विद्युत आवेश एवं कूलॉम का नियम MCQ Questions in Hindi (Q1–Q30) | Electricity Chapter Part-1 for RRB, SSC, NTPC

 यदि आप RRB Group D, RRB NTPC, ALP, SSC GD, CHSL, CGL, Police या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो विद्युत (Electricity) अध्याय का यह पहला भाग आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस भाग में विद्युत आवेश, कूलॉम का नियम, विद्युत क्षेत्र, विद्युत विभव एवं विभवांतर से जुड़े 30 महत्वपूर्ण MCQs दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और 5–6 पंक्तियों का विस्तृत Explanation भी दिया गया है।




Q1. परमाणु में धनात्मक आवेश किस कण पर होता है?

(A) इलेक्ट्रॉन
(B) न्यूट्रॉन
(C) प्रोटॉन
(D) न्यूक्लियस

उत्तर: (C) प्रोटॉन

व्याख्या:
प्रोटॉन परमाणु के नाभिक में पाया जाने वाला धनावेशित कण है। प्रत्येक प्रोटॉन पर +1.6 × 10
¹ कूलॉम आवेश होता है। इलेक्ट्रॉन पर समान परिमाण का ऋणात्मक आवेश होता है जबकि न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता। किसी तत्व की पहचान उसके प्रोटॉनों की संख्या से होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है।


Q2. इलेक्ट्रॉन पर कितना आवेश होता है?

(A) +1.6 × 10¹ C
(B) −1.6 × 10
¹ C
(C) +3.2 × 10
¹ C
(D) 0 C

उत्तर: (B) −1.6 × 10¹ C

व्याख्या:
इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक मूल आवेश होता है जिसका मान −1.6 × 10
¹ कूलॉम है। इसे विद्युत आवेश की सबसे छोटी इकाई माना जाता है। सभी विद्युत घटनाएँ इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण के कारण होती हैं। यही मान अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है।


Q3. न्यूट्रॉन के बारे में सही कथन कौन-सा है?

(A) इस पर धनात्मक आवेश होता है।
(B) इस पर ऋणात्मक आवेश होता है।
(C) यह आवेश रहित होता है।
(D) यह परमाणु के बाहर पाया जाता है।

उत्तर: (C) यह आवेश रहित होता है।

व्याख्या:
न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में स्थित होता है और इस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता। इसका मुख्य कार्य नाभिक को स्थिर बनाए रखना है। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है। इसकी खोज जेम्स चैडविक ने की थी।


Q4. एक प्रोटॉन का आवेश कितना होता है?

(A) −1.6 × 10¹ C
(B) +1.6 × 10
¹ C
(C) +3.2 × 10
¹ C
(D) 0 C

उत्तर: (B) +1.6 × 10¹ C

व्याख्या:
प्रोटॉन पर धनात्मक मूल आवेश होता है जिसका मान +1.6 × 10
¹ कूलॉम है। यह इलेक्ट्रॉन के आवेश के बराबर लेकिन विपरीत चिन्ह वाला होता है। प्रोटॉन की संख्या परमाणु क्रमांक निर्धारित करती है। यह Physics का अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है।


Q5. समान प्रकार के दो आवेशों के बीच क्या होता है?

(A) आकर्षण
(B) विकर्षण
(C) कोई बल नहीं लगता
(D) पहले आकर्षण फिर विकर्षण

उत्तर: (B) विकर्षण

व्याख्या:
समान प्रकार के दोनों आवेश एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं, इसे विकर्षण कहते हैं। उदाहरण के लिए दो धनात्मक या दो ऋणात्मक आवेश। यह कूलॉम के नियम का मूल सिद्धांत है। परीक्षाओं में इसे अक्सर उदाहरण सहित पूछा जाता है।

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Q6. असमान प्रकार के दो आवेशों के बीच क्या होता है?

(A) विकर्षण
(B) आकर्षण
(C) कोई प्रभाव नहीं
(D) केवल चुंबकीय बल लगता है

उत्तर: (B) आकर्षण

व्याख्या:
धनात्मक और ऋणात्मक आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर बने रहते हैं। कूलॉम के नियम का यह दूसरा महत्वपूर्ण सिद्धांत है। यह अवधारणा विद्युत क्षेत्र को समझने का आधार है।


Q7. किसी वस्तु को आवेशित करने की कौन-सी विधि नहीं है?

(A) घर्षण द्वारा
(B) चालन द्वारा
(C) प्रेरण द्वारा
(D) वाष्पीकरण द्वारा

उत्तर: (D) वाष्पीकरण द्वारा

व्याख्या:
किसी वस्तु को घर्षण, चालन और प्रेरण द्वारा आवेशित किया जा सकता है। वाष्पीकरण का विद्युत आवेश उत्पन्न करने से कोई संबंध नहीं है। यह प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। तीनों विधियों का सिद्धांत अलग-अलग होता है।


Q8. विद्युत आवेश का SI मात्रक क्या है?

(A) एम्पियर
(B) कूलॉम
(C) वोल्ट
(D) ओम

उत्तर: (B) कूलॉम

व्याख्या:
विद्युत आवेश का SI मात्रक कूलॉम (Coulomb) है। इसका नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिक चार्ल्स कूलॉम के सम्मान में रखा गया है। आवेश को C द्वारा व्यक्त किया जाता है। विद्युत विज्ञान के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों में कूलॉम का उपयोग होता है।


Q9. यदि किसी वस्तु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाए तो वह वस्तु कैसी हो जाएगी?

(A) धनावेशित
(B) ऋणावेशित
(C) उदासीन
(D) चुंबकित

उत्तर: (B) ऋणावेशित

व्याख्या:
जब किसी वस्तु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है तो उसमें ऋणात्मक आवेश बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप वस्तु ऋणावेशित हो जाती है। यदि इलेक्ट्रॉन कम हो जाएँ तो वस्तु धनावेशित हो जाती है। यह विद्युत आवेश का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है।


Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(A) आवेश का निर्माण किया जा सकता है।
(B) आवेश को नष्ट किया जा सकता है।
(C) आवेश न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
(D) आवेश केवल धनात्मक होता है।

उत्तर: (C) आवेश न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

व्याख्या:
यह विद्युत आवेश संरक्षण (Conservation of Charge) का नियम है। आवेश केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित होता है। कुल आवेश का मान हमेशा स्थिर रहता है। यह नियम बोर्ड परीक्षाओं तथा Railway, SSC, Police जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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Q11. ऐसे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत आवेश आसानी से प्रवाहित हो जाता है, उन्हें क्या कहते हैं?

(A) कुचालक
(B) अर्धचालक
(C) चालक
(D) अतिचालक

उत्तर: (C) चालक

व्याख्या:
चालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है। इसलिए इनमें विद्युत धारा का प्रवाह आसानी से होता है। ताँबा, चाँदी और एल्यूमिनियम अच्छे चालक हैं। विद्युत तारों के निर्माण में मुख्यतः ताँबे का उपयोग किया जाता है। रेलवे एवं SSC परीक्षाओं में यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है।


Q12. निम्नलिखित में से कौन एक अच्छा विद्युत चालक है?

(A) रबर
(B) प्लास्टिक
(C) ताँबा
(D) काँच

उत्तर: (C) ताँबा

व्याख्या:
ताँबा (Copper) उत्कृष्ट विद्युत चालक है क्योंकि इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है। इसका प्रतिरोध कम होता है, इसलिए ऊर्जा की हानि भी कम होती है। इसी कारण घरों की वायरिंग में ताँबे के तारों का प्रयोग किया जाता है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं का महत्वपूर्ण तथ्य है।


Q13. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ कुचालक (Insulator) है?

(A) चाँदी
(B) लोहा
(C) रबर
(D) ताँबा

उत्तर: (C) रबर

व्याख्या:
कुचालकों में मुक्त इलेक्ट्रॉन लगभग नहीं होते, इसलिए इनमें विद्युत धारा का प्रवाह नहीं होता। रबर, प्लास्टिक, लकड़ी और काँच अच्छे कुचालक हैं। इन्हें विद्युत उपकरणों की सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाता है। बिजली के तारों पर रबर की परत इसी कारण चढ़ाई जाती है।


Q14. अर्धचालक (Semiconductor) का सबसे प्रमुख उदाहरण कौन-सा है?

(A) ताँबा
(B) सिलिकॉन
(C) चाँदी
(D) लोहा

उत्तर: (B) सिलिकॉन

व्याख्या:
सिलिकॉन तथा जर्मेनियम अर्धचालक पदार्थ हैं। इनकी चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे ट्रांजिस्टर, डायोड और IC के निर्माण में सिलिकॉन का व्यापक उपयोग किया जाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स का आधारभूत पदार्थ है।


Q15. सामान्य ताप पर अर्धचालक की चालकता कैसी होती है?

(A) बहुत अधिक
(B) बहुत कम
(C) चालक और कुचालक के बीच
(D) शून्य

उत्तर: (C) चालक और कुचालक के बीच

व्याख्या:
अर्धचालकों की चालकता सामान्य ताप पर सीमित होती है। ताप बढ़ने पर इनकी चालकता बढ़ जाती है क्योंकि अधिक इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाते हैं। यही गुण इन्हें इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में अत्यंत उपयोगी बनाता है। यह प्रश्न RRB एवं SSC में बार-बार पूछा जाता है।


Q16. अतिचालक (Superconductor) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?

(A) प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।
(B) प्रतिरोध शून्य हो जाता है।
(C) धारा प्रवाहित नहीं होती।
(D) केवल AC प्रवाहित होती है।

उत्तर: (B) प्रतिरोध शून्य हो जाता है।

व्याख्या:
जब किसी पदार्थ को उसके क्रांतिक ताप (Critical Temperature) से नीचे ठंडा किया जाता है तो उसका विद्युत प्रतिरोध शून्य हो सकता है। इस अवस्था को अतिचालकता कहते हैं। ऐसी स्थिति में ऊर्जा की हानि नहीं होती। MRI मशीन और मैग्लेव ट्रेन जैसी तकनीकों में इसका उपयोग होता है।


Q17. निम्नलिखित में से किस पदार्थ की चालकता ताप बढ़ने पर बढ़ती है?

(A) ताँबा
(B) चाँदी
(C) सिलिकॉन
(D) एल्यूमिनियम

उत्तर: (C) सिलिकॉन

व्याख्या:
अर्धचालकों में ताप बढ़ने पर मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे उनकी चालकता भी बढ़ती है। इसके विपरीत धातुओं की चालकता ताप बढ़ने पर घटती है। यह चालक और अर्धचालक के बीच मुख्य अंतर है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह अंतर अक्सर पूछा जाता है।


Q18. घरों के विद्युत तारों पर प्लास्टिक या रबर की परत क्यों चढ़ाई जाती है?

(A) तार का भार बढ़ाने के लिए
(B) सुंदर दिखाने के लिए
(C) विद्युत झटके से सुरक्षा के लिए
(D) धारा बढ़ाने के लिए

उत्तर: (C) विद्युत झटके से सुरक्षा के लिए

व्याख्या:
रबर और प्लास्टिक अच्छे कुचालक होते हैं। ये विद्युत धारा को बाहर निकलने से रोकते हैं और उपयोगकर्ता को करंट लगने से बचाते हैं। इन्हें इंसुलेशन (Insulation) के लिए प्रयोग किया जाता है। यह विद्युत सुरक्षा का मूल सिद्धांत है।


Q19. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म केवल अर्धचालकों का है?

(A) ताँबा और चाँदी
(B) सिलिकॉन और जर्मेनियम
(C) रबर और प्लास्टिक
(D) लोहा और एल्यूमिनियम

उत्तर: (B) सिलिकॉन और जर्मेनियम

व्याख्या:
सिलिकॉन तथा जर्मेनियम दोनों अर्धचालक पदार्थ हैं। इनका उपयोग ट्रांजिस्टर, डायोड, सोलर सेल और कंप्यूटर चिप बनाने में किया जाता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स इन्हीं पदार्थों पर आधारित है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है।


Q20. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(A) चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होते हैं।
(B) कुचालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होते हैं।
(C) अर्धचालक में कोई इलेक्ट्रॉन नहीं होता।
(D) अतिचालक का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।

उत्तर: (A) चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन अधिक होते हैं।

व्याख्या:
चालक पदार्थों में बड़ी संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन उपस्थित रहते हैं, जो विद्युत धारा का वहन करते हैं। कुचालकों में मुक्त इलेक्ट्रॉन बहुत कम होते हैं, जबकि अर्धचालकों में इनकी संख्या मध्यम होती है। यही कारण है कि चालक विद्युत का अच्छा संवहन करते हैं। यह अवधारणा विद्युत विज्ञान का आधार है।

 

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Q21. जिस विद्युत धारा का प्रवाह हमेशा एक ही दिशा में होता है, उसे क्या कहते हैं?

(A) प्रत्यावर्ती धारा (AC)
(B) दिष्ट धारा (DC)
(C) प्रेरित धारा
(D) स्थैतिक विद्युत

उत्तर: (B) दिष्ट धारा (DC)

व्याख्या:
दिष्ट धारा (Direct Current) वह धारा है जो परिपथ में केवल एक ही दिशा में प्रवाहित होती है। बैटरी, सेल और DC जनित्र से प्राप्त धारा दिष्ट धारा होती है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में प्रायः DC का उपयोग किया जाता है। रेलवे एवं SSC परीक्षाओं में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न है।


Q22. प्रत्यावर्ती धारा (AC) की मुख्य विशेषता क्या है?

(A) यह केवल एक दिशा में बहती है।
(B) इसकी दिशा एवं परिमाण समय-समय पर बदलते रहते हैं।
(C) इसका परिमाण सदैव समान रहता है।
(D) यह केवल बैटरी से प्राप्त होती है।

उत्तर: (B) इसकी दिशा एवं परिमाण समय-समय पर बदलते रहते हैं।

व्याख्या:
प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) की दिशा तथा परिमाण निश्चित समयांतराल पर बदलते रहते हैं। इसी कारण इसे AC कहा जाता है। हमारे घरों में इसी प्रकार की धारा की आपूर्ति होती है। लंबी दूरी तक विद्युत संचार के लिए AC अधिक उपयुक्त होती है।


Q23. भारत में घरेलू विद्युत आपूर्ति सामान्यतः कितने वोल्ट की होती है?

(A) 110 V
(B) 220 V
(C) 440 V
(D) 12 V

उत्तर: (B) 220 V

व्याख्या:
भारत में घरेलू विद्युत आपूर्ति सामान्यतः 220 वोल्ट की प्रत्यावर्ती धारा होती है। यह अधिकांश घरेलू उपकरणों के लिए मानक वोल्टेज है। उद्योगों में प्रायः 440 V तीन-फेज आपूर्ति का उपयोग किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह तथ्य अक्सर पूछा जाता है।


Q24. भारत में घरेलू विद्युत आपूर्ति की आवृत्ति (Frequency) कितनी होती है?

(A) 25 Hz
(B) 50 Hz
(C) 60 Hz
(D) 100 Hz

उत्तर: (B) 50 Hz

व्याख्या:
भारत में AC सप्लाई की आवृत्ति 50 हर्ट्ज होती है। इसका अर्थ है कि धारा प्रति सेकंड 50 चक्र (Cycles) पूरे करती है। प्रत्येक चक्र में धारा दो बार दिशा बदलती है। इसलिए प्रति सेकंड कुल 100 बार दिशा परिवर्तन होता है। यह प्रश्न लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है।

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Q25. निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण दिष्ट धारा (DC) का स्रोत है?

(A) घरेलू मेन्स सप्लाई
(B) सेल
(C) ट्रांसफॉर्मर
(D) AC जनित्र

उत्तर: (B) सेल

व्याख्या:
सेल और बैटरी दिष्ट धारा (DC) प्रदान करते हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह केवल एक दिशा में होता है। मोबाइल, टॉर्च, कैलकुलेटर आदि DC पर कार्य करते हैं। वहीं घरेलू बिजली AC होती है।


Q26. घरेलू विद्युत आपूर्ति को मेन्स (Mains) क्यों कहा जाता है?

(A) क्योंकि यह केवल उद्योगों में उपयोग होती है।
(B) क्योंकि यह मुख्य विद्युत आपूर्ति होती है।
(C) क्योंकि यह केवल बैटरी से प्राप्त होती है।
(D) क्योंकि इसका वोल्टेज बहुत कम होता है।

उत्तर: (B) क्योंकि यह मुख्य विद्युत आपूर्ति होती है।

व्याख्या:
बिजलीघर से जो मुख्य विद्युत आपूर्ति घरों तक पहुँचती है, उसे मेन्स सप्लाई कहा जाता है। यही बिजली पंखे, बल्ब, फ्रिज, टीवी आदि उपकरणों को चलाती है। यह 220V, 50Hz AC होती है। इसे प्रतियोगी परीक्षाओं में Main Supply के नाम से भी पूछा जाता है।


Q27. घरेलू वायरिंग में सामान्यतः कितने प्रकार के तार उपयोग किए जाते हैं?

(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार

उत्तर: (B) दो

व्याख्या:
सामान्य घरेलू सप्लाई में मुख्यतः दो तारों—फेज (Live) और न्यूट्रल (Neutral)—का उपयोग किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से अर्थिंग (Earth Wire) भी जोड़ी जाती है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पुस्तक के अनुसार दो मुख्य तारों के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। आधुनिक वायरिंग में तीन-तार प्रणाली अधिक प्रचलित है।


Q28. 5 एम्पियर का प्लग सामान्यतः किसके लिए उपयोग किया जाता है?

(A) भारी मोटर
(B) एयर कंडीशनर
(C) सामान्य घरेलू उपकरण
(D) वेल्डिंग मशीन

उत्तर: (C) सामान्य घरेलू उपकरण

व्याख्या:
5A प्लग का उपयोग बल्ब, पंखा, टीवी, चार्जर जैसे कम शक्ति वाले घरेलू उपकरणों के लिए किया जाता है। अधिक शक्ति वाले उपकरणों के लिए 15A प्लग का उपयोग किया जाता है। यह घरेलू विद्युत सुरक्षा का महत्वपूर्ण विषय है। Railway एवं SSC परीक्षाओं में इससे प्रश्न पूछे जाते हैं।


Q29. 15 एम्पियर का प्लग मुख्यतः किसके लिए उपयोग किया जाता है?

(A) मोबाइल चार्जर
(B) LED बल्ब
(C) हीटर, गीजर एवं भारी विद्युत उपकरण
(D) टॉर्च

उत्तर: (C) हीटर, गीजर एवं भारी विद्युत उपकरण

व्याख्या:
15A प्लग अधिक धारा वहन कर सकता है, इसलिए इसका उपयोग हीटर, गीजर, एयर कूलर, माइक्रोवेव आदि उच्च शक्ति वाले उपकरणों के लिए किया जाता है। इससे तारों के अधिक गर्म होने की संभावना कम रहती है। यह विद्युत सुरक्षा का महत्वपूर्ण नियम है।


Q30. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(A) DC की दिशा बदलती रहती है।
(B) AC केवल एक दिशा में बहती है।
(C) भारत में घरेलू बिजली 220V, 50Hz AC होती है।
(D) बैटरी से AC प्राप्त होती है।

उत्तर: (C) भारत में घरेलू बिजली 220V, 50Hz AC होती है।

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