इस भाग में प्रतिरोध (Resistance), ओम का नियम (Ohm's Law), विद्युत परिपथ, EMF, श्रृंखला एवं समानांतर संयोजन तथा Kirchhoff's Laws से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं। सभी प्रश्न RRB, SSC, ALP, NTPC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के नवीनतम पैटर्न पर आधारित हैं।
Q31. किसी चालक
द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने के गुण को क्या कहते हैं?
(A) विभवांतर
(B) प्रतिरोध
(C) विद्युत शक्ति
(D) विद्युत ऊर्जा
✅ उत्तर: (B)
प्रतिरोध
व्याख्या:
प्रतिरोध (Resistance) किसी चालक का वह गुण है
जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। इसका SI मात्रक
ओम (Ω) है। प्रतिरोध जितना अधिक होगा, धारा का प्रवाह उतना
ही कम होगा। ओम का नियम प्रतिरोध, धारा तथा विभवांतर के बीच
संबंध बताता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह सबसे महत्वपूर्ण मूल अवधारणाओं में से
एक है।
प्रकाश (Light) MCQ Questions in Hindi Part-1
Q32. विद्युत
प्रतिरोध का SI मात्रक क्या है?
(A) वोल्ट
(B) एम्पियर
(C) ओम
(D) कूलॉम
✅ उत्तर: (C)
ओम
व्याख्या:
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ohm)
है, जिसे Ω द्वारा दर्शाया जाता है। इसका नाम जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज
साइमन ओम के सम्मान में रखा गया है। यदि किसी चालक में 1 वोल्ट विभवांतर लगाने पर 1 एम्पियर धारा प्रवाहित हो,
तो उसका प्रतिरोध 1 ओम होता है।
Q33. किसी चालक
का प्रतिरोध मुख्य रूप से किन कारकों पर निर्भर करता है?
(A) चालक की लंबाई एवं
अनुप्रस्थ क्षेत्रफल
(B) चालक के पदार्थ की
प्रकृति
(C) तापमान
(D) उपर्युक्त सभी
✅ उत्तर: (D)
उपर्युक्त सभी
व्याख्या:
प्रतिरोध चालक की लंबाई, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल,
पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है। लंबाई बढ़ने पर
प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि क्षेत्रफल बढ़ने पर प्रतिरोध घटता
है। विभिन्न पदार्थों की प्रतिरोधकता अलग-अलग होती है। यह अवधारणा लगभग हर
प्रतियोगी परीक्षा में पूछी जाती है।
Q34. यदि किसी
चालक की लंबाई बढ़ा दी जाए, तो उसका प्रतिरोध क्या होगा?
(A) घट जाएगा
(B) बढ़ जाएगा
(C) समान रहेगा
(D) शून्य हो जाएगा
✅ उत्तर: (B)
बढ़ जाएगा
व्याख्या:
प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती होता है। लंबाई बढ़ने पर
इलेक्ट्रॉनों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे टक्करों
की संख्या बढ़ती है और प्रतिरोध बढ़ जाता है। इसे सूत्र R ∝ L द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Q35. यदि किसी
चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ा दिया जाए, तो उसका
प्रतिरोध क्या होगा?
(A) बढ़ जाएगा
(B) घट जाएगा
(C) समान रहेगा
(D) अनंत हो जाएगा
✅ उत्तर: (B)
घट जाएगा
व्याख्या:
जब चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ता है, तो
इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के लिए अधिक मार्ग उपलब्ध हो जाते हैं। इससे धारा का
प्रवाह आसान हो जाता है और प्रतिरोध कम हो जाता है। गणितीय रूप से R ∝ 1/A होता है।
Q36. श्रेणीक्रम
(Series) में जुड़े प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध किस प्रकार
ज्ञात किया जाता है?
(A) सभी प्रतिरोधों का गुणनफल
(B) सभी प्रतिरोधों का योग
(C) सभी प्रतिरोधों का औसत
(D) सबसे छोटे प्रतिरोध के
बराबर
✅ उत्तर: (B)
सभी प्रतिरोधों का योग
व्याख्या:
जब प्रतिरोध श्रेणीक्रम (Series) में जुड़े
होते हैं, तो धारा सभी प्रतिरोधों से समान मात्रा में गुजरती
है। इसलिए कुल प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है। अर्थात् R
= R₁ + R₂ + R₃ + …। यह परीक्षा में सबसे अधिक
पूछे जाने वाले सूत्रों में से एक है।
विद्युत आवेश एवं कूलॉम का नियम MCQ Questions in Hindi (Q1–Q30)
Q37. समानांतर (Parallel)
संयोजन में सभी प्रतिरोधों पर क्या समान रहता है?
(A) धारा
(B) विभवांतर
(C) प्रतिरोध
(D) शक्ति
✅ उत्तर: (B)
विभवांतर
व्याख्या:
समानांतर संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों पर विभवांतर समान
होता है। धारा विभिन्न शाखाओं में उनके प्रतिरोध के अनुसार विभाजित होती है। घरेलू
विद्युत वायरिंग समानांतर संयोजन पर आधारित होती है, जिससे
सभी उपकरण स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
Q38. घरेलू
विद्युत उपकरणों को सामान्यतः किस प्रकार जोड़ा जाता है?
(A) श्रेणीक्रम में
(B) समानांतर क्रम में
(C) मिश्रित क्रम में
(D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (B)
समानांतर क्रम में
व्याख्या:
घरों में सभी विद्युत उपकरण समानांतर संयोजन में जोड़े जाते हैं।
इससे प्रत्येक उपकरण को 220V का समान विभवांतर प्राप्त होता
है। यदि एक उपकरण खराब हो जाए तो अन्य उपकरण प्रभावित नहीं होते। यही कारण है कि
घरेलू वायरिंग में समानांतर संयोजन अपनाया जाता है।
Q39. श्रेणीक्रम
में जुड़े प्रतिरोधों में कौन-सी राशि समान रहती है?
(A) विभवांतर
(B) धारा
(C) शक्ति
(D) ऊर्जा
✅ उत्तर: (B)
धारा
व्याख्या:
श्रेणीक्रम में विद्युत धारा का केवल एक ही मार्ग होता है। इसलिए
सभी प्रतिरोधों में समान धारा प्रवाहित होती है। जबकि प्रत्येक प्रतिरोध पर
विभवांतर अलग-अलग हो सकता है। यह अवधारणा संख्यात्मक प्रश्नों में अत्यंत
महत्वपूर्ण है।
Q40. निम्नलिखित
में से कौन-सा कथन सही है?
(A) श्रेणीक्रम में कुल
प्रतिरोध कम हो जाता है।
(B) समानांतर संयोजन में कुल
प्रतिरोध सबसे बड़े प्रतिरोध से भी अधिक होता है।
(C) घरेलू वायरिंग समानांतर
संयोजन पर आधारित होती है।
(D) श्रेणीक्रम में प्रत्येक
प्रतिरोध पर विभवांतर समान होता है।
✅ उत्तर: (C)
घरेलू वायरिंग समानांतर संयोजन पर आधारित होती है।
व्याख्या:
घरेलू वायरिंग में समानांतर संयोजन का उपयोग किया जाता है ताकि
प्रत्येक उपकरण स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके और सभी को समान विभवांतर प्राप्त हो।
श्रेणीक्रम में यदि एक उपकरण खराब हो जाए तो पूरा परिपथ बंद हो जाएगा। इसलिए घरों
में समानांतर संयोजन सबसे उपयुक्त माना जाता है।
Q31. किसी चालक
द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने के गुण को क्या कहते हैं?
(A) विभवांतर
(B) प्रतिरोध
(C) विद्युत शक्ति
(D) विद्युत ऊर्जा
✅ उत्तर: (B)
प्रतिरोध
व्याख्या:
प्रतिरोध (Resistance) किसी चालक का वह गुण है
जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। इसका SI मात्रक
ओम (Ω) है। प्रतिरोध जितना अधिक होगा, धारा का प्रवाह उतना
ही कम होगा। ओम का नियम प्रतिरोध, धारा तथा विभवांतर के बीच
संबंध बताता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह सबसे महत्वपूर्ण मूल अवधारणाओं में से
एक है।
Q32. विद्युत
प्रतिरोध का SI मात्रक क्या है?
(A) वोल्ट
(B) एम्पियर
(C) ओम
(D) कूलॉम
✅ उत्तर: (C)
ओम
व्याख्या:
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ohm)
है, जिसे Ω द्वारा दर्शाया जाता है। इसका नाम जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज
साइमन ओम के सम्मान में रखा गया है। यदि किसी चालक में 1 वोल्ट विभवांतर लगाने पर 1 एम्पियर धारा प्रवाहित हो,
तो उसका प्रतिरोध 1 ओम होता है।
Q33. किसी चालक
का प्रतिरोध मुख्य रूप से किन कारकों पर निर्भर करता है?
(A) चालक की लंबाई एवं
अनुप्रस्थ क्षेत्रफल
(B) चालक के पदार्थ की
प्रकृति
(C) तापमान
(D) उपर्युक्त सभी
✅ उत्तर: (D)
उपर्युक्त सभी
व्याख्या:
प्रतिरोध चालक की लंबाई, अनुप्रस्थ क्षेत्रफल,
पदार्थ की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है। लंबाई बढ़ने पर
प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि क्षेत्रफल बढ़ने पर प्रतिरोध घटता
है। विभिन्न पदार्थों की प्रतिरोधकता अलग-अलग होती है। यह अवधारणा लगभग हर
प्रतियोगी परीक्षा में पूछी जाती है।
Q34. यदि किसी
चालक की लंबाई बढ़ा दी जाए, तो उसका प्रतिरोध क्या होगा?
(A) घट जाएगा
(B) बढ़ जाएगा
(C) समान रहेगा
(D) शून्य हो जाएगा
✅ उत्तर: (B)
बढ़ जाएगा
व्याख्या:
प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती होता है। लंबाई बढ़ने पर
इलेक्ट्रॉनों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे टक्करों
की संख्या बढ़ती है और प्रतिरोध बढ़ जाता है। इसे सूत्र R ∝ L द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Q35. यदि किसी
चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ा दिया जाए, तो उसका
प्रतिरोध क्या होगा?
(A) बढ़ जाएगा
(B) घट जाएगा
(C) समान रहेगा
(D) अनंत हो जाएगा
✅ उत्तर: (B)
घट जाएगा
व्याख्या:
जब चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ता है, तो
इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के लिए अधिक मार्ग उपलब्ध हो जाते हैं। इससे धारा का
प्रवाह आसान हो जाता है और प्रतिरोध कम हो जाता है। गणितीय रूप से R ∝ 1/A होता है।
भौतिक विज्ञान के महत्वपूर्ण अध्यायों (गुरुत्वाकर्षण, दाब, प्लवन, पृष्ठ तनाव, श्यानता एवं बरनौली का प्रमेय) के 150+ MCQ
Q36. श्रेणीक्रम
(Series) में जुड़े प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध किस प्रकार
ज्ञात किया जाता है?
(A) सभी प्रतिरोधों का गुणनफल
(B) सभी प्रतिरोधों का योग
(C) सभी प्रतिरोधों का औसत
(D) सबसे छोटे प्रतिरोध के
बराबर
✅ उत्तर: (B)
सभी प्रतिरोधों का योग
व्याख्या:
जब प्रतिरोध श्रेणीक्रम (Series) में जुड़े
होते हैं, तो धारा सभी प्रतिरोधों से समान मात्रा में गुजरती
है। इसलिए कुल प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है। अर्थात् R
= R₁ + R₂ + R₃ + …। यह परीक्षा में सबसे अधिक
पूछे जाने वाले सूत्रों में से एक है।
Q37. समानांतर (Parallel)
संयोजन में सभी प्रतिरोधों पर क्या समान रहता है?
(A) धारा
(B) विभवांतर
(C) प्रतिरोध
(D) शक्ति
✅ उत्तर: (B)
विभवांतर
व्याख्या:
समानांतर संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों पर विभवांतर समान
होता है। धारा विभिन्न शाखाओं में उनके प्रतिरोध के अनुसार विभाजित होती है। घरेलू
विद्युत वायरिंग समानांतर संयोजन पर आधारित होती है, जिससे
सभी उपकरण स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
Q38. घरेलू
विद्युत उपकरणों को सामान्यतः किस प्रकार जोड़ा जाता है?
(A) श्रेणीक्रम में
(B) समानांतर क्रम में
(C) मिश्रित क्रम में
(D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (B)
समानांतर क्रम में
व्याख्या:
घरों में सभी विद्युत उपकरण समानांतर संयोजन में जोड़े जाते हैं।
इससे प्रत्येक उपकरण को 220V का समान विभवांतर प्राप्त होता
है। यदि एक उपकरण खराब हो जाए तो अन्य उपकरण प्रभावित नहीं होते। यही कारण है कि
घरेलू वायरिंग में समानांतर संयोजन अपनाया जाता है।
Q39. श्रेणीक्रम
में जुड़े प्रतिरोधों में कौन-सी राशि समान रहती है?
(A) विभवांतर
(B) धारा
(C) शक्ति
(D) ऊर्जा
✅ उत्तर: (B)
धारा
व्याख्या:
श्रेणीक्रम में विद्युत धारा का केवल एक ही मार्ग होता है। इसलिए
सभी प्रतिरोधों में समान धारा प्रवाहित होती है। जबकि प्रत्येक प्रतिरोध पर
विभवांतर अलग-अलग हो सकता है। यह अवधारणा संख्यात्मक प्रश्नों में अत्यंत
महत्वपूर्ण है।
Railway Group D 2025 के लिए Ancient History के 64 Most Expected सबसे महत्वपूर्ण Questions
Q40. निम्नलिखित
में से कौन-सा कथन सही है?
(A) श्रेणीक्रम में कुल
प्रतिरोध कम हो जाता है।
(B) समानांतर संयोजन में कुल
प्रतिरोध सबसे बड़े प्रतिरोध से भी अधिक होता है।
(C) घरेलू वायरिंग समानांतर
संयोजन पर आधारित होती है।
(D) श्रेणीक्रम में प्रत्येक
प्रतिरोध पर विभवांतर समान होता है।
✅ उत्तर: (C)
घरेलू वायरिंग समानांतर संयोजन पर आधारित होती है।
व्याख्या:
घरेलू वायरिंग में समानांतर संयोजन का उपयोग किया जाता है ताकि
प्रत्येक उपकरण स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके और सभी को समान विभवांतर प्राप्त हो।
श्रेणीक्रम में यदि एक उपकरण खराब हो जाए तो पूरा परिपथ बंद हो जाएगा। इसलिए घरों
में समानांतर संयोजन सबसे उपयुक्त माना जाता है।
Q51. ओम का नियम
किसके बीच संबंध स्थापित करता है?
(A) धारा, विभवांतर एवं प्रतिरोध
(B) धारा एवं शक्ति
(C) शक्ति एवं ऊर्जा
(D) आवेश एवं समय
✅ उत्तर: (A) धारा,
विभवांतर एवं प्रतिरोध
व्याख्या:
ओम का नियम किसी चालक में विभवांतर
(V), धारा (I) तथा
प्रतिरोध (R) के बीच संबंध
स्थापित करता है। नियत ताप पर चालक में बहने वाली धारा विभवांतर के समानुपाती होती
है। इसे V = IR द्वारा व्यक्त किया जाता है। यह
विद्युत विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण नियम है और लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में
पूछा जाता है।
Q52. ओम के नियम
का गणितीय रूप क्या है?
(A) V = IR
(B) P = VI
(C) W = VIt
(D) I = Qt
✅ उत्तर: (A) V = IR
व्याख्या:
ओम के नियम के अनुसार विभवांतर
(V) = धारा (I) × प्रतिरोध
(R)। यदि किसी दो राशियों का मान
ज्ञात हो तो तीसरी राशि आसानी से निकाली जा सकती है। विद्युत परिपथ के अधिकांश
संख्यात्मक प्रश्न इसी सूत्र पर आधारित होते हैं। इसे अच्छी तरह याद रखना आवश्यक
है।
Q53. ओम के नियम
के अनुसार यदि प्रतिरोध स्थिर रहे और विभवांतर दोगुना कर दिया जाए, तो धारा क्या होगी?
(A) आधी हो जाएगी
(B) दोगुनी हो जाएगी
(C) समान रहेगी
(D) शून्य हो जाएगी
✅ उत्तर: (B) दोगुनी
हो जाएगी
व्याख्या:
सूत्र V = IR के अनुसार यदि प्रतिरोध (R)
स्थिर है, तो धारा (I) विभवांतर
(V) के समानुपाती होती है। इसलिए विभवांतर दोगुना करने पर
धारा भी दोगुनी हो जाएगी। इस प्रकार के संख्यात्मक प्रश्न RRB एवं SSC परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
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Q54. विद्युत
वाहक बल (EMF) का SI मात्रक क्या है?
(A) एम्पियर
(B) ओम
(C) वोल्ट
(D) कूलॉम
✅ उत्तर: (C) वोल्ट
व्याख्या:
विद्युत वाहक बल (Electromotive Force - EMF) का SI मात्रक वोल्ट
(Volt) है। EMF वह कुल
ऊर्जा है जो कोई सेल या बैटरी प्रति इकाई आवेश को प्रदान करती है। इसका मान खुले
परिपथ में सेल के विभवांतर के बराबर होता है। EMF को प्रायः E
से दर्शाया जाता है।
Q55. विद्युत
परिपथ में धारा प्रवाहित होने के लिए क्या आवश्यक है?
(A) केवल चालक
(B) केवल बैटरी
(C) बंद विद्युत परिपथ
(D) केवल प्रतिरोध
✅ उत्तर: (C) बंद
विद्युत परिपथ
व्याख्या:
विद्युत धारा तभी प्रवाहित होती
है जब परिपथ पूर्ण (Closed Circuit) हो।
यदि स्विच खुला हो या तार कहीं से टूट जाए तो धारा प्रवाहित नहीं होगी। इसलिए किसी
भी विद्युत उपकरण के कार्य करने के लिए परिपथ का बंद होना आवश्यक है। यह विद्युत
की सबसे मूल अवधारणाओं में से एक है।
Q56. किसी
विद्युत परिपथ में स्विच का मुख्य कार्य क्या है?
(A) धारा उत्पन्न करना
(B) धारा मापना
(C) परिपथ को जोड़ना या
तोड़ना
(D) प्रतिरोध बढ़ाना
✅ उत्तर: (C) परिपथ
को जोड़ना या तोड़ना
व्याख्या:
स्विच का कार्य विद्युत परिपथ
को नियंत्रित करना होता है। स्विच बंद करने पर परिपथ पूरा हो जाता है और धारा
प्रवाहित होती है। स्विच खोलने पर परिपथ टूट जाता है और धारा रुक जाती है। घरों
में लगे सभी विद्युत स्विच इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन MCQ in Hindi यही प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं
Q57. किरचॉफ का
प्रथम नियम किस सिद्धांत पर आधारित है?
(A) ऊर्जा संरक्षण
(B) आवेश संरक्षण
(C) संवेग संरक्षण
(D) न्यूटन का नियम
✅ उत्तर: (B) आवेश
संरक्षण
व्याख्या:
किरचॉफ का प्रथम नियम (Current Law) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। इसके अनुसार किसी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा, वहाँ से जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है। अर्थात् जंक्शन पर आवेश का
संचय नहीं होता। यह नियम विद्युत परिपथ विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Q58. किरचॉफ का
द्वितीय नियम किस सिद्धांत पर आधारित है?
(A) आवेश संरक्षण
(B) ऊर्जा संरक्षण
(C) द्रव्यमान संरक्षण
(D) संवेग संरक्षण
✅ उत्तर: (B) ऊर्जा
संरक्षण
व्याख्या:
किरचॉफ का द्वितीय नियम (Voltage Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। इसके अनुसार किसी बंद लूप में सभी विभव वृद्धि और विभव
ह्रास का बीजीय योग शून्य होता है। जटिल विद्युत परिपथों के विश्लेषण में इस नियम
का व्यापक उपयोग किया जाता है।
Q59. निम्नलिखित
में से कौन-सा ओम के नियम का पालन नहीं करता?
(A) ताँबे का तार
(B) एल्यूमिनियम का तार
(C) डायोड
(D) धातु चालक
✅ उत्तर: (C) डायोड
व्याख्या:
डायोड एक Non-Ohmic Device है, अर्थात इसका V-I संबंध रैखिक (Linear) नहीं होता। इसलिए यह ओम के नियम का पालन नहीं करता। जबकि सामान्य धातु
चालक नियत ताप पर ओम के नियम का पालन करते हैं। यह प्रश्न SSC एवं RRB परीक्षाओं में कई बार पूछा जा चुका है।
Q60. निम्नलिखित
में से कौन-सा कथन सही है?
(A) ओम का नियम सभी उपकरणों
पर लागू होता है।
(B) किरचॉफ का प्रथम नियम
ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है।
(C) EMF का SI मात्रक वोल्ट है।
(D) खुले परिपथ में धारा
प्रवाहित होती है।
✅ उत्तर: (C) EMF का SI
मात्रक वोल्ट है।
व्याख्या:
EMF का SI मात्रक वोल्ट होता है। ओम का नियम केवल ओमिक चालकों पर लागू होता
है, सभी उपकरणों पर नहीं। किरचॉफ का प्रथम नियम आवेश
संरक्षण पर आधारित है, जबकि खुले परिपथ में धारा
प्रवाहित नहीं होती। इसलिए विकल्प (C) सही उत्तर है।

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