (देशबंधु) और पंडित मोतीलाल नेहरू ने की थी। इन नेताओं का मत था कि विधान परिषदों के भीतर जाकर अंग्रेजी शासन का विरोध अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। इस नीति को "काउंसिल एंट्री" कहा गया।


प्रश्न 93.

साइमन कमीशन भारत कब आया था?

(A) 1926

(B) 1927

(C) 1928

(D) 1929

उत्तर: (C) 1928

व्याख्या:
साइमन कमीशन 3 फरवरी 1928 को भारत आया। इसका उद्देश्य 1919 के भारत शासन अधिनियम की समीक्षा करना था। इस आयोग में एक भी भारतीय सदस्य शामिल नहीं था, इसलिए पूरे देश में इसका जोरदार विरोध किया गया। "Simon Go Back" का नारा इसी समय प्रसिद्ध हुआ।


प्रश्न 94.

साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया गया?

(A) इसमें केवल भारतीय सदस्य थे

(B) इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था

(C) यह किसानों के विरोध में था

(D) यह शिक्षा सुधार के लिए बना था

उत्तर: (B) इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था।

व्याख्या:
साइमन कमीशन में सभी सदस्य अंग्रेज थे। भारतीयों को इसमें प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया था। इससे पूरे देश में असंतोष फैल गया। कांग्रेस, मुस्लिम लीग तथा अन्य राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया और "Simon Go Back" के नारे लगाए।


प्रश्न 95.

"Simon Go Back" का प्रसिद्ध नारा किस आंदोलन से संबंधित है?

(A) असहयोग आंदोलन

(B) सविनय अवज्ञा आंदोलन

(C) साइमन कमीशन विरोध आंदोलन

(D) भारत छोड़ो आंदोलन

उत्तर: (C) साइमन कमीशन विरोध आंदोलन

व्याख्या:
1928 में साइमन कमीशन के भारत आने पर पूरे देश में इसका विरोध हुआ। प्रदर्शनकारियों ने "Simon Go Back" के नारे लगाए। यह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के सबसे प्रसिद्ध नारों में से एक बन गया।


प्रश्न 96.

साइमन कमीशन के विरोध में लाठीचार्ज के दौरान घायल होकर किस नेता की मृत्यु हुई?

(A) बाल गंगाधर तिलक

(B) लाला लाजपत राय

(C) बिपिन चन्द्र पाल

(D) गोपाल कृष्ण गोखले

उत्तर: (B) लाला लाजपत राय

व्याख्या:
30 अक्टूबर 1928 को लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें लाला लाजपत राय गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ सप्ताह बाद उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु का बदला लेने के लिए भगत सिंह और उनके साथियों ने सांडर्स की हत्या की।


प्रश्न 97.

नेहरू रिपोर्ट कब प्रस्तुत की गई थी?

(A) 1926

(B) 1927

(C) 1928

(D) 1929

उत्तर: (C) 1928

व्याख्या:
1928 में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में नेहरू रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। यह भारतीय नेताओं द्वारा तैयार किया गया पहला संविधान संबंधी प्रारूप था। इसमें भारत के लिए डोमिनियन स्टेटस तथा मौलिक अधिकारों का सुझाव दिया गया।


प्रश्न 98.

नेहरू रिपोर्ट के अध्यक्ष कौन थे?

(A) जवाहरलाल नेहरू

(B) मोतीलाल नेहरू

(C) महात्मा गांधी

(D) राजेन्द्र प्रसाद

उत्तर: (B) मोतीलाल नेहरू

व्याख्या:
मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में गठित समिति ने 1928 में नेहरू रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट ने भविष्य के भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया। कई संवैधानिक प्रावधान बाद में भारतीय संविधान में भी दिखाई देते हैं।


प्रश्न 99.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (1929) के अध्यक्ष कौन थे?

(A) महात्मा गांधी

(B) मोतीलाल नेहरू

(C) जवाहरलाल नेहरू

(D) सरदार पटेल

उत्तर: (C) जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या:
1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की। इसी अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को कांग्रेस का अंतिम लक्ष्य घोषित किया गया। यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानी जाती है।


प्रश्न 100.

पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव किस अधिवेशन में पारित किया गया?

(A) कलकत्ता अधिवेशन (1906)

(B) लखनऊ अधिवेशन (1916)

(C) लाहौर अधिवेशन (1929)

(D) कराची अधिवेशन (1931)

उत्तर: (C) लाहौर अधिवेशन (1929)

व्याख्या:
दिसंबर 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (Complete Independence) को अपना लक्ष्य घोषित किया। इससे पहले कांग्रेस केवल स्वशासन की मांग कर रही थी। इस निर्णय ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।


प्रश्न 101.

पूर्ण स्वराज दिवस पहली बार कब मनाया गया?

(A) 15 अगस्त 1929

(B) 26 जनवरी 1930

(C) 12 मार्च 1930

(D) 6 अप्रैल 1930

उत्तर: (B) 26 जनवरी 1930

व्याख्या:
लाहौर अधिवेशन के निर्णय के अनुसार 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में पहली बार पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में बाद में 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया।


प्रश्न 102.

26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस मनाने का निर्णय किस अधिवेशन में लिया गया?

(A) कराची अधिवेशन

(B) लाहौर अधिवेशन

(C) मद्रास अधिवेशन

(D) बंबई अधिवेशन

उत्तर: (B) लाहौर अधिवेशन

व्याख्या:
लाहौर अधिवेशन (1929) में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस (पूर्ण स्वराज दिवस) मनाया जाएगा। यह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का ऐतिहासिक निर्णय था।


प्रश्न 103.

दांडी यात्रा (नमक सत्याग्रह) कब प्रारंभ हुई?

(A) 26 जनवरी 1930

(B) 12 मार्च 1930

(C) 6 अप्रैल 1930

(D) 5 मई 1930

उत्तर: (B) 12 मार्च 1930

व्याख्या:
महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक पैदल यात्रा प्रारंभ की। लगभग 390 किलोमीटर की यह यात्रा 24 दिनों तक चली। इसका उद्देश्य अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण नमक कानून का विरोध करना था।


प्रश्न 104.

दांडी यात्रा किस आंदोलन का भाग थी?

(A) असहयोग आंदोलन

(B) भारत छोड़ो आंदोलन

(C) सविनय अवज्ञा आंदोलन

(D) खिलाफत आंदोलन

उत्तर: (C) सविनय अवज्ञा आंदोलन

व्याख्या:
दांडी यात्रा सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत थी। गांधीजी ने दांडी पहुँचकर समुद्र से नमक बनाकर ब्रिटिश कानून का उल्लंघन किया। इसके बाद पूरे देश में सविनय अवज्ञा आंदोलन तेजी से फैल गया।


प्रश्न 105.

दांडी यात्रा कहाँ से शुरू होकर कहाँ समाप्त हुई?

(A) वर्धा से पुणे

(B) साबरमती आश्रम से दांडी

(C) दिल्ली से आगरा

(D) अहमदाबाद से मुंबई

उत्तर: (B) साबरमती आश्रम से दांडी

व्याख्या:
दांडी यात्रा गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू होकर समुद्र तटीय गाँव दांडी में समाप्त हुई। गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गई और विश्वभर में इसकी चर्चा हुई।



प्रश्न 106.

गांधी-इरविन समझौता कब हुआ था?

(A) 1930

(B) 1931

(C) 1932

(D) 1935

उत्तर: (B) 1931

व्याख्या:
गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को महात्मा गांधी और भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुआ। इस समझौते के अंतर्गत सविनय अवज्ञा आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया। सरकार ने राजनीतिक बंदियों को रिहा करने तथा शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति देने का आश्वासन दिया। यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि थी।


प्रश्न 107.

गांधी-इरविन समझौता किनके बीच हुआ था?

(A) गांधी एवं लॉर्ड माउंटबेटन

(B) गांधी एवं लॉर्ड इरविन

(C) गांधी एवं लॉर्ड लिनलिथगो

(D) गांधी एवं लॉर्ड वेवेल

उत्तर: (B) गांधी एवं लॉर्ड इरविन

व्याख्या:
महात्मा गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जबकि लॉर्ड इरविन उस समय भारत के वायसराय थे। इस समझौते के बाद गांधीजी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति व्यक्त की। यह समझौता संघर्ष और संवाद दोनों के संतुलन का उदाहरण माना जाता है।


प्रश्न 108.

महात्मा गांधी ने किस गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था?

(A) प्रथम

(B) द्वितीय

(C) तृतीय

(D) किसी में नहीं

उत्तर: (B) द्वितीय

व्याख्या:
महात्मा गांधी ने 1931 में लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में भारत के संवैधानिक भविष्य पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन पुनः शुरू हुआ।


प्रश्न 109.

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन कहाँ आयोजित किया गया था?

(A) नई दिल्ली

(B) मुंबई

(C) लंदन

(D) कलकत्ता

उत्तर: (C) लंदन

व्याख्या:
तीनों गोलमेज सम्मेलन इंग्लैंड की राजधानी लंदन में आयोजित किए गए थे। द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 1931 में हुआ, जिसमें महात्मा गांधी ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के लिए नई संवैधानिक व्यवस्था पर विचार करना था।


प्रश्न 110.

पूना पैक्ट (Poona Pact) कब हुआ था?

(A) 1930

(B) 1931

(C) 1932

(D) 1935

उत्तर: (C) 1932

व्याख्या:
24 सितंबर 1932 को पूना पैक्ट महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बीच हुआ। यह समझौता अनुसूचित जातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित था। इसके परिणामस्वरूप पृथक निर्वाचन के स्थान पर आरक्षित सीटों की व्यवस्था स्वीकार की गई।

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प्रश्न 111.

पूना पैक्ट किन दो नेताओं के बीच हुआ था?

(A) गांधी एवं जवाहरलाल नेहरू

(B) गांधी एवं सुभाष चन्द्र बोस

(C) गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर

(D) गांधी एवं सरदार पटेल

उत्तर: (C) गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर

व्याख्या:
ब्रिटिश सरकार के कम्यूनल अवार्ड के विरोध में गांधीजी ने यरवदा जेल में आमरण अनशन शुरू किया। इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर और गांधीजी के बीच समझौता हुआ, जिसे पूना पैक्ट कहा जाता है। इस समझौते का भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा।


प्रश्न 112.

भारत सरकार अधिनियम (Government of India Act) कब पारित किया गया?

(A) 1919

(B) 1932

(C) 1935

(D) 1942

उत्तर: (C) 1935

व्याख्या:
भारत सरकार अधिनियम 1935 ब्रिटिश शासन का सबसे व्यापक संवैधानिक अधिनियम था। इसके अंतर्गत प्रांतीय स्वायत्तता, संघीय व्यवस्था तथा प्रशासनिक सुधारों का प्रावधान किया गया। भारतीय संविधान के कई प्रावधान इसी अधिनियम से प्रेरित हैं।


प्रश्न 113.

भारत सरकार अधिनियम, 1935 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?

(A) पूर्ण स्वतंत्रता

(B) प्रांतीय स्वायत्तता

(C) पृथक पाकिस्तान

(D) भारत छोड़ो आंदोलन

उत्तर: (B) प्रांतीय स्वायत्तता

व्याख्या:
1935 के अधिनियम द्वारा प्रांतों को सीमित स्वायत्तता प्रदान की गई। प्रांतीय मंत्रिमंडलों को कई प्रशासनिक अधिकार दिए गए। हालांकि केंद्र पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बना रहा। यह अधिनियम भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण माना जाता है।


प्रश्न 114.

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के आधार पर प्रांतीय चुनाव कब हुए?

(A) 1935

(B) 1936

(C) 1937

(D) 1939

उत्तर: (C) 1937

व्याख्या:
1937 में भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत प्रांतीय चुनाव कराए गए। इन चुनावों में कांग्रेस ने कई प्रांतों में बहुमत प्राप्त किया और अपनी सरकारें बनाई। यह पहली बार था जब भारतीय नेताओं को प्रांतीय शासन चलाने का व्यापक अवसर मिला।


प्रश्न 115.

1937 के चुनावों के बाद कांग्रेस ने कितने प्रांतों में मंत्रिमंडल बनाए?

(A) 5

(B) 7

(C) 8

(D) 11

उत्तर: (C) 8

व्याख्या:
1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद कांग्रेस ने आठ प्रांतों में अपनी सरकार बनाई। इससे भारतीय नेताओं को प्रशासन चलाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। यह अनुभव आगे स्वतंत्र भारत की शासन व्यवस्था में भी उपयोगी सिद्ध हुआ।


प्रश्न 116.

द्वितीय विश्व युद्ध कब प्रारंभ हुआ?

(A) 1937

(B) 1938

(C) 1939

(D) 1940

उत्तर: (C) 1939

व्याख्या:
द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को जर्मनी द्वारा पोलैंड पर आक्रमण के साथ शुरू हुआ। ब्रिटेन ने बिना भारतीय नेताओं से सलाह लिए भारत को भी युद्ध में शामिल घोषित कर दिया। इससे कांग्रेस ने कड़ा विरोध व्यक्त किया।


प्रश्न 117.

द्वितीय विश्व युद्ध के समय भारत का वायसराय कौन था?

(A) लॉर्ड इरविन

(B) लॉर्ड लिनलिथगो

(C) लॉर्ड वेवेल

(D) लॉर्ड माउंटबेटन

उत्तर: (B) लॉर्ड लिनलिथगो

व्याख्या:
1936 से 1943 तक लॉर्ड लिनलिथगो भारत के वायसराय रहे। द्वितीय विश्व युद्ध की घोषणा के समय भी वही वायसराय थे। भारतीय नेताओं से बिना परामर्श लिए भारत को युद्ध में शामिल करने के उनके निर्णय की व्यापक आलोचना हुई।


प्रश्न 118.

1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने इस्तीफा क्यों दिया?

(A) आर्थिक संकट के कारण

(B) ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत को बिना अनुमति युद्ध में शामिल करने के विरोध में

(C) चुनाव हारने के कारण

(D) गांधीजी के निर्देश पर

उत्तर: (B) ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत को बिना अनुमति युद्ध में शामिल करने के विरोध में

व्याख्या:
जब ब्रिटेन ने भारत को बिना भारतीय नेताओं से सलाह लिए द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल कर दिया, तब कांग्रेस ने इसे भारतीय स्वाभिमान के विरुद्ध माना। विरोध स्वरूप कांग्रेस के सभी प्रांतीय मंत्रिमंडलों ने 1939 में इस्तीफा दे दिया।


प्रश्न 119.

1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों के इस्तीफे के बाद मुस्लिम लीग ने कौन-सा दिवस मनाया?

(A) स्वतंत्रता दिवस

(B) विजय दिवस

(C) मुक्ति दिवस (Day of Deliverance)

(D) गणतंत्र दिवस

उत्तर: (C) मुक्ति दिवस (Day of Deliverance)

व्याख्या:
कांग्रेस मंत्रिमंडलों के इस्तीफे के बाद मुस्लिम लीग ने 22 दिसंबर 1939 को 'मुक्ति दिवस' मनाया। लीग का मानना था कि कांग्रेस सरकारों के हटने से मुसलमानों को राहत मिली है। यह घटना भारतीय राजनीति में बढ़ते मतभेदों का संकेत थी।


प्रश्न 120.

निम्नलिखित घटनाओं का सही कालक्रम कौन-सा है?

(A) गांधी-इरविन समझौता → पूना पैक्ट → भारत सरकार अधिनियम 1935 → द्वितीय विश्व युद्ध

(B) पूना पैक्ट → गांधी-इरविन समझौता → द्वितीय विश्व युद्ध → भारत सरकार अधिनियम

(C) भारत सरकार अधिनियम → गांधी-इरविन समझौता → पूना पैक्ट → द्वितीय विश्व युद्ध

(D) द्वितीय विश्व युद्ध → पूना पैक्ट → गांधी-इरविन समझौता → भारत सरकार अधिनियम

उत्तर: (A) गांधी-इरविन समझौता → पूना पैक्ट → भारत सरकार अधिनियम 1935 → द्वितीय विश्व युद्ध

व्याख्या:
इन महत्वपूर्ण घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है—

  • 1931 – गांधी-इरविन समझौता

  • 1932 – पूना पैक्ट

  • 1935 – भारत सरकार अधिनियम

  • 1939 – द्वितीय विश्व युद्ध प्रारंभ

ऐसे कालक्रम आधारित प्रश्न SSC, Railway, UPSC, BPSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें विशेष रूप से याद रखना चाहिए।



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